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Mon, Oct 12, 2026Updated 6:10 PM IST
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छतरपुर: सड़क पर अचानक आए बंदर को बचाने में तेज रफ्तार ई-रिक्शा पलटा, चालक और सवारी घायल; सीसीटीवी में कैद हुआ हादसा

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वन्दे भारत न्यूज़ डेस्क। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुशनगर क्षेत्र से एक बेहद हैरान करने वाला सड़क हादसे का मामला सामने आया है। सोमवार दोपहर के समय लवकुशनगर की पुरानी तहसील के समीप एक तेज रफ्तार ई-रिक्शा उस वक्त अनियंत्रित होकर पलट गया, जब सड़क पर अचानक एक बंदर आ गया। चालक ने बंदर को बचाने के प्रयास में ई-रिक्शा पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके परिणामस्वरूप यह दुर्घटना घटित हुई। इस हादसे में ई-रिक्शा चालक और उसमें बैठी एक सवारी को चोटें आई हैं। इस पूरे घटनाक्रम को पास में ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे ने अपने फुटेज में कैद कर लिया है, जो अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार दोपहर के समय की है। छतरपुर जिले का लवकुशनगर कस्बा आम दिनों की तरह अपनी गतिविधियों में व्यस्त था। पुरानी तहसील के पास से गुजरने वाली सड़क पर यातायात की सामान्य आवाजाही जारी थी। इसी दौरान एक ई-रिक्शा तेज रफ्तार से इस मार्ग से गुजर रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ई-रिक्शा की गति निर्धारित सीमा से अधिक बताई जा रही है। अचानक सड़क के बीचों-बीच एक बंदर दौड़ता हुआ आ गया। बंदर के इतनी तेजी से रास्ते में आ जाने से ई-रिक्शा चालक के पास वाहन को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त समय नहीं बचा।

चालक ने बंदर से टक्कर होने से बचाने के लिए अचानक स्टीयरिंग घुमाने और ब्रेक लगाने का प्रयास किया। हालांकि, ई-रिक्शा की तेज रफ्तार के कारण यह प्रयास विफल रहा और हल्का वाहन संतुलन खोकर सड़क पर ही पलट गया। दुर्घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोगों को कुछ समझने का अवसर नहीं मिला। ई-रिक्शा पलटने के बाद उसमें सवार व्यक्ति और चालक दोनों नीचे गिर गए, जिससे वे घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई और बचाव कार्य में जुट गए।

स्थानीय लोगों की मदद से सबसे पहले पलटे हुए ई-रिक्शा को सीधा किया गया और उसके नीचे दबे चालक तथा सवारी को बाहर निकाला गया। बताया जा रहा है कि इस दुर्घटना में ई-रिक्शा चालक को चोटें आई हैं, जबकि उसमें बैठी एक सवारी भी घायल हुई है। घायलों की पहचान और उनकी चोटों की गंभीरता के बारे में अभी तक विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। स्थानीय लोगों द्वारा घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई।

इस पूरी घटना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि हादसे का पूरा घटनाक्रम पुरानी तहसील के पास स्थित एक सीसीटीवी कैमरे में स्पष्ट रूप से कैद हो गया है। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किस प्रकार ई-रिक्शा तेज गति से आ रहा था और अचानक सड़क पर भागते हुए बंदर को देखकर चालक ने उसे बचाने का प्रयास किया, जिसके बाद वाहन पलट गया। यह फुटेज अब सोशल मीडिया और स्थानीय समाचार माध्यमों में तेजी से प्रसारित हो रहा है। फुटेज के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि दुर्घटना का मुख्य कारण बंदर का अचानक सड़क पर आना और ई-रिक्शा की तेज रफ्तार थी।

लवकुशनगर जैसे कस्बाई क्षेत्रों में ई-रिक्शा यातायात का एक प्रमुख और सुलभ साधन बन चुके हैं। हालांकि, इन वाहनों की बढ़ती संख्या के साथ ही यातायात नियमों के उल्लंघन और तेज रफ्तार से चलाने की समस्याएं भी लगातार सामने आ रही हैं। ई-रिक्शा संरचनात्मक रूप से हल्के होते हैं और उनका गुरुत्वाकर्षण केंद्र ऊंचा होता है, जिसके कारण तेज गति पर मोड़ लेते समय या अचानक ब्रेक लगाने पर उनके पलटने का खतरा काफी अधिक रहता है। सोमवार को हुए इस हादसे ने एक बार फिर ई-रिक्शा की सुरक्षा और उनकी गति सीमा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जानवरों, विशेषकर आवारा कुत्तों और बंदरों के सड़कों पर अचानक आ जाने की घटनाएं आम हैं, लेकिन ऐसी घटनाओं में यदि वाहन की गति नियंत्रित हो तो बड़ी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुरानी तहसील के आसपास का क्षेत्र काफी व्यस्त रहता है और यहां पैदल चलने वालों के साथ-साथ जानवरों की भी आवाजाही होती रहती है। ऐसे में वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

फिलहाल, इस मामले में लवकुशनगर पुलिस द्वारा कोई औपचारिक प्राथमिकी दर्ज किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि घायल चालक या सवारी की स्थिति वर्तमान में कैसी है और उनका उपचार किस अस्पताल में चल रहा है। वन्दे भारत न्यूज़ स्वतंत्र रूप से इन घायलों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति या पुलिस कार्रवाई की पुष्टि नहीं करता है। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और यातायात पुलिस से ई-रिक्शा चालकों की गति और सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती बरतने की अपेक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियंत्रित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।