FWICE gets angry at director sanjay gupta for supporting ranveer singh after ban

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7 घंटे पहले

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रणवीर सिंह पर लगाए गए बैन के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग उनके सपोर्ट में उतरे हैं। हालांकि डायरेक्टर संजय गुप्ता को रणवीर का पक्ष लेना महंगा पड़ता नजर आ रहा है। अब FWICE ने उन्हें 2021 की वो शिकायत याद दिलाई है, जो उन्होंने जैकी श्रॉफ द्वारा अचानक फिल्म मुंबई सागा छोड़ने पर दर्ज करवाई थी और उनके खिलाफ एक्शन लिया गया था।

दरअसल, 25 मई को जब FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न ऑफ सिने एप्लॉय्ज) ने डॉन 3 अचानक छोड़ने पर रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन कॉर्पोरेशन डिक्लेयरेशन जारी किया है। यानी अब फेडरेशन से जुड़े लोग विवाद खत्म होने तक रणवीर के साथ काम नहीं करेंगे।

इस पर विरोध जताते हुए संजय गुप्ता ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, जब एक ए-लिस्टर हीरो शूट करता है, तो उसके साथ 300 से ज्यादा वर्कर्स सेट पर काम करते हैं। किसी को बैन करने से उसका नुकसान नहीं होता, बल्कि उन मजदूरों की रोजी-रोटी छिन जाती है, जो उस काम पर ही निर्भर हैं। आखिर में इसका मतलब क्या है।

रणवीर का समर्थन करने पर फेडरेशन के सेक्रेटरी अशोक दुबे ने भड़कते हुए हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में मुंबई सागा की याद दिलाते हुए कहा, “मैं संजय गुप्ता जी से पूछना चाहता हूं कि कुछ साल पहले जब उनकी फिल्म मुंबई सागा की शूटिंग चल रही थी और जैकी श्रॉफ ने आने से मना कर दिया था, तब यही समस्या IFTDA और फेडरेशन ने मिलकर सुलझाई थी। तब यह आपत्ति कहां थी?”

आगे उन्हों स्ट्रिक्ट एक्शन लेने पर कहा, “अगर यह ट्रेंड चलता रहा तो कई फिल्ममेकर्स और प्रोड्यूसर्स को नुकसान उठाना पड़ेगा। हमने किसी को बैन नहीं किया है, हमने सिर्फ नॉन-कोऑपरेशन की बात कही है। यह फेडरेशन के सदस्यों का फैसला है, फिल्म बॉडी का आंतरिक निर्णय है।”

जानिए क्या है पूरा मामला?

फरहान अख्तर ने साल 2023 में फिल्म डॉन-3 की घोषणा एक्टर रणवीर सिंह के साथ की थी। 2006 में आई शाहरुख स्टारर डॉन और 2011 में आई डॉन-2 के बाद ये इस फ्रेंचाइजी की यह तीसरी फिल्म होने वाली थी।

अनाउंसमेंट के समय कियारा आडवाणी को फिल्म में कास्ट किया गया था। लेकिन प्रेग्नेंसी और मेटरनिटी ब्रेक के चलते कियारा ने फिल्म छोड़ दी, जिसके बाद कृति सेनन को कास्ट करने की खबरें रहीं।

ये फिल्म फरहान अख्तर, होम प्रोडक्शन एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बना रहे थे। डॉन-3 को जारी रखने लिए फरहान ने अपनी दूसरी फिल्म जी ले जरा पोस्टपोन कर दी।

फिल्म डिले होने पर रणवीर सिंह धुरंधर में व्यस्त हो गए। रिपोर्ट्स थीं कि 2025 में डॉन 3 की शूटिंग शुरू होगी, लेकिन फिर अचानक रणवीर सिंह ने फिल्म छोड़ दी। मेकर्स का आरोप है कि रणवीर स्क्रिप्ट में हस्तक्षेप कर रहे थे। वो गाली-गलौज और हिंसक सीन की मांग कर रहे थे, लेकिन मेकर्स इस पर राजी नहीं हुए।

मिडडे की रिपोर्ट में दावा किया गया कि रणवीर ने फिल्म छोड़ दी है और वो जल्द ही फिल्म का साइनिंग अमाउंट भी लौटा देंगे, जबकि मेकर्स पहले ही प्री-प्रोडक्शन, डिले और री-वर्क के चलते फिल्म पर खर्च कर चुके थे।

इस पर फरहान अख्तर ने प्रोड्यूसर्स गिल्ड में शिकायत कर 45 करोड़ हर्जाने की मांग की। उनका कहना था कि प्री-प्रोडक्शन, शूटिंग शेड्यूल में बदलाव के चलते उनका भारी नुकसान हुआ है।

