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Mon, Oct 12, 2026Updated 3:04 PM IST
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चंडीगढ़ पुलिस ने ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत आयोजित किया कबड्डी टूर्नामेंट, गोरखा रेजीमेंट ने जीती ट्रॉफी; SSP कंवरदीप कौर ने खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला

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चंडीगढ़। वंदे भारत न्यूज़। चंडीगढ़ पुलिस की ओर से समाज में नशे की बढ़ती समस्या को रोकने और युवाओं को खेलों की दिशा में प्रेरित करने के उद्देश्य से एक विशेष कबड्डी टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। यह टूर्नामेंट पुलिस के महत्वपूर्ण अभियान ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ के तहत आयोजित किया गया था। इस प्रतियोगिता में कुल 16 टीमों ने हिस्सा लिया और अपनी शारीरिक क्षमता तथा खेल भावना का प्रदर्शन किया। टूर्नामेंट के अंत में गोरखा रेजीमेंट की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। इस अवसर पर चंडीगढ़ पुलिस की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कंवरदीप कौर भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं और उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

चंडीगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित इस कबड्डी टूर्नामेंट का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे की लत से दूर रखना और उन्हें खेल-कूद से जोड़ना था। पुलिस प्रशासन की ओर से युवाओं को स्पष्ट संदेश दिया गया कि वे नशे से दूर रहकर खेलों से जुड़ें और अपने परिवार के साथ-साथ शहर एवं देश का नाम रोशन करें। ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान चंडीगढ़ पुलिस की एक व्यापक पहल है, जिसके तहत नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और युवाओं को सही रास्ते पर लाने के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में पारंपरिक खेल कबड्डी को चुना गया, ताकि युवाओं में ऊर्जा और अनुशासन का संचार हो सके।

इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमों ने प्रतिभाग किया। इन टीमों ने मैदान पर जबरदस्त जोश और खेल भावना का परिचय दिया। कबड्डी जैसे संपर्क खेल में खिलाड़ियों ने अपनी ताकत, फुर्ती और रणनीति का बेहतरीन प्रदर्शन किया। दर्शकों ने भी इस प्रतियोगिता का भरपूर आनंद लिया और खिलाड़ियों का लगातार उत्साहवर्धन करते रहे। सभी मैचों में कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जिससे टूर्नामेंट का स्तर काफी ऊंचा रहा। अंततः, गोरखा रेजीमेंट की टीम ने अपने शानदार और अनुशासित प्रदर्शन के बल पर सभी प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए इस टूर्नामेंट की विजेता बनने का गौरव हासिल किया। गोरखा रेजीमेंट की इस जीत ने साबित कर दिया कि अनुशासन और कड़ी मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

टूर्नामेंट के दौरान चंडीगढ़ पुलिस की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कंवरदीप कौर ने शिरकत की। उनके आगमन से खिलाड़ियों और आयोजकों में विशेष उत्साह देखा गया। SSP कंवरदीप कौर ने इस अवसर पर उपस्थित युवाओं और खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य को बर्बाद करता है, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को भी गहरे संकट में डाल देता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों और खेलों में लगाएं। कंवरदीप कौर ने विजेता गोरखा रेजीमेंट की टीम और अन्य सभी प्रतिभागी टीमों की सराहना की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

चंडीगढ़ पुलिस का ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में रहा है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि केवल कानूनी कार्रवाई से नशे की समस्या को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए सामाजिक जागरूकता और युवाओं के बीच वैकल्पिक गतिविधियों का सृजन करना अत्यंत आवश्यक है। खेलकूद के आयोजन इसी रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जब युवा खेलों से जुड़ते हैं, तो उनका शारीरिक और मानसिक विकास होता है। इसके अलावा, खेल उन्हें टीम वर्क, अनुशासन, समय प्रबंधन और हार-जीत को सम्मानपूर्वक स्वीकार करने जैसे महत्वपूर्ण जीवन मूल्य सिखाते हैं। यही कारण है कि चंडीगढ़ पुलिस नियमित रूप से ऐसे आयोजनों का हिस्सा बनती है और युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास करती है।

इस कबड्डी टूर्नामेंट ने स्थानीय समुदाय में भी सकारात्मक संदेश दिया है। आयोजन में शामिल हुए लोगों और दर्शकों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की। कई अभिभावकों ने भी इस बात पर खुशी व्यक्त की कि पुलिस प्रशासन युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेलों का सहारा ले रहा है। इस तरह के आयोजनों से पुलिस और जनता के बीच आपसी विश्वास और तालमेल भी मजबूत होता है।

टूर्नामेंट के समापन के बाद विजेता गोरखा रेजीमेंट की टीम और अन्य प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। SSP कंवरदीप कौर ने विजेता टीम को बधाई दी और सभी खिलाड़ियों से कहा कि वे इसी तरह खेलों से जुड़े रहें। उन्होंने दोहराया कि युवाओं को नशे से दूर रहकर खेलों से जुड़ना चाहिए और अपने परिवार के साथ शहर व देश का नाम रोशन करना चाहिए। चंडीगढ़ पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत भविष्य में भी इस प्रकार के खेल आयोजन और जागरूकता कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे, ताकि समाज को नशे के खिलाफ एक मजबूत और एकजुट मोर्चा बनाया जा सके।