Fri, 09 Oct 20264:39 PM
Fri, Oct 9, 2026Updated 4:39 PM IST
होम › मध्य प्रदेश

बुरहानपुर: मंडी सचिव अनुराग रघुवंशी पर हमले के विरोध में कर्मचारियों का प्रदर्शन, काली पट्टी बांधकर सुरक्षा की मांग; आरोपी अब भी फरार

WhatsAppFacebookX

बुरहानपुर। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में शुक्रवार को मंडी कर्मचारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बेगमगंज मंडी के सचिव अनुराग रघुवंशी पर हुए हमले के विरोध में आयोजित किया गया था। कर्मचारियों ने मंडी कार्यालय के मुख्य गेट पर इकट्ठा होकर अपनी नाराजगी जाहिर की और प्रशासन से मंडी अधिकारियों तथा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। इस दौरान सभी कर्मचारियों ने अपनी भुजाओं पर काली पट्टी बांध रखी थी, जो उनके विरोध और असंतोष का प्रतीक थी।

शुक्रवार को हुए इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मंडी कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कर्मचारियों का कहना है कि मंडी सचिव अनुराग रघुवंशी पर हुआ हमला किसी एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि यह पूरी मंडी व्यवस्था और वहां कार्य करने वाले समस्त कर्मचारियों की सुरक्षा पर सीधा प्रश्नचिह्न है। कर्मचारियों ने स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि मंडी परिसरों में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को ठोस और जरूरी कदम तत्काल उठाने चाहिए। उनका मानना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया, तो भविष्य में ऐसे मामले और बढ़ सकते हैं, जिससे मंडी की नियमित कार्यप्रणाली प्रभावित होगी।

बता दें कि बेगमगंज मंडी के सचिव अनुराग रघुवंशी पर हाल ही में हमला किया गया था। इस घटना के बाद से मंडी कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। कर्मचारियों ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारियों के साथ खड़े हैं। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन से अपील की कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। काली पट्टी बांधकर किए गए इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य यही था कि प्रशासन और शासन तक उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताएं पहुंच सकें और उन्हें न्याय मिल सके।

इस पूरे मामले में एक अत्यंत चिंताजनक पहलू यह भी सामने आया है कि सचिव अनुराग रघुवंशी पर हमला करने वाला आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। आरोपी के फरार होने से मंडी कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। कर्मचारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए ताकि पीड़ित मंडी सचिव और अन्य कर्मचारियों को न्याय मिल सके। आरोपी की गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर भी कर्मचारियों ने अपना असंतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि जब तक आरोपी पकड़ा नहीं जाता, तब तक कर्मचारियों के मन से डर और असुरक्षा की भावना खत्म नहीं होगी।

मंडी परिसर आम जनता, किसानों, व्यापारियों और मजदूरों के आने-जाने का स्थान होता है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग कृषि उपज की खरीदी-बिक्री के लिए आते हैं। ऐसे खुले वातावरण में कार्य करने वाले मंडी अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती होती है। कर्मचारियों ने प्रदर्शन के दौरान इस बात पर भी जोर दिया कि मंडी परिसरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए। उन्होंने मांग की कि मंडी में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, सुरक्षा गार्डों की तैनाती की जाए और प्रवेश द्वारों पर उचित निगरानी व्यवस्था स्थापित की जाए, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व मंडी परिसर में घुसकर अधिकारियों या कर्मचारियों को नुकसान न पहुंचा सके।

बेगमगंज मंडी सचिव पर हुए इस हमले की खबर जैसे ही अन्य मंडियों तक पहुंची, वैसे ही कर्मचारियों में एकजुटता देखने को मिली। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को मुख्य रूप से बुरहानपुर की बेगमगंज मंडी के कार्यालय गेट पर ही प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया और किसी प्रकार की अनुशासनहीनता नहीं होने दी। उनका लक्ष्य केवल प्रशासन का ध्यान अपनी सुरक्षा समस्याओं की ओर आकर्षित करना था।

वंदे भारत न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपनी ड्यूटी और मंडी के कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी सुरक्षा को लेकर प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे आगे भी इसी तरह विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।

फिलहाल, बुरहानपुर पुलिस और जिला प्रशासन से इस मामले में त्वरित कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। मंडी कर्मचारियों की मांग है कि आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी हो और मंडी परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक स्पष्ट नीति बनाई जाए। जब तक आरोपी फरार है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होते, तब तक मंडी कर्मचारियों का यह विरोध और काली पट्टी बांधकर की गई मांग प्रशासन के लिए एक गंभीर संदेश बनी हुई है।