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Mon, Oct 12, 2026Updated 1:19 PM IST
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गुरदासपुर सेक्टर में BSF ने पाकिस्तानी ड्रोन किया बरामद: धान के खेत से मिला, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट; जवानों ने चलाया सर्च ऑपरेशन

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वंदे भारत न्यूज़। पंजाब के गुरदासपुर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गुरदासपुर सेक्टर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने एक पाकिस्तानी ड्रोन बरामद किया है। यह ड्रोन सीमावर्ती इलाके के एक धान के खेत से मिला है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और बीएसएफ जवानों द्वारा व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीएसएफ के जवानों ने नियमित गश्त और निगरानी के दौरान धान के खेत में पड़े इस संदिग्ध वस्तु को देखा। जांच करने पर यह एक पाकिस्तानी ड्रोन होने की पुष्टि हुई। ड्रोन मिलने की सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे क्षेत्र को कordon कर लिया और अन्य किसी संदिग्ध वस्तु या हथियार की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ कोई नई बात नहीं है। पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा में ड्रोन भेजने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। इन ड्रोनों का उपयोग मुख्य रूप से सीमा पार से हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थों की खेप गिराने के लिए किया जाता है। गुरदासपुर सेक्टर, जो कि पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा का एक अत्यंत संवेदनशील हिस्सा है, पहले भी ऐसी घटनाओं का गवाह रहा है।

धान के खेत से ड्रोन बरामद होने की यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब किसान अपने खेतों में फसल की कटाई और अन्य कृषि कार्यों में व्यस्त हैं। खेतों में काम कर रहे किसानों और ग्रामीणों के लिए भी यह घटना चिंता का विषय बन गई है। हालांकि, बीएसएफ जवानों ने स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को टाल दिया।

ड्रोन बरामद होने के बाद सभी संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल अलर्ट कर दिया गया है। बीएसएफ के साथ-साथ स्थानीय पुलिस, खुफिया एजेंसियां और अन्य सुरक्षा बल भी पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं। सीमावर्ती गांवों और इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। जवानों ने ड्रोन मिलने के स्थान के आसपास के क्षेत्रों में गहन सर्च ऑपरेशन चलाया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ड्रोन के जरिए कोई अन्य आपत्तिजनक सामग्री तो नहीं गिराई गई है।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की ओर से बार-बार ड्रोन भेजने की कोशिशें सीमा पार से अवैध गतिविधियों को अंजाम देने का एक हिस्सा हैं। बीएसएफ ने हाल के वर्षों में अपनी एंटी-ड्रोन तकनीक और निगरानी प्रणाली को काफी मजबूत किया है, जिसके कारण कई ड्रोनों को सीमा पार करने से पहले ही रोका या ढेर किया जा चुका है। फिर भी, कुछ ड्रोन खेतों या ऊंचे पेड़ों में उलझकर गिर जाते हैं, जिन्हें बाद में जवानों द्वारा बरामद किया जाता है।

इस मामले में बीएसएफ के अधिकारियों द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है। ड्रोन को कब्जे में लेकर उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह ड्रोन किस मॉडल का है, इसे कहां से उड़ाया गया था और क्या इसके जरिए कोई पेलोड (खेप) गिराया गया है या नहीं। यदि जांच में कोई हथियार या नशीला पदार्थ बरामद होता है, तो यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से और भी गंभीर हो जाएगा।

गुरदासपुर सेक्टर में बीएसएफ के जवान दिन-रात चौकन्ना रहकर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। उनकी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण ही इस बार भी पाकिस्तानी ड्रोन को समय रहते बरामद कर लिया गया। सुरक्षा बलों ने स्थानीय ग्रामीणों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने खेतों या आसपास के क्षेत्रों में कोई संदिग्ध वस्तु, ड्रोन या लावारिस पैकेट दिखाई दे, तो वे तुरंत बीएसएफ या स्थानीय पुलिस को सूचित करें। किसी भी संदिग्ध वस्तु को स्वयं छूने या उठाने से बचें, क्योंकि उसमें विस्फोटक या खतरनाक सामग्री हो सकती है।

पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार और सुरक्षा एजेंसियां बेहद गंभीर हैं। ड्रोन के माध्यम से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए बीएसएफ लगातार अपने गश्ती दलों की संख्या बढ़ा रही है और आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर रही है। गुरदासपुर में ड्रोन बरामदगी की यह ताजा घटना एक बार फिर सीमा पार से हो रही घुसपैठ की कोशिशों को उजागर करती है और सुरक्षा बलों की सतर्कता का प्रमाण भी देती है।

वर्तमान में सर्च ऑपरेशन जारी है और बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, ड्रोन के उद्देश्य और उसके पीछे की साजिश के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आने की उम्मीद है। सुरक्षा एजेंसियां इस घटना को गंभीरता से ले रही हैं और सीमा पर किसी भी प्रकार की चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।