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Fri, Oct 9, 2026Updated 3:44 PM IST
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दतिया: राहुल और प्रियंका गांधी की हिरासत के विरोध में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, इंदरगढ़ में पुलिस से धक्का-मुक्की और CEC का पुतला जलाया

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दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले के इंदरगढ़ कस्बे में बुधवार शाम को युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लिए जाने के विरोध में आयोजित किया गया था। युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रवेंद्र गुर्जर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और उन्होंने केंद्र सरकार तथा भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ तीखी नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की घटना भी सामने आई, जिससे कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) का पुतला भी जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

बुधवार शाम को इंदरगढ़ के ग्वालियर चौराहे पर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता एकत्र हुए। जिला अध्यक्ष प्रवेंद्र गुर्जर ने इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जैसे ही राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने की खबर कार्यकर्ताओं तक पहुंची, वे संगठित होकर सड़क पर आ गए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर केंद्र की सत्तारूढ़ सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए। उनका आरोप था कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताने वाले नेताओं को हिरासत में लेना लोकतंत्र की हत्या के समान है और यह केंद्र सरकार की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है।

ग्वालियर चौराहे पर जब युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे थे, तभी वहां मौजूद पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चौराहे से हटने और शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन कार्यकर्ता अपने नेताओं की हिरासत से काफी आक्रोशित थे और वे पीछे हटने को तैयार नहीं थे। इसी दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। दोनों पक्षों के बीच हुई इस झड़प से इंदरगढ़ के ग्वालियर चौराहे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। हालांकि, बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया। स्रोत में धक्का-मुक्की के दौरान किसी के घायल होने या किसी की गिरफ्तारी की कोई पुष्ट सूचना उपलब्ध नहीं है।

इस प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी को और अधिक मुखर करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) का पुतला जलाया। पुतला दहन के जरिए कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और केंद्र सरकार के रवैये के खिलाफ अपना तीखा विरोध व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष रूप से काम करना चाहिए, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा होता नहीं दिख रहा है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने को कार्यकर्ताओं ने राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया।

युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रवेंद्र गुर्जर के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में इंदरगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के कई कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। स्रोत में अन्य किसी विशिष्ट नेता के नाम या उनके द्वारा दिए गए विस्तृत बयान का उल्लेख नहीं है। कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए केंद्र सरकार से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को तुरंत रिहा करने की मांग की। उनका स्पष्ट मत था कि बिना किसी ठोस कारण के विपक्ष के शीर्ष नेताओं को हिरासत में लेना संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

उल्लेखनीय है कि देश भर में कांग्रेस नेताओं की हिरासत को लेकर पार्टी के विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। दतिया जिले के इंदरगढ़ में हुआ यह प्रदर्शन उसी व्यापक विरोध का हिस्सा है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी विपक्ष की भूमिका में है और ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर अपने शीर्ष नेताओं की हिरासत को लेकर राज्य के स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। बुधवार शाम को हुए इस प्रदर्शन ने इंदरगढ़ में राजनीतिक गर्माहट बढ़ा दी है।

पुलिस प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। धक्का-मुक्की की घटना के बाद पुलिस ने एहतियातन चौराहे पर अपनी उपस्थिति बढ़ा दी थी ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने न पाए। प्रदर्शन के दौरान यातायात पर क्या असर पड़ा या चौराहे पर वाहनों की आवाजाही कितनी देर तक बाधित रही, इस संबंध में स्रोत में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

कुल मिलाकर, दतिया के इंदरगढ़ में बुधवार शाम को युवा कांग्रेस द्वारा किया गया यह प्रदर्शन राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी का स्पष्ट संकेत था। जिला अध्यक्ष प्रवेंद्र गुर्जर के नेतृत्व में ग्वालियर चौराहे पर हुई नारेबाजी, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकने की घटना ने इस विरोध को तेवरों को स्पष्ट रूप से सामने ला दिया। आगे चलकर इस मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा और क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन इंदरगढ़ में हुए इस प्रदर्शन ने स्थानीय राजनीति में हलचल जरूर पैदा कर दी है।