BJP और कांग्रेस ने 2014 में इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए। 12 साल में बीजेपी के 88 लाख और कांग्रेस के 1.3 करोड़ फॉलोअर्स हुए हैं। लेकिन महज 5 दिन पहले बनी कॉकरोच जनता पार्टी, यानी CJP ने इन दोनों आंकड़ों को छोटा साबित कर दिया।
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CJP ने अब तक डेढ़ करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स जुटा लिए हैं। हर घंटे करीब 5 लाख फॉलोअर्स बढ़ रहे हैं। ये प्लेटफॉर्म चीफ जस्टिस सूर्यकांत के उस बयान के बाद खड़ा हुआ, जिसमें उन्होंने बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी।
क्या है कॉकरोच जनता पार्टी, इसके पीछे किन लोगों का हाथ और क्या वाकई ये पार्टी कोई बड़ा बदलाव ला पाएगी; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में…
सवाल-1: कॉकरोच जनता पार्टी है क्या? जवाबः ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ एक व्यंगात्मक ऑनलाइन कैंपेन है…
- 15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच सीनियर एडवोकेट का दर्जा पाने की मांग वाली याचिका सुन रही थी।
- LiveLaw के मुताबिक, CJI सूर्यकांत ने कहा, ‘कॉकरोच की तरह ऐसे युवा हैं, जिन्हें इस पेशे में रोजगार नहीं मिल रहा है। इनमें से कुछ मीडिया, कुछ सोशल मीडिया और कुछ RTI और दूसरे तरह के एक्टिविस्ट बन रहे हैं। ये हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।’
- बयान पर हंगामा मचा, तो अगले दिन जस्टिस सूर्यकांत ने सफाई दी, ‘मीडिया के एक वर्ग ने मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया। मैंने खास तौर पर उन लोगों की आलोचना की थी, जो फर्जी डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे पेशों में आ गए हैं। मीडिया, सोशल मीडिया और दूसरे सम्मानित पेशों में भी ऐसे लोग घुस आए हैं। ये परजीवियों जैसे हैं।’
- 16 मई को X पर एक गूगल फॉर्म जारी हुआ। इसमें ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ लिखी एक तस्वीर के साथ कैप्शन था- ‘सभी कॉकरोचों के लिए एक नया प्लेटफॉर्म शुरू किया जा रहा है। अगर आप जॉइन करना चाहते हैं, तो लिंक पर क्लिक करें।
- पार्टी जॉइन करने के लिए 4 जरूरी योग्यताएं बताई गईं- ‘अनइम्प्लॉइड, लेजी, क्रॉनिकली ऑनलाइन, एबिलिटी टू रैंट प्रोफेशनली।’
- 16 मई को ही कॉकरोच जनता पार्टी का ऑफिशियल X हैंडल- @CJP_2029, पार्टी की वेबसाइट cockroachjantaparty.org और इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया गया। इसके बाद लोग लगातार CJP से जुड़ रहे हैं।

21 मई की शाम तक यानी महज 5 दिनों में कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टा फॉलोअर्स ने बीजेपी और कांग्रेस को भी पीछे छोड़ दिया है। CJP के इंस्टाग्राम पर गुरुवार शाम 5 बजे तक 1.49 करोड़ फॉलोअर्स हो गए। जबकि कांग्रेस के करीब 1.33 करोड़, बीजेपी के 88 लाख और AAP के 19 लाख फॉलोअर्स हैं।
