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Sun, Oct 11, 2026Updated 11:18 AM IST
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एंटीलिया केस: सचिन वाजे की जमानत पर रोक, बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूछा- API रैंक का अफसर मर्सिडीज और BMW जैसी महंगी कारें कैसे चलाता था?

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मुंबई। वंदे भारत न्यूज़। मुंबई में बहुचर्चित एंटीलिया मामले में आरोपी और निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की जमानत याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए उनकी जमानत पर रोक लगा दी है। गुरुवार, 8 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सचिन वाजे की जीवनशैली, उनके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली लग्जरी गाड़ियों और पांच सितारा होटलों में उनके ठहरने को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से पूछा कि एक असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर (API) रैंक का अधिकारी मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू जैसी बेहद महंगी कारों का इस्तेमाल कैसे कर सकता था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी वाजे की जमानत का कड़ा विरोध किया है और दलील दी है कि जमानत मिलने पर वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।

बॉम्बे हाईकोर्ट में गुरुवार, 8 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सचिन वाजे की उस जीवनशैली पर तीखी आपत्ति जताई, जो एक सामान्य पुलिस अधिकारी के वेतन और पद से पूरी तरह मेल नहीं खाती। हाईकोर्ट ने यह बात विशेष रूप से रेखांकित की कि वाजे जब असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे, तब वे मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू जैसी आलीशान कारों में सवार होकर सीधे पुलिस कमिश्नर के कार्यालय तक जाया करते थे। इतना ही नहीं, कोर्ट ने यह भी संज्ञान लिया कि वे इन महंगी गाड़ियों में मुख्यमंत्री के सरकारी बंगले तक पहुंचते रहे हैं। एक निचले रैंक के पुलिस अधिकारी द्वारा इस तरह की लग्जरी कारों का उपयोग करना और शहर के सबसे उच्च अधिकारियों के कार्यालयों व आवासों तक उनमें जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

मामले की सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने सचिन वाजे के होटल में ठहरने के खर्चों को लेकर भी सवाल दागे। कोर्ट ने कहा कि वाजे मुंबई के प्रतिष्ठित ओबेरॉय होटल में लगभग 100 दिनों तक रुके थे। एक असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर की आय और हैसियत को देखते हुए किसी पांच सितारा होटल में इतने लंबे समय तक ठहरने का खर्च उठाना अपने आप में जांच का विषय है। कोर्ट की इन टिप्पणियों से यह स्पष्ट होता है कि न्यायपालिका वाजे की वित्तीय स्थिति और उनके वास्तविक खर्चों के बीच मौजूद भारी अंतर को लेकर संतुष्ट नहीं है। ये सभी बिंदु एंटीलिया मामले में उनकी भूमिका और उनके पास धन के स्रोतों को लेकर संदेह को और गहरा करते हैं।

इस मामले में जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सचिन वाजे की जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया है। एनआईए की ओर से कोर्ट में यह दलील दी गई कि सचिन वाजे पुलिस विभाग में एक प्रभावशाली अधिकारी रहे हैं और उनके व्यापक संपर्क हैं। ऐसे में अगर उन्हें जमानत दे दी जाती है, तो इस बात की पूरी संभावना है कि वे मामले के गवाहों को प्रभावित करने या डराने-धमकाने का प्रयास करेंगे। एनआईए ने कोर्ट को बताया कि जांच अभी एक संवेदनशील मोड़ पर है और वाजे जैसे प्रभावशाली व्यक्ति को जमानत देने से साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ होने का गंभीर खतरा बना रहेगा। एजेंसी ने कोर्ट से अनुरोध किया कि न्याय के हित में वाजे को फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रखा जाए।

उल्लेखनीय है कि एंटीलिया मामला देश भर की सुर्खियों में तब आया था, जब उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास ‘एंटीलिया’ के बाहर से विस्फोटकों से भड़ी एक संदिग्ध स्कॉर्पियो कार बरामद की गई थी। इस घटना के बाद कार के मालिक मनसुख हिरेन की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। इन दोनों ही घटनाओं की जांच के दौरान सचिन वाजे का नाम सामने आया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और पुलिस सेवा से निलंबित कर दिया गया। बाद में इस पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई थी।

बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा गुरुवार, 8 अक्टूबर को की गई ये टिप्पणियां एंटीलिया मामले में सचिन वाजे के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही हैं। कोर्ट ने उनकी जमानत पर रोक लगाते हुए यह स्पष्ट संदेश दिया है कि एक पुलिस अधिकारी द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करके ऐशो-आराम की जिंदगी जीने के सबूतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। एनआईए की उन दलीलों को भी कोर्ट ने गंभीरता से लिया है, जिनमें गवाहों को प्रभावित किए जाने के खतरे का जिक्र किया गया था।

सचिन वाजे के वकीलों ने जमानत के लिए जो आधार पेश किए थे, वे कोर्ट के समक्ष टिक नहीं सके। हाईकोर्ट ने वाजे की मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू कारों के इस्तेमाल, ओबेरॉय होटल में 100 दिन ठहरने और पुलिस कमिश्नर तथा मुख्यमंत्री के बंगले तक लग्जरी कारों में जाने जैसे तथ्यों को उनकी जमानत याचिका के खिलाफ महत्वपूर्ण कारण माना है। फिलहाल, बॉम्बे हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद सचिन वाजे को जेल में ही रहना होगा और एनआईए इस मामले में अपनी जांच जारी रखेगी। आने वाले समय में इस मामले की अगली सुनवाई में यह देखा जाएगा कि क्या वाजे की तरफ से कोई नई याचिका या दलील पेश की जाती है या नहीं। वंदे भारत न्यूज़ इस मामले पर आगे भी हर अपडेट पर नजर बनाए हुए है।