दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए अब जिले में ही सुविधा; यवतमाल जिलाधिकारी का महत्वपूर्ण निर्णय


पुसद, पांढरकवड़ा, दारव्हा, वणी और उमरखेड में दिव्यांग प्रमाणपत्र की सुविधा; शासकीय अस्पताल में भीड़ कम करने की पहल
यवतमाल.
यवतमाल स्थित शासकीय अस्पताल में दिव्यांग प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए दिव्यांग नागरिकों की बढ़ती भीड़ और उन्हें होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए यवतमाल के जिलाधिकारी श्री विकास मीना ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिले के दिव्यांग नागरिकों को प्रमाणपत्र बनवाने के लिए बार-बार यवतमाल आने की आवश्यकता न पड़े तथा उनका समय, यात्रा खर्च और शारीरिक परेशानी कम हो, इस उद्देश्य से जिले के अन्य स्थानों पर भी यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
इस पहल के अंतर्गत पुसद, पांढरकवड़ा, दारव्हा, वणी और उमरखेड में दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे इन क्षेत्रों के दिव्यांग नागरिकों को प्रमाणपत्र के लिए यवतमाल स्थित शासकीय अस्पताल तक आने-जाने की परेशानी कम होगी।
दिव्यांग नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए दिव्यांग प्रमाणपत्र महत्वपूर्ण होता है। लेकिन प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए लंबी दूरी की यात्रा, अस्पतालों में भीड़ और लंबे समय तक प्रतीक्षा करने के कारण कई नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जिलाधिकारी द्वारा की गई इस पहल से नागरिकों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने में मदद मिलेगी।
दिव्यांग नागरिकों से अपील की गई है कि वे संबंधित केंद्र पर जाने से पहले प्रमाणपत्र वितरण की प्रक्रिया, चिकित्सकीय जांच के दिन, आवश्यक दस्तावेजों और समय-सारणी की जानकारी संबंधित शासकीय अस्पताल से प्राप्त कर लें।
दिव्यांग नागरिकों को सुगम और नजदीकी स्थान पर स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

