दतिया: राहुल-प्रियंका गांधी की हिरासत के विरोध में इंदरगढ़ में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस से हुई धक्का-मुक्की और CEC का पुतला जलाया

दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले के इंदरगढ़ क्षेत्र में बुधवार शाम को युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एक बड़ा प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी सांसद प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने के केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के फैसले के विरोध में आयोजित किया गया था। इस दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की घटना भी सामने आई। साथ ही, प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) का पुतला फूंककर अपना गुस्सा जाहिर किया।
युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष प्रवेंद्र गुर्जर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता इंदरगढ़ के ग्वालियर चौराहे पर एकत्र हुए। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी शुरू की, वहां तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने विरोध प्रदर्शन पर अड़े रहे और उन्होंने केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी बात रखते हुए नारेबाजी जारी रखी।
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रवेंद्र गुर्जर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मांग की कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत को तुरंत समाप्त किया जाए और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई को वापस लिया जाए।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) का पुतला भी जलाया। पुतला दहन के जरिए कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना तीखा विरोध दर्ज कराया। ग्वालियर चौराहे पर हुए इस प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ, क्योंकि कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर नारेबाजी कर रहे थे।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत का मामला देश भर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ा मुद्दा बन गया है। दतिया के इंदरगढ़ में हुए इस प्रदर्शन को भी उसी राष्ट्रीय स्तर के विरोध अभियान के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। युवा कांग्रेस ने इस मामले में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी विपक्ष जनता के मुद्दों को उठाने का प्रयास करता है, तो उसे हिरासत में लेकर चुप कराने की कोशिश की जाती है।
बुधवार शाम को हुए इस कार्यक्रम में युवा कांग्रेस के विभिन्न ब्लॉक और शहर से जुड़े कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रवेंद्र गुर्जर ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ती रहेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएं, लेकिन केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की ऐसी कार्रवाइयों के खिलाफ पीछे न हटें।
पुलिस प्रशासन ने इस प्रदर्शन को देखते हुए ग्वालियर चौराहे और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। धक्का-मुक्की की घटना के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने और यातायात को सुचारू बनाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
ज्ञात हो कि राहुल गांधी वर्तमान में संसद में नेता प्रतिपक्ष हैं और प्रियंका गांधी कांग्रेस की सांसद होने के साथ ही पार्टी की एक प्रमुख नेता हैं। इन दोनों वरिष्ठ नेताओं की हिरासत की खबर मिलते ही मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में कांग्रेस के विभिन्न संगठनों और प्रकोष्ठों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। दतिया जिले के इंदरगढ़ में युवा कांग्रेस द्वारा किया गया यह प्रदर्शन इसी श्रृंखला की एक कड़ी है।
इस पूरे घटनाक्रम में युवा कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को बिना किसी शर्त के रिहा नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया, तो वे आने वाले दिनों में और भी बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इंदरगढ़ में बुधवार शाम को हुआ यह प्रदर्शन स्थानीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

