धमतरी में अवैध रेत परिवहन पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई: दो दिन में 15 वाहन जब्त, छह महीने में वसूला गया 1.18 करोड़ रुपये का जुर्माना

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में अवैध रेत उत्खनन और इसके अवैध परिवहन के विरुद्ध प्रशासन ने अपनी कार्रवाई को और अधिक तेज कर दिया है। खनिज विभाग की टीम द्वारा पिछले दो दिनों में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान भारी मात्रा में अवैध रेत परिवहन करते पाए गए वाहनों को जब्त किया गया है। विभाग की इस सघन जांच कार्यवाही में महज 48 घंटों के भीतर 10 ट्रैक्टर और 5 हाईवा वाहनों को सीज किया गया है। यह कार्रवाई जिले में खनिज माफियाओं और अवैध परिवहनकर्ताओं के खिलाफ प्रशासन की बढ़ती सख्ती का स्पष्ट संकेत है।
खनिज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह अभियान जिला प्रशासन के निर्देशन और खनिज अधिकारियों की निगरानी में चलाया जा रहा है। टीम ने गुप्त सूचना और फील्ड सर्वेक्षण के आधार पर उन स्थानों को चिह्नित किया जहां से बड़े पैमाने पर अवैध रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा था। दो दिनों तक चली इस लगातार कार्रवाई में जब्त किए गए सभी 15 वाहनों (10 ट्रैक्टर और 5 हाईवा) को नियमानुसार सीज कर आगामी वैधानिक कार्रवाई के लिए सुरक्षित स्थान पर खड़ा करा दिया गया है। इन वाहनों के चालकों और मालिकों के विरुद्ध खनिज अधिनियम और संबंधित प्रावधानों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि धमतरी जिले में अवैध रेत खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन पिछले कई महीनों से निरंतर प्रयासरत है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बीते छह महीनों के दौरान जिले में अवैध रेत परिवहन और उत्खनन के मामलों में कुल 1.18 करोड़ रुपये का राजस्व जुर्माना वसूला गया है। यह राशि राज्य सरकार के खजाने में जमा कराई गई है और यह दर्शाती है कि प्रशासन न केवल वाहनों को जब्त कर रहा है, बल्कि आर्थिक दंड के माध्यम से भी अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों पर नकेल कस रहा है। छह महीने में एक करोड़ से अधिक की जुर्माना राशि वसूलना इस बात का प्रमाण है कि जिले में अवैध खनन का कारोबार किस स्तर पर व्याप्त था और अब उस पर कैसे शिकंजा कसा जा रहा है।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि अवैध रेत खनन से न केवल सरकारी राजस्व की हानि होती है, बल्कि इससे नदियों, तालाबों और पर्यावरण को भी अपूरणीय क्षति पहुंचती है। साथ ही, ओवरलोडेड वाहनों के संचालन से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ता है और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान होता है। इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए खनिज विभाग ने अपनी निगरानी व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त किया है। विभाग की टीमें अब केवल मुख्य मार्गों पर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण अंचलों और उन कच्चे रास्तों पर भी नजर रख रही हैं जिनका उपयोग अक्सर अवैध परिवहनकर्ता प्रशासन से बचने के लिए करते हैं।
जिले में चलाए जा रहे इस अभियान की सफलता के पीछे विभाग की समन्वित रणनीति है। पहले जहां कार्रवाई मुख्य रूप से शिकायतों पर आधारित थी, वहीं अब प्रोएक्टिव एप्रोच अपनाते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त और चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। दो दिनों में 15 वाहनों की जब्ती इसी बदली हुई रणनीति का परिणाम है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान किसी विशेष अवधि तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध खनन पर पूर्णतः रोक लगने तक इसे निरंतर जारी रखा जाएगा। जो भी व्यक्ति या समूह भविष्य में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया जाएगा, उसके विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के सख्ततम कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी को अपने क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन या परिवहन की जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल खनिज विभाग या जिला प्रशासन को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी के बिना अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाना संभव नहीं है। सामुदायिक जागरूकता और प्रशासनिक सख्ती के द्विआयामी दृष्टिकोण से ही धमतरी जिले को अवैध खनन मुक्त बनाया जा सकता है।
वर्तमान में जब्त किए गए वाहनों के मामलों की सुनवाई और जुर्माने की निर्धारण प्रक्रिया चल रही है। खनिज अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, दोषी पाए जाने पर वाहन मालिकों पर भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा और वाहनों को लंबे समय तक सीज रखा जा सकता है। कुछ मामलों में आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की भी कार्रवाई प्रस्तावित है। 1.18 करोड़ रुपये की अब तक की वसूली और हालिया जब्ती से यह स्पष्ट है कि धमतरी प्रशासन अवैध रेत माफियाओं के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति पर अडिग है। आने वाले दिनों में इस अभियान को और विस्तार दिए जाने की संभावना है, ताकि खनन क्षेत्र में पूर्ण पारदर्शिता और वैधानिक अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

