गयाजी में सड़क हादसे ने छीनी दो जानें: बाइक डायवर्जन से टकराकर झाड़ियों में गिरी, चाचा-भतीजे की मौत; 5 दिन पहले ही बना था पिता

बिहार के गया जिले में एक बेहद दर्दनाक सड़क दुर्घटना सामने आई है, जिसमें एक ही परिवार के दो सदस्यों ने अपनी जान गंवा दी। यह घटना गुरुवार देर रात की बताई जा रही है, जब गया एयरपोर्ट के समीप एक बाइक सवार चाचा और भतीजे की सड़क हादसे में मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों युवक बाइक से कहीं जा रहे थे, तभी उनकी बाइक सड़क पर बने डायवर्जन से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सड़क किनारे मौजूद झाड़ियों में जा गिरी। अंधेरा होने और घटनास्थल के झाड़ियों वाले हिस्से में होने के कारण रात में किसी को इस दुर्घटना की जानकारी नहीं हो सकी। दोनों घायलों की शव शुक्रवार सुबह बरामद किए गए।
यह सड़क हादसा गया एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र में हुआ है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार देर रात चाचा और भतीजा एक ही बाइक पर सवार होकर यात्रा कर रहे थे। उसी दौरान किसी कारणवश उनका वाहन नियंत्रण से बाहर हो गया और सड़क निर्माण या अन्य कार्यों के चलते बनाए गए डायवर्जन से सीधे टकरा गया। डायवर्जन से टकराने के बाद बाइक सड़क के किनारे लगी झाड़ियों में जा गिरी। रात का समय होने के कारण आसपास से गुजरने वाले लोगों को इस घटना का पता नहीं चल सका। झाड़ियों में गिरने की वजह से दूर से देखने पर भी कोई संकेत नहीं मिल पाया। पूरी रात दोनों वहीं पड़े रहे और सुबह जब स्थानीय लोगों या राहगीरों की नजर उन पर पड़ी, तब इस दुखद घटना का खुलासा हो सका। सुबह शव मिलने की सूचना मिलते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों की भीड़ जुट गई।
इस पूरे हादसे में सबसे अधिक हृदयविदारक पहलू यह है कि मृतकों में शामिल युवक मात्र पांच दिन पहले ही पिता बना था। उसके घर में नए मेहमान के आगमन की खुशी अभी फीकी भी नहीं पड़ी थी कि इस अप्रत्याशित सड़क दुर्घटना ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया। जिस घर में कुछ दिन पहले ही बच्चे के जन्म की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अब मातम पसर गया है। चाचा-भतीजे की एक साथ हुई मौत से परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। पांच दिन पहले पिता बनने वाले युवक के नवजात बच्चे के सिर से पिता का साया उठ जाने की खबर सुनकर हर किसी की आंखें नम हैं।
सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की। गया एयरपोर्ट के पास हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और विशेष रूप से रात्रि के समय डायवर्जन पर प्रकाश व्यवस्था तथा चेतावनी संकेतों की पर्याप्तता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई बार रात के अंधेरे में सड़क पर बनाए गए डायवर्जन या बैरिकेडिंग स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते, जिसके परिणामस्वरूप ऐसे जानलेवा हादसे हो जाते हैं। हालांकि, इस मामले में प्रशासन द्वारा किस प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था या संकेतक लगाए गए थे, इस बारे में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
बिहार में सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। गया जिले में भी आए दिन सड़क हादसों की खबरें सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि रात के समय दोपहिया वाहनों से यात्रा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। सड़क निर्माण कार्य के दौरान बनाए जाने वाले अस्थायी डायवर्जन पर रिफ्लेक्टर और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए ताकि दूर से आने वाले वाहन चालकों को समय रहते सतर्क किया जा सके।
वहीं, स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि अगर रात में ही किसी तरह इस हादसे की जानकारी मिल जाती और समय रहते घायलों को अस्पताल पहुंचाया जाता, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। लेकिन झाड़ियों में बाइक गिरने और रात के सन्नाटे के कारण मदद नहीं मिल सकी। सुबह जब शव बरामद हुए, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
फिलहाल, पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चाचा-भतीजा देर रात किस काम से जा रहे थे और हादसे की सटीक वजह क्या रही। क्या बाइक की रफ्तार अधिक थी, या फिर डायवर्जन पर कोई संकेतक नहीं होने के कारण यह दुर्घटना हुई, इन सभी बिंदुओं पर जांच जारी है। इस दर्दनाक घटना ने एक परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया है और गयाजी के इस इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पांच दिन पहले पिता बने युवक और उसके चाचा की इस असमय मौत ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है।