CJP औपचारिक रूप से चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड राजनीतिक दल नहीं है। इसकी वेबसाइट पर व्यंग्य में लिखा गया है कि ये कॉकरोचिस्तान के नो इलेक्शन कमीशन पर कॉकरोच एक्ट के तहत एक नॉन-रजिस्टर्ड पार्टी है। 30 साल के अभिजीत दीपके ने खुद को इसका फाउंडर बताया है।

अभिजीत ने 20 मई को ये तस्वीर पोस्ट की, जिसमें दिखाया गया है कि सिर्फ 4 दिन में कॉकरोच जनता पार्टी ने इंस्टाग्राम पर बीजेपी से ज्यादा फॉलोअर्स जुटा लिए।
सवाल-2: अभिजीत दीपके कौन हैं और क्या उनका कोई पॉलिटिकल कनेक्शन है? जवाबः 30 साल के अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल वो अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं।
अभिजीत 2020 से 2022 तक केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट रहे हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अभिजीत AAP के लिए वायरल मीम बेस्ड ऑनलाइन प्रचार का मटेरियल बनाते थे।
अभिजीत AAP के IT सेल के चीफ अंकित लाल को रिपोर्ट करते थे। एक इंटरव्यू में अभिजीत ने बताया कि उन्होंने निजी जिंदगी और आर्थिक स्थिरता के लिए AAP छोड़कर बोस्टन यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया था। एडमिशन मिल गया, तो वे अमेरिका शिफ्ट हो गए। किसान आंदोलन से लेकर महंगाई जैसे राजनीतिक मुद्दों पर अभिजीत X अकाउंट पर केंद्र सरकार और पीएम पर निशाना साधते रहे हैं।

अभिजीत ने खुद को कॉकरोच जनता पार्टी का अकेला फाउंडर बताया है।
सवाल-3: आखिर इंटरनेट पर लोग कॉकरोच जनता पार्टी को पसंद क्यों कर रहे हैं? जवाबः 3 बड़ी वजहें हैं-
1. सोशल मीडिया पर यूथ से जुड़ी कंटेंट स्ट्रैटेजी
- कॉकरोज जनता पार्टी के हैंडल्स पर जो कंटेंट डाला जा रहा, उससे यूथ कनेक्ट हो रहा है। प्लेटफॉर्म ने ‘वन इमोजी चैलेंज’ शुरू किया। फॉलोअर्स से कहा गया कि वे अपने अकाउंट के बायो में कॉकरोच का इमोजी लगाएं।
- फॉलोअर्स के साथ कोलैब करके रील और पोस्ट शेयर किए। #cockroachjantaparty ट्रेंड शुरू किया, जिस पर 5 लाख से ज्यादा पोस्ट हुए।
- CJP के लॉन्च के बाद कई पत्रकारों, सोशल मीडिया पर एक्टिव अच्छे फॉलोअर बेस वाले यूजर्स, नेताओं और आम युवाओं ने इसे प्रमोट किया। अभिजीत ने भी कई मीडिया संस्थानों को इंटरव्यू दिए।
2. CJP के लॉन्च की परफेक्ट टाइमिंग
- NEET पेपर लीक के मुद्दे के चलते युवाओं के एक बड़े वर्ग में निराशा और गुस्से का माहौल है। पेट्रोल, डीजल, गैस की कीमतें बढ़ने से भी लोगों में गुस्सा है।
- अभिजीत ने एक इंटरव्यू में बताया, ‘ CJI का बयान देखने के बाद मैंने X पर पूछा कि सब कॉकरोच एक साथ आ जाएं, तो क्या होगा। मुझे जेन-जी और 25 साल तक के युवाओं के कमाल के जवाब मिले। उन्होंने कहा कि हमें साथ आना चाहिए और एक प्लेटफॉर्म बनाना चाहिए। फिर क्या था, मैंने CJP बना ली।’
3. बेरोजगारी के चलते युवाओं में फ्रस्ट्रेशन
- नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो, यानी NCRB ने अपनी नई रिपोर्ट ‘एक्सीडेंटल डेथ्स एंड सुसाइड्स इन इंडिया-2024’ में बताया है कि रोजाना औसतन 40 छात्र सुसाइड कर लेते हैं।
