बठिंडा कोर्ट परिसर में सरपंच के पति और शिकायतकर्ता के बीच झड़प, मोबाइल फोन तोड़कर सबूत मिटाने का आरोप

बठिंडा। पंजाब के बठिंडा जिले की अदालत में एक बार फिर हंगामे का माहौल देखने को मिला है। बठिंडा जिले के गांव कालझरानी की वर्तमान सरपंच और आम आदमी पार्टी की पूर्व जिला महिला विंग अध्यक्ष सतवीर कौर सिद्धू से जुड़े एक कथित रिश्वत मामले में नया विवाद सामने आ गया है। इस मामले में शिकायतकर्ता की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि अदालत परिसर में ही उन पर हमला किया गया और उनके पास मौजूद महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट करने की नियोजित कोशिश की गई। यह पूरी घटना 10 अक्टूबर को बठिंडा कोर्ट परिसर में हुई बताई जा रही है, जिसके बाद से इस मामले ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर सुर्खियां बटोरी हैं।
शिकायतकर्ता जतिंदर सिंह ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि 10 अक्टूबर को जब वह बठिंडा कोर्ट परिसर में मौजूद थे, तभी सरपंच सतवीर कौर सिद्धू के पति नरोतम सिंह ने उन पर अचानक हमला कर दिया। जतिंदर सिंह के मुताबिक, इस हमले का मुख्य उद्देश्य उन्हें डराना और उनके पास मौजूद सबूतों को खत्म करना था। शिकायतकर्ता ने बताया कि नरोतम सिंह ने हमला करने के बाद उनका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे वहीं तोड़ दिया। जतिंदर सिंह का दावा है कि उनके उस टूटे हुए मोबाइल फोन में सरपंच सतवीर कौर सिद्धू के खिलाफ कथित रिश्वत मामले से जुड़े कई अहम सबूत सुरक्षित थे। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि मोबाइल फोन को जानबूझकर इसलिए तोड़ा गया ताकि उसके अंदर मौजूद उनकी पत्नी यानी सरपंच के खिलाफ सभी डिजिटल साक्ष्य पूरी तरह से नष्ट हो सकें और आगे चलकर किसी भी जांच या कानूनी प्रक्रिया में उनका इस्तेमाल न किया जा सके।
कोर्ट परिसर में हुई इस झड़प और हंगामे ने वहां मौजूद अन्य लोगों, वकीलों और पेशी पर आए लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। अदालत परिसर जैसे संवेदनशील और सुरक्षित स्थान पर इस प्रकार की हिंसक घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस घटनाक्रम के बाद पुलिस प्रशासन की ओर से क्या ठोस कार्रवाई की गई है या इस संबंध में कोई औपचारिक प्राथमिकी दर्ज की गई है या नहीं। शिकायतकर्ता जतिंदर सिंह ने अपने साथ हुई इस घटना को लेकर जो बातें कही हैं, वे सीधे तौर पर सबूतों से छेड़छाड़ और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने के दायरे में आती हैं।
यह पूरा मामला बठिंडा जिले के गांव कालझरानी की सरपंच सतवीर कौर सिद्धू से जुड़े एक कथित रिश्वत कांड से निकलकर सामने आया है। सतवीर कौर सिद्धू केवल एक ग्राम पंचायत की मुखिया ही नहीं हैं, बल्कि उनकी राजनीतिक पहचान आम आदमी पार्टी की पूर्व जिला महिला विंग अध्यक्ष के रूप में भी रही है। ऐसे में उनके और उनके परिवार पर लग रहे ये आरोप राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गए हैं। कथित रिश्वत मामले में पहले से ही शिकायत दर्ज थी, और अब कोर्ट परिसर में हुई इस घटना ने मामले को और अधिक पेचीदा बना दिया है।
शिकायतकर्ता जतिंदर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, नरोतम सिंह का व्यवहार पूरी तरह से नियोजित था। मोबाइल फोन छीनना और उसे तोड़ देना कोई साधारण कहासुनी का परिणाम नहीं, बल्कि सबूत मिटाने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है। आज के समय में मोबाइल फोन किसी भी कानूनी मामले में सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्यों का भंडार माने जाते हैं। ऐसे में शिकायतकर्ता का यह कहना कि फोन में मौजूद डेटा को नष्ट करने के लिए ही उसे तोड़ा गया, मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है।
वहीं, दूसरी तरफ सरपंच सतवीर कौर सिद्धू या उनके पति नरोतम सिंह की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या खंडन सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने इन आरोपों का जवाब देने के लिए कोई कानूनी कदम उठाया है या नहीं। चूंकि यह घटना 10 अक्टूबर को हुई थी, इसलिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बठिंडा पुलिस और न्यायिक प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है।
अदालत परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी यह घटना सवाल खड़े करती है। पंजाब में पिछले कुछ समय से अदालत परिसरों में सुरक्षा को लेकर कई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं। बठिंडा कोर्ट परिसर में हुई इस घटना के बाद वकीलों और वादकारों में भी असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है।
कुल मिलाकर, गांव कालझरानी की सरपंच और आप की पूर्व जिला महिला विंग अध्यक्ष सतवीर कौर सिद्धू से जुड़ा यह कथित रिश्वत मामला अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। शिकायतकर्ता जतिंदर सिंह के आरोपों ने इस मामले को केवल भ्रष्टाचार के इर्द-गिर्द नहीं, बल्कि सबूतों को नष्ट करने और कोर्ट परिसर में मारपीट जैसे गंभीर आयामों तक खींच लाया है। आने वाले दिनों में इस मामले की जांच और कानूनी कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी। वंदे भारत न्यूज इस मामले में सभी पक्षों की स्थिति और आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है।

