दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिसिया कार्रवाई को लेकर भड़के अरविंद केजरीवाल, कहा- मोदी जी का तांडव हिटलर से भी आगे निकला; मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ प्रधानमंत्री को भी देना पड़ेगा इस्तीफा

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि शनिवार को जो तांडव किया गया, उसके बाद ऐसा न हो कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपने पद से इस्तीफा देना पड़े। केजरीवाल ने विवादित बयान देते हुए यह भी कहा कि मोदी जी का तांडव हिटलर से भी आगे निकल गया है।
शनिवार को दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्रवाई की, जिसके बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस पुलिसिया कार्रवाई पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने वाले लोगों के खिलाफ जिस तरह की कार्रवाई की गई, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के पूरी तरह खिलाफ है। केजरीवाल ने इस पूरे मामले की जिम्मेदारी सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग पर मढ़ी है।
अरविंद केजरीवाल ने अपनी प्रतिक्रिया में बेहद सख्त भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि शनिवार को जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हुआ, उसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। केजरीवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तांडव के परिणाम गंभीर होंगे और ऐसा न हो कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ-साथ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस्तीफा देने की नौबत आ जाए। उन्होंने इस कार्रवाई की तुलना तानाशाही से करते हुए कहा कि मोदी जी का तांडव हिटलर से भी आगे निकल गया है। हालांकि, उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
इस पूरे विवाद में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम आना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। केजरीवाल ने ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए उन पर भी निशाना साधा है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि इस पुलिसिया कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी अपने पद से हाथ धोना पड़ सकता है। केजरीवाल ने मांग की है कि जंतर-मंतर पर हुई इस घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
गौरतलब है कि दिल्ली का जंतर-मंतर देश की राजधानी में विरोध प्रदर्शनों और धरनों के लिए एक प्रमुख स्थल रहा है। यहां अक्सर विभिन्न मुद्दों को लेकर नागरिक और राजनीतिक दल अपनी आवाज बुलंद करते रहे हैं। शनिवार को हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई ने एक बार फिर से राजधानी में कानून-व्यवस्था और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर बहस छेड़ दी है। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इस कार्रवाई के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया है और इसे सरकार की तानाशाही रवैये का प्रतीक बताया है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शनिवार को जंतर-मंतर पर हुई इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अरविंद केजरीवाल के इस बयान के बाद राजनीतिक पारा और चढ़ गया है। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ओर से केजरीवाल के इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिसिया कार्रवाई किस विशिष्ट कारण से की गई और इसके पीछे प्रशासनिक दिशा-निर्देश क्या थे।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने अपने संबोधन में यह भी रेखांकित किया कि लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार हर नागरिक को प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इस मौलिक अधिकार का हनन कर रही है। केजरीवाल ने कहा कि जिस तरह से शनिवार को प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार किया गया, उससे पूरे देश में असुरक्षा का माहौल पैदा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को लेकर चुप नहीं बैठेगी और लोकतांत्रिक तरीके से इस अन्याय के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अरविंद केजरीवाल का यह बयान आने वाले समय में केंद्र सरकार और आम आदमी पार्टी के बीच टकराव को और बढ़ा सकता है। हिटलर से तुलना करने और इस्तीफे की मांग जैसे तीखे शब्दों के प्रयोग ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में ला दिया है। फिलहाल, दिल्ली पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से शनिवार की घटना पर कोई विस्तृत स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। वंदे भारत न्यूज इस खबर की पुष्टि करता है कि यह रिपोर्ट उपलब्ध स्रोतों और अरविंद केजरीवाल द्वारा दिए गए बयानों पर आधारित है। इस मामले में आगे क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

