Thu, 08 Oct 20265:02 PM
Thu, Oct 8, 2026Updated 5:02 PM IST
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BRABU मुजफ्फरपुर: हॉस्टल आवंटन पर लिखित आश्वासन के बाद 8वें दिन खत्म हुई छात्रों की भूख हड़ताल, अधिकारियों ने पिलाया जूस

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मुजफ्फरपुर। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) और लंगट सिंह कॉलेज में छात्र अधिकारों तथा हॉस्टल आवंटन सहित दस सूत्री मांगों को लेकर पिछले आठ दिनों से चल रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल बुधवार को समाप्त हो गई। विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता के बाद हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने और अन्य मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का लिखित आश्वासन दिया गया। इस आश्वासन के बाद अधिकारियों ने हड़ताली छात्रों को जूस पिलाकर उनका उपवास तुड़वाया। यह घटनाक्रम विश्वविद्यालय परिसर में छात्र आंदोलन के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, जिसने प्रशासन और छात्रों के बीच जारी गतिरोध को समाप्त किया है।

छात्रों की यह भूख हड़ताल विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में छात्र सुविधाओं और अधिकारों से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर शुरू की गई थी। आंदोलनकारी छात्रों की मुख्य मांगों में हॉस्टल आवंटन में पारदर्शिता और समयबद्धता सबसे प्रमुख थी। इसके अलावा, छात्रों ने कुल दस सूत्री मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौंपा था, जिसमें शैक्षणिक सुधार, आधारभूत संरचना का विकास और छात्र कल्याण से जुड़े अन्य मुद्दे शामिल थे। लगातार आठ दिनों तक चले इस अनिश्चितकालीन उपवास के दौरान छात्रों ने अपनी मांगों पर अड़े रहने का संकल्प दोहराया था, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ा था। बुधवार को हुई निर्णायक वार्ता में इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई और अंततः सहमति बन पाई।

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन में स्पष्ट किया गया है कि हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू की जाएगी। यह प्रक्रिया नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी ताकि योग्य छात्रों को समय पर आवासीय सुविधा उपलब्ध हो सके। साथ ही, बाकी बची हुई मांगों को भी चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई गई है। प्रशासन ने स्वीकार किया है कि छात्रों की कुछ मांगें तत्काल पूरी करना संभव नहीं है, लेकिन उन्हें प्राथमिकता के आधार पर एक निश्चित समय सीमा के भीतर निपटाने की योजना बनाई जाएगी। इस लिखित आश्वासन ने छात्रों के मन में व्याप्त संशय को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वे अपना आंदोलन समाप्त करने के लिए सहमत हुए।

हड़ताल समाप्त होने के अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी मौजूद रहे और उन्होंने स्वयं हड़ताली छात्रों को जूस पिलाकर उनका उपवास तुड़वाया। यह कदम प्रशासन की ओर से छात्रों के स्वास्थ्य और उनकी मांगों के प्रति संवेदनशीलता दर्शाने वाला माना जा रहा है। लंबे समय तक भूख हड़ताल पर रहने के कारण कई छात्रों की तबीयत बिगड़ने की भी सूचनाएं मिली थीं, ऐसे में चिकित्सकीय देखरेख में उपवास समाप्त कराना आवश्यक था। अधिकारियों द्वारा जूस पिलाने की रस्म ने आंदोलन के समापन को एक औपचारिक और सौहार्द्रपूर्ण रूप दिया, जिससे भविष्य में संवाद बनाए रखने की उम्मीद जगी है।

लंगट सिंह कॉलेज और बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में छात्र संगठनों ने इस समझौते को अपनी जीत बताया है। छात्र नेताओं का कहना है कि यदि प्रशासन लिखित आश्वासन के अनुसार कार्रवाई नहीं करता है, तो वे पुनः आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष है कि वे छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए यथासंभव शीघ्रता से मांगों को पूरा करने का प्रयास करेंगे। हॉस्टल आवंटन जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सहमति बनना विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए अत्यंत आवश्यक था, क्योंकि आवासीय समस्या के कारण कई छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।

इस आठ दिवसीय आंदोलन ने यह भी स्पष्ट किया है कि छात्र अब अपनी मांगों को लेकर अधिक मुखर और संगठित हैं। प्रशासन के लिए यह एक संकेत है कि छात्र कल्याण और शैक्षणिक गुणवत्ता से जुड़े मुद्दों पर ठोस कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है। लिखित आश्वासन के बाद अब निगरानी की जिम्मेदारी छात्र संगठनों और विश्वविद्यालय प्रशासन दोनों की है। आने वाले दिनों में हॉस्टल आवंटन की वास्तविक प्रगति और अन्य मांगों पर हुई बातचीत का क्रियान्वयन ही यह तय करेगा कि यह समझौता कितना कारगर साबित होता है। फिलहाल, बुधवार को भूख हड़ताल समाप्त होने से विश्वविद्यालय परिसर में सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद है और शैक्षणिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना व्यक्त की जा रही है।