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Sun, Oct 11, 2026Updated 8:19 AM IST
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बक्सर: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर भड़के पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी, मुख्य चुनाव आयुक्त से मांगा तत्काल इस्तीफा

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बिहार के बक्सर जिले से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। बक्सर के पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी, जिन्हें लोग मुन्ना तिवारी के नाम से अधिक जानते हैं, ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति को लेकर केंद्र सरकार तथा भारत निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को अवैधानिक करार देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त से तत्काल अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है। पूर्व विधायक के इस बयान के बाद बिहार और खासकर बक्सर के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची का जो विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) किया जा रहा है, वह पूरी तरह से अवैधानिक है। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया में नियमों और कानूनों का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि मतदाता सूची किसी भी लोकतंत्र की बुनियाद होती है और यदि इसी में अनियमितताएं या अवैधानिक कदम उठाए जाएंगे, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सीधा सवाल खड़ा होगा। मुन्ना तिवारी ने मांग की है कि इस पुनरीक्षण प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए और इसे पूर्ण रूप से पारदर्शी तथा कानून सम्मत बनाया जाए।

मुन्ना तिवारी ने केवल मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर ही सवाल नहीं उठाए, बल्कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी गंभीर संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति जिस प्रकार से की गई है, वह प्रक्रिया भी विवादों से घिरी हुई है। पूर्व विधायक का कहना है कि एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव आयोग के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि उसके शीर्ष पदों पर होने वाली नियुक्तियां पूरी तरह से पारदर्शी हों और उनमें किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव या हस्तक्षेप की गुंजाइश न हो। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान नियुक्ति प्रक्रिया इन मानकों पर खरी नहीं उतरती है।

इन सभी मुद्दों को आधार बनाते हुए बक्सर के पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है। उनका तर्क है कि जब तक चुनाव आयोग के शीर्ष नेतृत्व पर ही सवाल उठ रहे हैं और उनकी नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर संदेह व्यक्त किया जा रहा है, तब तक आम जनता और राजनीतिक दलों का चुनाव आयोग पर से विश्वास डगमगा जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थानों की गरिमा और स्वायत्तता बनी रहे, जिसके लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को संवेदनशील और जवाबदेह होना चाहिए।

पूर्व विधायक ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को चुनाव आयोग की स्वायत्तता में कोई हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) एक ऐसा विषय है जिसका सीधा संबंध हर नागरिक के मताधिकार से है। यदि इस प्रक्रिया में कोई भी खामी रह जाती है, तो इससे लाखों मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। मुन्ना तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और इस अवैधानिक प्रक्रिया को जारी रखा गया, तो इसके खिलाफ व्यापक स्तर पर विरोध किया जाएगा।

बता दें कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण समय-समय पर चुनाव आयोग द्वारा कराया जाता है ताकि सूची में मृत मतदाताओं, फर्जी नामों और स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम हटाए जा सकें और नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़े जा सकें। हालांकि, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर कई बार राजनीतिक दलों और नेताओं द्वारा सवाल उठाए जाते रहे हैं। विभिन्न राज्यों में जब भी ऐसी प्रक्रिया शुरू होती है, तो विपक्षी दल अक्सर इसमें धांधली या राजनीतिक लाभ लेने के आरोप लगाते हैं। बक्सर में पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी का यह बयान भी उसी राजनीतिक परिदृश्य का हिस्सा माना जा रहा है।

बक्सर जिला बिहार की राजनीति में हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है। यहां के राजनीतिक घटनाक्रमों का असर पूरे राज्य की राजनीति पर पड़ता है। पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग और SIR प्रक्रिया को अवैधानिक बताए जाने के बाद अब देखना यह होगा कि चुनाव आयोग या केंद्र सरकार की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं। फिलहाल, इस मुद्दे ने बक्सर सहित बिहार के राजनीतिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है। मतदाता सूची की शुद्धता और चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता जैसे संवैधानिक मुद्दों पर उठाए गए ये सवाल आने वाले दिनों में और अधिक सुर्खियों में रह सकते हैं।