- भारत में हर साल 80 लाख लोग ग्रेजुएट होते हैं। 15 से 29 साल के 40% और 25 से 29 साल के 20% ग्रेजुएट बेरोजगार हैं। ये आंकड़े अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की ‘स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया रिपोर्ट-2026’ के हैं।
- मेटा, अमेजन जैसी बड़ी कंपनियां लोगों को नौकरी से निकाल रही हैं। मार्च में ओरेकल ने 30 हजार कर्मचारियों को निकाला था, जिनमें से 12 हजार भारतीय थे।
अभिजीत कहते हैं,
मैं ये नहीं कहूंगा कि ये सब मैंने हासिल किया है। यूथ के अंदर कई सालों से जो निराशा और गुस्सा पल रहा है, वही इतने बड़े रिएक्शन की वजह है। सरकार की नाकामियों की वजह से युवा बेरोजगार है। उन्हें एक मंच मिला, जहां पर वो अपनी निराशा और गुस्सा निकाल सकते हैं।

सवाल-4: कॉकरोच जनता पार्टी का एजेंडा क्या है? जवाबः CJP का फिलहाल कोई सीरियस घोषित एजेंडा नहीं है। उसने अपने मैनिफेस्टो में 5 वादे किए हैं-
- अगर CJP सरकार में आती है, तो किसी भी रिटायर्ड चीफ जस्टिस को राज्यसभा जाने का रिवॉर्ड नहीं मिलेगा।
- अगर कोई वैध वोट डिलीट किया जाएगा, तो मुख्य चुनाव आयुक्त को UAPA में गिरफ्तार किया जाएगा, क्योंकि किसी का वोटिंग राइट छीनना आतंकवाद से कम नहीं।
- महिलाओं के लिए 50% का आरक्षण होगा, न कि 33%। इसके लिए सांसदों की संख्या भी नहीं बढ़ाई जाएगी। कैबिनेट में भी महिलाओं के लिए 50% आरक्षण होगा।
- अंबानी और अडाणी के सभी मीडिया संस्थानों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे, ताकि वास्तव में स्वतंत्र मीडिया को जगह मिल सके। ‘गोदी मीडिया’ एंकरों के बैंक अकाउंट्स की जांच कराई जाएगी।
- अगर कोई विधायक या सांसद दलबदल कर दूसरी पार्टी में जाता है, तो उसके चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगाई जाएगी। उसे अगले 20 साल तक किसी भी पब्लिक ऑफिस में पद नहीं दिया जाएगा।
सवाल-5: क्या इससे पहले भी ऑनलाइन कैंपेन से पार्टियां बनी हैं, उनका क्या हुआ? जवाबः भारत में अभी तक किसी ऑनलाइन कैंपेन या मूवमेंट से भारत में कोई राजनीतिक पार्टी उभर कर नहीं आई है। हालांकि दुनिया में इसके 3 बड़े उदाहरण हैं…
1. फाइव स्टार मूवमेंट, इटली
- 2000 के दशक में इटली में आर्थिक मंदी पर थी। 2005 में इटली के स्टैंडअप कॉमेडियन बेपे ग्रिलो ने एक ब्लॉग शुरु किया और जनता से जुड़े।
- 8 सितंबर 2007 को बेपे ने V-Day यानी ‘Vaffanculo Day’ का आयोजन किया। इटैलियन शब्द ‘Vaffanculo’ असल में अश्लील गाली है, जिसका हिंदी में मतलब निकलता है- ‘भाड़ में जाओ’।

V-डे के दिन इटली के बोलोग्ना शहर में भाषण देते बेपे ग्रिलो।
- इस कैंपेन के समर्थन में इटली के सैकड़ों शहरों में लाखों युवा सड़कों पर उतर आए। इनकी मांग थी- ‘सारे पुराने नेताओं को बाहर करो।’
- 2009 में बेपे ग्रिलो ने इस कैंपेन को ‘फाइव स्टार मूवमेंट’ नाम की राजनीतिक पार्टी में बदल दिया।
- इसे 2014 में इसे अपने पहले चुनाव में ही 21.16 % वोट हासिल हुए। फिर 2018 में पार्टी को 32.68% वोट मिले। इसी पार्टी से निकले नेता ज्यूसेपे कोंटे 2018 में इटली के प्रधानमंत्री बने।
