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Sun, Oct 11, 2026Updated 10:00 AM IST
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चित्रकूट में झूरी नदी में गिरी बोलेरो, दो तीर्थयात्रियों की मौत: कानपुर से मैहर जा रहे थे श्रद्धालु, पैदल यात्रियों ने बचाई जान

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वन्दे भारत न्यूज़। मध्य प्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट थाना क्षेत्र में रविवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। इस दुर्घटना में एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर झूरी नदी में जा गिरा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा रविवार सुबह करीब तीन बजे का है। इस दर्दनाक घटना में वाहन में सवार दो तीर्थयात्रियों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि सभी तीर्थयात्री उत्तर प्रदेश के कानपुर से मैहर की धार्मिक यात्रा पर जा रहे थे।

प्राप्त विवरण के मुताबिक, कानपुर से मैहर की ओर जा रही बोलेरो गाड़ी में कुल छह तीर्थयात्री सवार थे। रविवार तड़के करीब तीन बजे चित्रकूट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मार्ग पर यह वाहन अचानक संतुलन खो बैठा और सीधे झूरी नदी में जा गिरा। रात का समय होने और अंधेरे के कारण हादसे के तुरंत बाद बचाव कार्य में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। नदी में गिरते ही वाहन में सवार सभी छह तीर्थयात्री पानी में डूबने लगे और चीख-पुकार मच गई।

इस हादसे में सबसे राहत की बात यह रही कि उसी समय वहां से गुजर रहे कुछ पैदल श्रद्धालुओं ने वाहन के नदी में गिरने की आवाज सुनी और घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। बिना अपनी जान की परवाह किए इन पैदल श्रद्धालुओं ने तुरंत झूरी नदी के ठंडे पानी में उतरकर बचाव अभियान शुरू कर दिया। स्थानीय श्रद्धालुओं की इस साहसिक और त्वरित कार्रवाई के कारण वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकाला जा सका। पैदल चलकर धार्मिक यात्रा कर रहे इन श्रद्धालुओं की मदद के बिना इस हादसे में जानमाल का नुकसान और अधिक भयावह हो सकता था।

श्रद्धालुओं द्वारा नदी से बाहर निकाले गए घायलों में से दो तीर्थयात्रियों ने दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान और अन्य व्यक्तिगत विवरणों की पुष्टि अभी तक पूरी तरह से नहीं हो पाई है। वहीं, घायल हुए चार अन्य तीर्थयात्रियों को इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों के अनुसार, घायलों की हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार प्रदान किया जा रहा है।

हादसे की सूचना मिलते ही चित्रकूट थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और नदी से बोलेरो वाहन को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की। चित्रकूट थाना क्षेत्र में हुई इस घटना को लेकर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे के सटीक कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, रात के अंधेरे में चालक को नींद आना या वाहन के नियंत्रण में तकनीकी खराबी इस दुर्घटना का कारण हो सकती है, हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

यह मार्ग उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों, विशेषकर मैहर और चित्रकूट जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख मार्ग है। कानपुर से मैहर की दूरी काफी लंबी है और तीर्थयात्री अक्सर रात के समय भी यात्रा करते हैं ताकि वे सुबह तक अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। ऐसे में रात के समय लंबी दूरी की यात्रा करते हुए चालकों की थकान और उनींदापन कई बार बड़े हादसों का कारण बन जाता है। झूरी नदी का यह क्षेत्र भी दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।

इस हादसे के बाद पीड़ित परिवारों में शोक का माहौल है। कानपुर से निकले श्रद्धालुओं का समूह मैहर में माता शारदा के दर्शन करने के उद्देश्य से जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही यह अप्रिय घटना घट गई। स्थानीय ग्रामीणों और पैदल श्रद्धालुओं ने जिस प्रकार तत्परता दिखाते हुए नदी में उतरकर लोगों की जान बचाई, उनकी इस बहादुरी की हर तरफ सराहना हो रही है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। चित्रकूट थाना पुलिस ने आम जनता और वाहन चालकों से अपील की है कि रात के समय यात्रा करते हुए विशेष सावधानी बरतें और यदि थकान महसूस हो तो वाहन रोककर विश्राम करें, ताकि इस प्रकार के जानलेवा हादसों को रोका जा सके। फिलहाल, घायलों का इलाज जारी है और पुलिस द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।