तब आमिर खान ने भी बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। प्रोड्यूसर गिल्ड ने दोनों पक्षों को सुलह का समय भी दिया, लेकिन हल तब भी नहीं निकला।

बाद में ये मामला FWICE के पास पहुंचा। मामले को गंभीरता से लेते हुए फेडरेशन ने रणवीर सिंह को अलग-अलग मौकों पर 3 नोटिस भेजे, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि ये लीगल मामला है, जो फेडरेशन द्वारा नहीं बल्कि कोर्ट के जरिए सुलझाना चाहिए। आखिरकार 25 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखने के बाद फेडरेशन ने रणवीर को बैन करने का ऐलान कर दिया।

रणवीर सिंह की टीम बोली- वे सोच-समझकर चुप

रणवीर सिंह के स्पोक पर्सन ने कहा- रणवीर सिंह फिल्म इंडस्ट्री और ‘डॉन’ फ्रैंचाइजी से जुड़े हर इंसान का दिल से सम्मान करते हैं। ‘डॉन 3’ को लेकर हाल ही में जो कुछ भी हुआ है, उस पर उन्होंने सोच-समझकर चुप रहना ही सही समझा। उनका मानना है कि काम से जुड़ी बातें और आपसी रिश्ते हमेशा गरिमा, समझदारी और आपसी सम्मान के साथ ही संभाले जाने चाहिए।

इस बीच कई तरह की बातें और अफवाहें सामने आई हैं, लेकिन रणवीर ने कभी भी सरेआम इस पर कोई सफाई देना या इन अटकलों को बढ़ावा देना जरूरी नहीं समझा। उनका पूरा ध्यान पूरी तरह से उनके काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है।

वे इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों के लिए अपने दिल में सम्मान रखते हैं और चाहते हैं कि यह फ्रैंचाइजी आगे भी खूब कामयाब हो। ऐसे मुश्किल मौकों पर संयम और शालीनता बनाए रखना हमेशा से उनका अपना फैसला रहा है, और वे आगे भी इसी रुख पर कायम रहेंगे।

अब समझिए FWICE क्या है? रणवीर पर बैन का क्या असर होगा

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स और कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी शुरुआत साल 1956 में हुई थी और 1958 में इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था।

मदर बॉडी: यह फेडरेशन मुख्य रूप से एक मदर बॉडी (शीर्ष संस्था) की तरह काम करती है। इसके अंतर्गत कुल 34 अलग-अलग एसोसिएशंस आती हैं।

सदस्यों की संख्या: इसमें एक्टर्स, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, कैमरामैन, टेक्नीशियंस, जूनियर आर्टिस्ट और स्पॉटबॉय जैसी 34 एसोसिएशंस के लगभग 4 से 5 लाख मेंबर्स जुड़े हुए हैं।

दायरा: यह एशिया की सबसे बड़ी फिल्म फेडरेशन है। वर्तमान में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 90 प्रतिशत लोग इसी फेडरेशन से जुड़ी एसोसिएशंस के सदस्य हैं। इसका अपना एक संविधान है, जिसे मानना सभी सदस्यों के लिए जरूरी है।

फेडरेशन काम बंद कर दे तो शूटिंग कैंसिल

FWICE के पास फिल्म इंडस्ट्री के कामकाजी माहौल को नियंत्रित करने की बड़ी ताकत है।

काम रोकना: अगर फेडरेशन अपने 4 से 5 लाख सदस्यों को किसी प्रोजेक्ट पर काम करने से रोक दे, तो अगले ही दिन से फिल्मों और टीवी शोज की शूटिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी।

पेमेंट वसूलना: फेडरेशन मेकर्स और एक्टर्स के बीच पैसों के विवाद को सुलझाती है। उदाहरण के लिए, कुछ समय पहले प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने एक फिल्म के बाद क्रू मेंबर्स के करीब 3 करोड़ रुपए नहीं चुकाए थे। फेडरेशन ने उनकी अगली फिल्म ‘वेलकम टु जंगल’ की शूटिंग से पहले सभी सदस्यों को काम न करने का निर्देश दे दिया। इसके बाद प्रोडक्शन कंपनी और फेडरेशन के दबाव में फिरोज नाडियाडवाला को पुराना बकाया चुकाना पड़ा था।

कार्रवाई का अधिकार: संविधान के खिलाफ काम करने पर फेडरेशन किसी भी एसोसिएशन या सदस्य को नॉन-मेम्बर घोषित कर सकती है।



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