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Sun, Oct 11, 2026Updated 12:18 PM IST
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चंडीगढ़ पुलिस में 11 ORP DSP को नियमित करने पर DPC ने लगाई मुहर, DGP सागर प्रीत हुड्डा फाइल लेकर पहुंचे दिल्ली; कांस्टेबलों को भी मिलेगा प्रमोशन

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चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस विभाग में पदोन्नति को लेकर लंबे समय से चल रही प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठाया गया है। शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (DPC) की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में चंडीगढ़ पुलिस के 11 ऑफ-रैंक प्रमोशन (ORP) डीएसपी (DSP) को नियमित करने संबंधी प्रस्ताव पर आधिकारिक तौर पर मुहर लगा दी गई है। यह जानकारी वंदे भारत न्यूज़ को प्राप्त हुई है। इस निर्णय से चंडीगढ़ पुलिस बल में उन अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है, जो काफी समय से अपनी नियमित पदोन्नति का इंतजार कर रहे थे।

इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से और तेजी से संपन्न कराने के लिए चंडीगढ़ पुलिस के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) सागर प्रीत हुड्डा ने व्यक्तिगत रूप से पहल की। डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा खुद इन 11 डीएसपी की नियमित पदोन्नति से जुड़ी सभी संबंधित फाइलें लेकर दिल्ली पहुंचे थे। डीपीसी की बैठक में उन्होंने इन फाइलों को रखा और अधिकारियों की सेवाओं तथा उनके कार्यकाल का ब्योरा प्रस्तुत किया। डीजीपी के इस व्यक्तिगत हस्तक्षेप और निगरानी के कारण ही डीपीसी की बैठक में प्रस्ताव पर सहमति बन सकी और 11 डीएसपी को नियमित करने की मंजूरी मिल पाई।

ऑफ-रैंक प्रमोशन (ORP) की प्रक्रिया पुलिस विभाग में एक विशेष व्यवस्था होती है। इसके तहत किसी अधिकारी या कर्मचारी को उसके मौजूदा ग्रेड या रैंक से बाहर जाकर, यानी अगली श्रेणी में पदोन्नत किया जाता है, जबकि वह उस पदोन्नति के लिए निर्धारित सामान्य वरिष्ठता क्रम में न भी हो। हालांकि, ऐसे ओआरपी अधिकारियों को बाद में नियमित करने के लिए डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी यानी डीपीसी की स्वीकृति अनिवार्य होती है। शुक्रवार को दिल्ली में हुई इसी डीपीसी की बैठक में इन 11 डीएसपी के ओआरपी प्रमोशन को नियमित करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया और अंततः इसे मंजूरी दे दी गई। अब इन 11 अधिकारियों को नियमित डीएसपी के रूप में काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी सेवा शर्तों और भविष्य की पदोन्नति के रास्ते भी स्पष्ट हो जाएंगे।

डीपीसी की इस बैठक में केवल डीएसपी स्तर के अधिकारियों की पदोन्नति पर ही मुहर नहीं लगी, बल्कि चंडीगढ़ पुलिस के निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए भी अच्छी खबर सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ पुलिस विभाग में कार्यरत कांस्टेबलों को भी प्रमोशन दिया जाएगा। कांस्टेबल स्तर पर पदोन्नति की यह प्रक्रिया पुलिस बल के जवानों के मनोबल को बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है। पुलिस विभाग में कांस्टेबल रैंक के कर्मचारी सबसे बुनियादी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते हैं। उन्हें ऊपरी रैंक में पदोन्नत किए जाने से विभाग में अनुभव और दक्षता का बेहतर उपयोग हो सकेगा। हालांकि, कांस्टेबलों की पदोन्नति की विस्तृत सूची या इसमें शामिल होने वाले कर्मचारियों की सटीक संख्या के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया गया है।

चंडीगढ़ पुलिस एक केंद्र शासित प्रदेश की पुलिस इकाई है और इसकी प्रशासनिक प्रक्रियाएं सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय और संबंधित उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में संचालित होती हैं। पदोन्नति से जुड़े मामलों में अक्सर दिल्ली स्थित उच्च स्तरीय समितियों की बैठकों की आवश्यकता पड़ती है। शुक्रवार को हुई यह डीपीसी बैठक इसी प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा थी। डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा द्वारा स्वयं फाइलें लेकर दिल्ली जाना यह दर्शाता है कि चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के सेवा संबंधी मामलों को लेकर कितना गंभीर और सक्रिय है।

इस पदोन्नति प्रक्रिया के पूरे होने से चंडीगढ़ पुलिस विभाग के संगठनात्मक ढांचे को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। 11 डीएसपी के नियमित होने से विभाग में नेतृत्व की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और कानून व्यवस्था के रखरखाव में और अधिक कुशलता आएगी। वहीं, कांस्टेबलों को मिलने वाले प्रमोशन से पुलिस लाइन में उत्साह का माहौल है। जवानों का मानना है कि उनकी मेहनत और सेवा को प्रशासन द्वारा सराहा जा रहा है।

वंदे भारत न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, डीपीसी की मंजूरी मिलने के बाद अब औपचारिक आदेश जारी होने की प्रक्रिया शुरू होगी। संबंधित अधिकारियों को उनकी नई नियमित जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। हालांकि, आधिकारिक अधिसूचना कब तक जारी होगी, इस बारे में अभी कोई निश्चित तिथि सामने नहीं आई है। चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय से जैसे ही इस संबंध में कोई औपचारिक आदेश जारी होगा, पदोन्नत होने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके नए पदों पर तैनाती दी जाएगी। फिलहाल, डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा की इस पहल और डीपीसी की मंजूरी को चंडीगढ़ पुलिस विभाग के लिए एक सकारात्मक और महत्वपूर्ण प्रशासनिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।