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Sat, Oct 10, 2026Updated 2:57 PM IST
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गयाजी: लुटुआ थाना प्रभारी संटू कुमार का खाकी वर्दी में रील बनाने का वीडियो वायरल, पत्नी के साथ गाने पर किया डांस और बिना सीट बेल्ट चलाई गाड़ी

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बिहार के गया जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस की वर्दी और अनुशासन की गरिमा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गयाजी के लुटुआ थाना के थानाध्यक्ष संटू कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में थाना प्रभारी अपनी पुलिस की खाकी वर्दी पहनकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए रील बनाते हुए नजर आ रहे हैं। यह घटना इसलिए भी अत्यंत गंभीर मानी जा रही है क्योंकि जो अधिकारी कानून व्यवस्था बनाए रखने और नियमों का पालन करवाने के लिए जिम्मेदार होता है, वही अधिकारी पुलिस मैनुअल और विभागीय दिशानिर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाता हुआ दिखाई दे रहा है।

वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि लुटुआ थाना प्रभारी संटू कुमार ने अपने शरीर पर पुलिस की आधिकारिक खाकी वर्दी धारण कर रखी है। इसी वर्दी में वह अपनी पत्नी के साथ एक लोकप्रिय भोजपुरी गाने पर रील बना रहे हैं। वीडियो में इस्तेमाल किए गए गाने के बोल ‘सब के बलमुआ गोरे-गोरे, हमर बलम करिया बा’ हैं। थानाध्यक्ष और उनकी पत्नी इस गाने की धुन पर ठुमके लगाते हुए और अभिनय करते हुए कैमरे में कैद हो गए हैं। यह पूरा दृश्य पुलिस बल की छवि और उसकी गरिमा के सर्वथा विपरीत माना जा रहा है। वर्दी एक जिम्मेदारी और अनुशासन का प्रतीक होती है, लेकिन इस तरह के मनोरंजन वाले वीडियो में वर्दी का उपयोग किए जाने से आम जनता और पुलिस महकमे दोनों में ही असहजता का माहौल पैदा हो गया है।

वीडियो में केवल वर्दी पहनकर रील बनाना ही एकमात्र आपत्तिजनक बात नहीं है, बल्कि इसमें यातायात नियमों के उल्लंघन का स्पष्ट दृश्य भी मौजूद है। वायरल फुटेज में यह भी देखा जा सकता है कि थाना प्रभारी संटू कुमार वाहन चला रहे हैं और इस दौरान उन्होंने सीट बेल्ट नहीं लगाई हुई है। एक तरफ जहां पुलिस विभाग आम नागरिकों को यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने, वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाने और हेलमेट पहनने के लिए लगातार जागरूक करता है और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाता है, वहीं दूसरी तरफ स्वयं एक थानाध्यक्ष द्वारा बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाना कानून के रखवालों की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।

बिहार पुलिस के नियमों और पुलिस मैनुअल के अनुसार, कोई भी पुलिसकर्मी अपनी आधिकारिक ड्यूटी के दौरान या वर्दी में रहते हुए किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता, जो विभाग की छवि को धूमिल करे या अनुशासनहीनता को बढ़ावा दे। वर्दी का उपयोग केवल आधिकारिक कार्यों और ड्यूटी के लिए निर्धारित है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो, रील्स या अन्य मनोरंजन सामग्री में पुलिस की वर्दी का प्रयोग करना विभागीय नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाता है। इसके बावजूद लुटुआ थाना प्रभारी द्वारा इस तरह का वीडियो बनाया जाना और उसे सोशल मीडिया पर जारी किया जाना पुलिस अनुशासन की गंभीर अवहेलना के रूप में देखा जा रहा है।

यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड हुआ, यह देखते ही देखते तेजी से वायरल हो गया। स्थानीय लोगों, सोशल मीडिया यूजर्स और नागरिक समाज के सदस्यों ने इस वीडियो पर तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं। कई लोगों ने सवाल उठाया है कि जब थाने का सबसे बड़ा अधिकारी ही वर्दी की मर्यादा और कानून के नियमों का पालन नहीं करेगा, तो आम जनता से अनुशासन की क्या उम्मीद की जा सकती है। कुछ यूजर्स ने इसे पुलिस बल की प्रतिष्ठा के लिए शर्मनाक बताया है, तो वहीं कुछ ने उच्च अधिकारियों से इस मामले में त्वरित और कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।

गया जिले के लुटुआ थाना क्षेत्र में थानाध्यक्ष के रूप में तैनात संटू कुमार की इस हरकत ने पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों के लिए भी एक चुनौती खड़ी कर दी है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक इस वायरल वीडियो को लेकर गया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या अन्य किसी उच्च अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई की पुष्टि सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विभाग ने इस वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है या नहीं, और यदि लिया है तो थाना प्रभारी के खिलाफ किस प्रकार की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।

पुलिस विभाग में वर्दी की गरिमा और अनुशासन को बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्दी केवल एक कपड़ा नहीं है, बल्कि यह राज्य की सत्ता, कानून के शासन और जनता की सुरक्षा का प्रतीक है। ऐसे में जब कोई जिम्मेदार पद पर बैठा अधिकारी इस प्रतीक का उपयोग निजी मनोरंजन और सोशल मीडिया रील्स के लिए करता है, तो यह पूरी व्यवस्था पर प्रश्न खड़े करता है। अब यह देखना अत्यंत महत्वपूर्ण होगा कि बिहार पुलिस का उच्च नेतृत्व इस वायरल वीडियो और वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंचाने तथा यातायात नियमों के उल्लंघन के इस मामले पर क्या रुख अपनाता है और लुटुआ थाना प्रभारी संटू कुमार के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।