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राजस्थान मेडिकल कौंसिल (RMC) में फोरेन मेडिकल ग्रेजुएट (FMG) स्टूडेंट्स ने आज प्रदर्शन किया। प्रेक्टिस के लिए RMC में होने वाले रजिस्ट्रेशन को बिना कारण अटकाने का आरोप लगाते हुए स्टूडेंट्स ने RMC की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। इधर RMC रजिस्ट्रार का
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प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स का आरोप है कि इनके रजिस्ट्रेशन का मामला 6 माह से भी ज्यादा समय से अटका है। उन्होंने बताया- कई स्टूडेंट्स ने लाखों रुपए खर्च करके रूस, कजाकिस्तान, यूक्रेन समेत दूसरे देशों से MBBS कर ली है और यहां आकर NMC के नॉर्म्स के मुताबिक भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने के लिए फोरेन मेडिकल ग्रेजुएशन एग्जामिनेशन (FMGE) का एग्जाम भी पास कर लिया। लेकिन इसके बावजूद RMC ने उनका रजिस्ट्रेशन कोई न कोई आपत्ति लगाकर अटका रखा है। स्टूडेंट्स का आरोप है कि पहले भी कई स्टूडेंट्स को कोई न कोई डॉक्यूमेंट न मिलने, डॉक्यूमेंट का वैरीफिकेशन नहीं होने के कारण परेशान किया जाता है।
ऑनलाइन कोर्स पर मांगा है मार्गदर्शन
RMC रजिस्ट्रार डॉ. गिरधर गोयल का कहना है कि जो स्टूडेंट्स प्रदर्शन कर रहे है, उनमें अधिकांश वे स्टूडेंट्स है, जिन्होंने कोविड के समय ऑनलाइन कोर्स पूरा किया। कुछ स्टूडेंट्स ने 6 माह तो कुछ ने एक साल या उससे भी ज्यादा अवधि तक ऑनलाइन कोर्स किया है।
ऐसे में कितनी समयावधि का ऑनलाइन कोर्स करने वाले को रजिस्ट्रेशन करने में छूट दी जा सके, इसके लिए NMC से मार्गदर्शन मांगा है। क्योंकि कई स्टूडेंट्स ने 1 साल से लेकर 2 साल तक ऑनलाइन कोर्स किया है। NMC से कोई गाइडलाइन आने के बाद ही ऐसे स्टूडेंट्स के रजिस्ट्रेशन का काम आगे किया जाएगा।