2. पोलिश बीयर लवर्स पार्टी, पोलैंड
- 1989 में पोलैंड में कम्युनिस्ट शासन के खात्मे के बाद एक तरह का पॉलिटिकल वैक्यूम पनपा।1990 में पॉपुलर सटायरिस्ट और टीवी होस्ट जानुज रेविंस्की ने एक टीवी शो में मजाक के तौर पर ‘पोलिश बीयर लवर्स पार्टी’ की घोषणा कर दी।
- उन्होंने कहा, ‘हम वोदका की जगह बीयर पीने के कल्चर को बढ़ावा देंगे। बीयर पीने से लोग आपस में लड़ेंगे नहीं, बल्कि शांति से बैठकर राजनीति पर बात करेंगे।’ जल्द ही ये एक बड़ा कैंपेन बन गया।
- 1991 में ‘बीयर मग’ के चुनाव निशान के साथ ‘पोलिश बीयर लवर्स पार्टी’ ने संसदीय चुनाव लड़ा। पार्टी को 3.2% वोट और 16 सीटें मिली। फाउंडर जानुज रेविंस्की खुद सांसद बने।
3. बेस्ट पार्टी, आइसलैंड
- 2008 की ग्लोबल मंदी के दौरान आइसलैंड के सभी बड़े बैंक डूब गए थे। 2009 में पॉपुलर कॉमेडियन, एक्टर और म्यूजिशियन जों ग्नार ने ‘बेस्ट पार्टी’ बनाई।
- इनका चुनावी घोषणापत्र मजाकिया था। जैसे- ‘हम स्विमिंग पूल में फ्री तौलिया देंगे, पोलर बियर को चिड़ियाघर में लाएंगे। एयरपोर्ट पर डिजनीलैंड बनाएंगे।’
- बेस्ट पार्टी ने 2010 में आइसलैंड की राजधानी रेक्याविक के लोकल बॉडी इलेक्शन में हिस्सा लिया। बेस्ट पार्टी को सबसे ज्यादा 34.7% वोट मिले और ‘जों ग्नार’ मेयर बन गए।

जों ग्नार 2014 तक रेक्याविक के मेयर रहे थे।
सवाल-6: क्या वाकई CJP असली पार्टी बनकर कोई बड़ा बदलाव ला पाएगी? जवाबः CJP फिलहाल कोई ऑफिशियली रजिस्टर्ड पॉलिटिकल पार्टी या ऑर्गेनाइजेशन नहीं है। औपचारिक चुनावी राजनीति के लिए CJP को चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा।
अभिजीत के बयानों से ऐसा लगता है कि फिलहाल उनका इरादा औपचारिक राजनीतिक दल बनाने का नहीं, बल्कि सरकारी नीतियों को लेकर सरकार के खिलाफ एक्टिविज्म जारी रखने का है। अभिजीत के ये बयान पढ़िए-
- ‘मैं भ्रम में नहीं हूं, मुझे पता है कि ये कैंपेन कुछ ही दिनों में खत्म हो सकता है।’
- ‘हम किसी भी पार्टी, खासतौर पर BJP के साथ अलायंस नहीं करेंगे। अगर विपक्षी नेता हमें पब्लिकली सपोर्ट करना चाहते हैं तो ठीक है, लेकिन हम किसी मौजूदा पार्टी स्ट्रक्चर से जुड़ने में दिलचस्पी नहीं रखते।’
- ‘नेपाल और बांग्लादेश के जेन-जी आंदोलनों से तुलना करके भारत के जेन-जी को कम न आंकें और न ही उनका अपमान करें। इस देश के युवा कहीं ज्यादा मैच्योर, जागरूक और राजनीतिक तौर पर सजग हैं। वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करवाएंगे। ये युवा उन नेताओं से भी कहीं ज्यादा पढ़े-लिखे और जानकार हैं, जो लोग अभी सरकार चला रहे हैं।’
इधर 21 मई की दोपहर करीब 12 बजे CJP के X अकाउंट पर रोक लगाई गई है। अभिजीत ने कहा है कि जैसी आशंका थी, वैसा ही हुआ। हालांकि उन्होंने दूसरा X अकाउंट बनाया, जिसमें 2 घंटे में ही 30 हजार फॉलोवर्स हो गए।
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रिसर्च सहयोग- उत्कर्ष राज
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