Thu, 08 Oct 20265:03 PM
Thu, Oct 8, 2026Updated 5:03 PM IST
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हाजीपुर: 25 हजार के इनामी अपराधी कुणाल उर्फ दीवानी को बचाने के लिए STF टीम पर हमला, पिस्टल छीनने की कोशिश में चली गोली, 3 गिरफ्तार

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बिहार के वैशाली जिले में हाजीपुर के बिदुपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है। यहां स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीम पर उस वक्त हमला कर दिया गया, जब वह 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी कुणाल कुमार उर्फ दीवानी को गिरफ्तार करने के लिए पहुंची थी। हमलावरों ने STF जवानों के साथ मारपीट करने के साथ ही उनकी सरकारी पिस्टल छीनने का भी प्रयास किया। इस दौरान छीना-झपटी में एक गोली भी चल गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। हालांकि, कड़ी मशक्कत और तत्परता के बाद STF की टीम ने स्थिति को नियंत्रित किया और इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बिदुपुर थाना क्षेत्र के भैरौपुर इलाके की बताई जा रही है। STF की एक विशेष टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि 25 हजार रुपये का इनामी घोषित अपराधी कुणाल कुमार उर्फ दीवानी भैरौपुर में मौजूद है। इस सूचना के आधार पर STF की टीम उसे दबोचने के लिए भैरौपुर पहुंची थी। टीम ने जैसे ही कुणाल कुमार उर्फ दीवानी को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की, वैसे ही उसके समर्थकों और सहयोगियों ने STF जवानों पर अचानक हमला बोल दिया। हमलावरों की संख्या और उनका इरादा देखकर यह साफ था कि वे किसी भी कीमत पर इनामी अपराधी को STF के चंगुल से बचाकर निकाल ले जाना चाहते थे।

हमले के दौरान अपराधियों ने STF जवानों पर न केवल शारीरिक बल का प्रयोग किया, बल्कि उन्होंने जवानों के पास मौजूद सरकारी हथियारों को छीनने की भी भरपूर कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों ने एक STF जवान की सरकारी पिस्टल छीनने का प्रयास किया। इसी छीना-झपटी और धक्का-मुक्की के दौरान पिस्टल से एक गोली भी चल गई। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों की तरफ भागने लगे। सौभाग्य से, गोली चलने की इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई पुष्ट खबर सामने नहीं आई है, लेकिन यह घटना इस बात को दर्शाती है कि हमलावर किस हद तक खतरनाक और निडर हो चुके हैं।

इनामी अपराधी कुणाल कुमार उर्फ दीवानी बिदुपुर और आसपास के इलाकों में काफी सक्रिय रहा है। उस पर पहले से ही कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसके चलते पुलिस प्रशासन ने उसके ऊपर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। STF की टीम काफी समय से उसकी तलाश में जुटी हुई थी और लगातार उसके ठिकानों पर नजर रख रही थी। भैरौपुर में उसकी मौजूदगी की सटीक सूचना मिलने के बाद ही टीम ने यह ऑपरेशन चलाया था, लेकिन अपराधियों ने टीम के मिशन में सीधा दखल देते हुए हिंसक वारदात को अंजाम दे डाला।

STF जवानों ने अपनी सूझबूझ, अनुभव और बहादुरी का परिचय देते हुए हमलावरों का डटकर सामना किया। हमले के बावजूद टीम ने अपना मनोबल नहीं गिरने दिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए हमला करने वाले आरोपियों को खदेड़ना शुरू किया। इस अभियान के दौरान STF ने तीन आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर ली है। इन तीनों गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और उनके आपराधिक इतिहास की विस्तृत जानकारी फिलहाल पुलिस द्वारा जुटाई जा रही है। माना जा रहा है कि ये तीनों आरोपी इनामी अपराधी कुणाल कुमार उर्फ दीवानी के गिरोह के सदस्य या उसके करीबी सहयोगी हैं, जिन्होंने उसे बचाने के लिए STF पर हमला करने की योजना बनाई थी।

बिहार में आपराधिक तत्वों द्वारा पुलिस और विशेष सुरक्षा बलों पर हमले की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। खासकर, जब किसी इनामी अपराधी को पकड़ने की बात आती है, तो कई बार उनके गिरोह के अन्य सदस्य कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देने से पीछे नहीं हटते। बिदुपुर के भैरौपुर में हुई यह घटना भी इसी क्रिमिनल प्रवृत्ति को उजागर करती है, जहां सरकारी पिस्टल छीनने और गोली चलाने जैसे गंभीर अपराध को अंजाम दिया गया। STF पर हमला करना और सरकारी हथियार छीनने का प्रयास करना भारतीय दंड संहिता और अन्य संबंधित कानूनों के तहत अत्यंत गंभीर और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है।

इस पूरे मामले में बिदुपुर थाने की पुलिस भी सक्रिय हो गई है। STF की ओर से गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंपे जाने या संबंधित प्राथमिकी दर्ज किए जाने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस हमले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए इलाके में छापेमारी तेज कर दी गई है। भैरौपुर और बिदुपुर थाना क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में पुलिस और STF का संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि हमले में शामिल बचे हुए लोगों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

प्रशासनिक स्तर पर इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि कानून का पालन कराने वाली एजेंसियों पर इस तरह के हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। जो भी व्यक्ति STF या पुलिस के काम में बाधा डालने, सरकारी हथियार छीनने या इनामी अपराधियों को भगाने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल, गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस हमले की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके और इनामी अपराधी कुणाल कुमार उर्फ दीवानी तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।