चंदौली में सावित्रीबाई फुले राजकीय महाविद्यालय के छात्रों का प्रदर्शन, 90% विद्यार्थियों के फेल होने का आरोप


चंदौली, उत्तर प्रदेश। चकिया तहसील स्थित सावित्रीबाई फुले राजकीय महाविद्यालय में बीए प्रथम सेमेस्टर के छात्रों ने को-करिकुलर विषय की परीक्षा और उसके परिणाम को लेकर नाराजगी जताई। छात्रों का आरोप है कि इस विषय में करीब 90 प्रतिशत विद्यार्थी अनुत्तीर्ण हुए हैं। मामले को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष जांच और दोबारा परीक्षा कराने की मांग उठाई है।
नियमित पढ़ाई और शिक्षक की व्यवस्था पर सवाल
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि को-करिकुलर विषय की नियमित पढ़ाई और शिक्षक की समुचित व्यवस्था के बिना परीक्षा कराई गई। ऐसे में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के फेल होने पर उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। छात्रों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बैक परीक्षा शुल्क और लेन-देन के आरोप
छात्रों ने बैक परीक्षा के नाम पर 700 रुपये शुल्क लिए जाने पर भी नाराजगी जताई। इसके अलावा, कुछ छात्रों ने बैक परीक्षा में पास कराने के नाम पर कथित लेन-देन के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। छात्रों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
एसडीएम को ज्ञापन देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
छात्रों के मुताबिक, उन्होंने अपनी शिकायत एसडीएम को ज्ञापन के माध्यम से दी थी, लेकिन उनके अनुसार अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे विद्यार्थियों में नाराजगी बढ़ गई है। छात्रों की प्रमुख मांग है कि परीक्षा परिणाम की जांच कराई जाए और आवश्यकता पड़ने पर दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए।
परीक्षा प्रभारी ने स्वीकार की बड़ी संख्या में छात्रों के फेल होने की बात
मामले में परीक्षा प्रभारी डॉ. मिथिलेश सिंह ने भी को-करिकुलर विषय में लगभग 90 प्रतिशत छात्रों के अनुत्तीर्ण होने की बात स्वीकार की है। अब विश्वविद्यालय की परीक्षा काउंसिल की बैठक में इस मामले पर चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है। छात्रों की निगाहें बैठक में होने वाले निर्णय पर टिकी हैं।
फिलहाल, छात्र मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने और दोबारा परीक्षा कराने की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय और संबंधित अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।
बाइट: डॉ. मिथिलेश सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर; आलोक कुमार, छात्र; दिनेश चौहान, छात्र।
रिपोर्ट: सतीश तिवारी, ब्यूरो चीफ, चंदौली | वंदे भारत न्यूज़

