छत्तीसगढ़ के कोरबा में एसईसीएल (SECL) गेवरा माइंस में हंगामा: अनधिकृत प्रवेश और काम ठप करने से ₹1 करोड़ का भारी नुकसान

कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलकोल्डफिल्ड लिमिटेड (SECL) की गेवरा परियोजना में सुरक्षा और कामकाज में बाधा डालने का एक बड़ा मामला सामने आया है। गेवरा माइंस में बिना अनुमति के प्रवेश कर लगभग 30 से 35 लोगों की भीड़ ने खनन कार्य, ओवरबर्डन और कोयला परिवहन को पूरी तरह से बाधित कर दिया, जिससे कंपनी को लगभग 1 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 27.10.2026 को दोपहर लगभग 12:15 बजे अजय जयसवाल, कमलेश कुमार प्रजापति, आनंद मसीह, मधुसूदन दास समेत लगभग 30-35 अन्य लोग एसईसीएल के गेवरा माइंस क्षेत्र में जबरन घुस आए। इन लोगों ने सुरक्षा क्षेत्र में पहुंचकर न सिर्फ कोयला और ओवरबर्डन ढोने वाले वाहनों की आवाजाही रोकी, बल्कि भारी-भरकम खनन मशीनों को भी जबरन बंद करा दिया।
इस दौरान सुजीत दास महंत, राज कुमार पटवा, अनिल कुमार और मनीष कुमार समेत अन्य लोगों ने कंपनी के कर्मचारियों को धमकाया और दोपहर 12:15 बजे से शाम 05:00 बजे तक जबरन काम बंद करवा दिया।
राष्ट्रीय क्षति और आर्थिक प्रभाव:
शिकायत में यह भी बताया गया है कि गेवरा माइंस एक प्रतिबंधित औद्योगिक क्षेत्र है, जहाँ बिना बाहरी अनुमति के प्रवेश वर्जित है। इसके बावजूद आरोपियों ने नियमों को ताक पर रखकर सुरक्षा क्षेत्र में हंगामा किया। चूंकि कोल इंडिया देश के अधिकांश उद्योगों को ऊर्जा प्रदान करती है, ऐसे में इस तरह की अवैध बाधाएं सीधे तौर पर राष्ट्र की आर्थिक व्यवस्था को प्रभावित करती हैं।
पुलिस कार्रवाई:
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी गई है। कंपनी प्रबंधन ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

