बड़वानी पुलिस ने आयोजित की सर्व समाज विचार संगोष्ठी, त्योहारों में शांति और डीजे के शोर पर नियंत्रण को लेकर बनी सहमति

बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में आगामी त्योहारों, धार्मिक जुलूसों और सामाजिक रैलियों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से बड़वानी पुलिस ने एक बड़ी सर्व समाज विचार संगोष्ठी का आयोजन किया। यह महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार रात स्थानीय होटल जलसा रिसोर्ट में आयोजित की गई, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस संगोष्ठी में पूर्व गृह मंत्री, सांसद समेत लगभग 400 लोग शामिल हुए, जिन्होंने जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और त्योहारों के दौरान आपसी सौहार्द सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की।
वंदे भारत न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, बड़वानी पुलिस द्वारा आयोजित इस सर्व समाज विचार संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य आने वाले दिनों में पड़ने वाले विभिन्न धार्मिक और सामाजिक त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था को बनाए रखना था। बैठक में पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे त्योहारों और धार्मिक जुलूसों के दौरान संयम और शांति का मार्ग अपनाएं। इस मौके पर पूर्व गृह मंत्री और क्षेत्र के सांसद की उपस्थिति ने बैठक को एक बड़ा जनसरोकार का रूप दिया। दोनों ही वरिष्ठ नेताओं ने समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि त्योहार भाईचारे और प्रेम का संदेश देते हैं, इसलिए इन्हें पूरी शांति के साथ मनाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
इस संगोष्ठी में सबसे अहम मुद्दा डीजे (DJ) के तेज शोर को नियंत्रित करने का रहा। पिछले कुछ समय से त्योहारों और जुलूसों के दौरान डीजे के अत्यधिक तेज शोर को लेकर आम जनता और प्रशासन के बीच कई बार असुविधा की स्थिति उत्पन्न होती रही है। इस समस्या को देखते हुए बैठक में शामिल सभी पक्षों, समाजसेवियों, धर्मगुरुओं और जनप्रतिनिधियों के बीच इस बात पर व्यापक सहमति बनी कि डीजे के शोर पर सख्ती से नियंत्रण रखा जाएगा। सहमति के अनुसार, धार्मिक जुलूसों और सामाजिक रैलियों में डीजे का उपयोग निर्धारित ध्वनि मानकों के भीतर ही किया जाएगा, ताकि बुजुर्गों, मरीजों, छात्रों और आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय और राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
लगभग 400 लोगों की इस भारी उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि बड़वानी जिले का समाज शांति और सौहार्द को लेकर पूरी तरह जागरूक और प्रतिबद्ध है। बैठक में विभिन्न समाजों के प्रमुखों, व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों, युवा वर्ग और महिला संगठनों की सदस्याओं ने भी अपने-अपने विचार रखे। सभी ने एक स्वर में कहा कि त्योहारों का वास्तविक आनंद तभी है जब पूरा समाज मिलकर बिना किसी भय या तनाव के उन्हें मनाए। प्रतिभागियों ने पुलिस प्रशासन के इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की विचार संगोष्ठियां समाज और पुलिस के बीच विश्वास का सेतु बनाने का काम करती हैं।
बड़वानी पुलिस ने बैठक में उपस्थित सभी लोगों से यह भी अनुरोध किया कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाए जाने वाली किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। त्योहारों के दौरान अक्सर कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करके भ्रामक जानकारी और सांप्रदायिक तनाव फैलाने का प्रयास करते हैं। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति या समूह जानबूझकर माहौल खराब करने या शांति भंग करने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी और संबंधित अधिनियमों के तहत सख्त प्रावधान लागू किए जाएंगे।
पूर्व गृह मंत्री और सांसद ने अपने संबोधन में बड़वानी जिले की ऐतिहासिक शांति परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लोगों ने हमेशा आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस संगोष्ठी में बनी सहमति का पालन जमीनी स्तर पर भी पूरी निष्ठा से किया जाएगा। दोनों नेताओं ने पुलिस प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे स्वयं अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करेंगे और प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।
संगोष्ठी के अंत में बड़वानी पुलिस की ओर से आगामी त्योहारों के लिए जारी किए गए दिशानिर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई। इन दिशानिर्देशों में जुलूस के मार्ग, समय सीमा, हथियार ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध और ट्रैफिक व्यवस्था से जुड़े नियम शामिल थे। पुलिस ने बताया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष गश्त दल तैनात रहेंगे। होटल जलसा रिसोर्ट में गुरुवार रात हुई यह सर्व समाज विचार संगोष्ठी बड़वानी जिले में आगामी त्योहारी सीजन को लेकर प्रशासन और समाज के बीच समन्वय का एक सफल प्रयास साबित हुई। अब देखना यह होगा कि बैठक में डीजे के शोर को रोकने और शांति बनाए रखने पर बनी सहमति का क्रियान्वयन किस प्रकार होता है।

