दुर्ग में PDS चावल की जमाखोरी का पर्दाफाश: राजीव नगर से 24 क्विंटल सरकारी चावल जब्त, आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन कार्डधारियों को बांटे जाने वाले सरकारी चावल की अवैध जमाखोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में दुर्ग के राजीव नगर इलाके से भारी मात्रा में सरकारी चावल बरामद किया गया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो राशन कार्डधारियों को मिलने वाला सरकारी चावल खरीदकर अपने घर में अवैध रूप से भंडारण कर रहा था। छापेमारी के दौरान आरोपी के घर से 60 बोरियों में भरा हुआ कुल 24 क्विंटल सरकारी चावल जब्त किया गया है। यह घटना राज्य में संचालित खाद्य सुरक्षा योजनाओं की पारदर्शिता और राशन वितरण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्ग जिले के राजीव नगर क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के चावल की अवैध खरीद-फरोख्त और भंडारण किए जाने की सूचना प्रशासन और पुलिस को मिली थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त स्थान पर दबिश दी। जब अधिकारियों ने आरोपी के घर की तलाशी ली, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। घर के अंदर बड़ी संख्या में सरकारी चावल की बोरियां रखी हुई थीं। जांच में पाया गया कि आरोपी ने कुल 60 बोरियों में सरकारी चावल भरकर रखा हुआ था। इन 60 बोरियों में मौजूद चावल का कुल वजन 24 क्विंटल मापा गया। पुलिस ने मौके पर ही पूरे 24 क्विंटल चावल को जब्त कर लिया और आरोपी को हिरासत में लेते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपी राशन कार्डधारियों को बांटे जाने वाले सरकारी चावल को उनसे खरीद रहा था। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सरकार द्वारा निर्धारित उचित मूल्य की दुकानों (राशन दुकानों) से लाभार्थियों को जो चावल दिया जाता है, आरोपी उसी चावल को कार्डधारियों से हासिल कर रहा था। इसके बाद वह इस सरकारी चावल को अपने घर में बड़े पैमाने पर जमा कर रहा था। माना जा रहा है कि इस तरह जमा किए गए चावल को वह बाद में खुले बाजार में ऊंची कीमत पर बेचकर मुनाफा कमाने की फिराक में था। हालांकि, पुलिस की समय रहते की गई कार्रवाई ने उसके इस मंसूबे पर पानी फेर दिया।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का मुख्य उद्देश्य समाज के गरीब और जरूरतमंद वर्गों को रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें भोजन की कमी का सामना न करना पड़े। केंद्र और राज्य सरकारें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को प्रति माह निश्चित मात्रा में चावल और गेहूं देती हैं। लेकिन जब इसी व्यवस्था का दुरुपयोग कर सरकारी चावल की जमाखोरी की जाती है, तो इसका सीधा असर वास्तविक लाभार्थियों पर पड़ता है। दुर्ग के राजीव नगर में सामने आए इस मामले ने स्पष्ट कर दिया है कि कैसे कुछ लोग गरीबों के हिस्से के राशन पर अवैध तरीके से कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में वैशाली नगर सहित दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी पीडीएस चावल की जमाखोरी और अवैध भंडारण से जुड़ी शिकायतें और कार्रवाइयां चर्चा में रही हैं। प्रशासन लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए है। सरकारी राशन की कालाबाजारी और जमाखोरी करना आवश्यक वस्तु अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनों के तहत एक गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें भारी जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा भी शामिल हो सकती है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अब इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या आरोपी अकेले इस काम को अंजाम दे रहा था या इसके पीछे किसी बड़े गिरोह या नेटवर्क का हाथ है। यह भी जांचा जा रहा है कि आरोपी ने राशन कार्डधारियों से यह चावल किस दर पर खरीदा और क्या वह पहले भी इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल रहा है। इसके अलावा, इस बात की भी जांच की संभावना है कि क्या उचित मूल्य दुकानों के संचालकों की भी इस अवैध खरीद-फरोख्त में कोई मिलीभगत थी।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियानों को आगे भी जारी रखा जाएगा। जिले में राशन वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने तथा जमाखोरी रोकने के लिए नियमित रूप से छापेमारी की जाएगी। नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र में सरकारी राशन की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या जमाखोरी की कोई भी सूचना मिलती है, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस या खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को इसकी जानकारी दें। दुर्ग के राजीव नगर में 24 क्विंटल सरकारी चावल की जब्ती और आरोपी की गिरफ्तारी ने जिले में राशन माफियाओं के खिलाफ प्रशासन की सख्ती का स्पष्ट संदेश दिया है।

