Thu, 08 Oct 202611:57 AM
Thu, Oct 8, 2026Updated 11:57 AM IST
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दुर्ग: पीडीएस चावल की जमाखोरी का पर्दाफाश, राजीव नगर से 24 क्विंटल सरकारी अनाज जब्त; आरोपी गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गरीबों और पात्र कार्डधारियों को मिलने वाले सरकारी चावल की अवैध जमाखोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। दुर्ग पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर राजीव नगर क्षेत्र में छापेमारी की और एक व्यक्ति के घर से भारी मात्रा में सरकारी चावल बरामद किया है। पुलिस ने मौके से 60 बोरियों में भंडारण करके रखे गए कुल 24 क्विंटल चावल को जब्त किया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत विधि सम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब राज्य सरकार खाद्य सुरक्षा और राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर जोर दे रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्ग पुलिस को मुखबिरों से सूचना मिली थी कि राजीव नगर क्षेत्र में रहने वाला एक व्यक्ति सरकारी राशन दुकानों से मिलने वाले चावल को अवैध रूप से खरीदकर अपने आवास पर जमा कर रहा है। इस सूचना की पुष्टि होने पर पुलिस टीम ने वैशाली नगर और राजीव नगर क्षेत्र में संयुक्त रूप से दबिश दी। छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपी के घर में बड़े पैमाने पर सरकारी चावल का स्टॉक मिला। जांच में पाया गया कि आरोपी ने पात्र राशन कार्डधारियों से उनका हिस्सा खरीदकर या अन्य अनियमित तरीकों से यह अनाज इकट्ठा किया था और उसे 60 अलग-अलग बोरियों में भरकर घर के भीतर छिपा रखा था। पुलिस द्वारा किए गए मापन में यह चावल कुल 24 क्विंटल पाया गया।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली का उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना है, लेकिन जमाखोरी करने वाले तत्व इस व्यवस्था को पंगु बना रहे हैं। दुर्ग पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे ही तत्वों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के पास से जब्त किए गए चावल की बोरियों पर सरकारी मार्किंग और लोगो स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे, जिससे यह पुष्टि हो गई कि यह अनाज पीडीएस कोटे का ही है। आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन-किन राशन दुकानों या कार्डधारियों से यह चावल खरीद रहा था और क्या इसमें किसी राशन विक्रेता या बिचौलिए की भी संलिप्तता है।

राजीव नगर और वैशाली नगर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन स्थानीय पुलिस की सक्रियता ने इस बार बड़ी कामयाबी दिलाई है। जब्त किए गए 24 क्विंटल चावल को सरकारी गोदाम में जमा करा दिया गया है ताकि इसे पुनः वैध प्रक्रिया के तहत जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी अनाज की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी सरकारी कर्मचारी या राशन विक्रेता की मिलीभगत सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक और आपराधिक कार्यवाही की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में खाद्य सुरक्षा कानून के तहत पीडीएस चावल की बिक्री या व्यावसायिक उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। फिर भी, बाजार में सरकारी चावल की अवैध बिक्री की शिकायतें समय-समय पर आती रहती हैं। दुर्ग की इस घटना ने एक बार फिर सिस्टम में मौजूद खामियों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। प्रशासन का मानना है कि केवल छापेमारी ही काफी नहीं है, बल्कि राशन वितरण की डिजिटल निगरानी और लाभार्थियों के बीच जागरूकता बढ़ाना भी उतना ही आवश्यक है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र में सरकारी राशन की कालाबाजारी या जमाखोरी की कोई सूचना मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस या खाद्य आपूर्ति विभाग को अवगत कराएं।

इस गिरफ्तारी और बरामदगी ने स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। वैशाली नगर और राजीव नगर के निवासियों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है, क्योंकि इस प्रकार की जमाखोरी से ईमानदार कार्डधारियों को उनके वैध अधिकारों से वंचित होना पड़ता है। पुलिस टीम में शामिल अधिकारियों और जवानों की तत्परता ने इस अवैध नेटवर्क को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। फिलहाल, आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजने की तैयारी की जा रही है और मामले की गहन विवेचना की जा रही है। दुर्ग पुलिस का यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पवित्रता बनी रहे और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक ही पहुंचे।