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दोनों गांवों के बीच यह रास्ता है, यह कच्चा है और बारिश के सीजन में कहीं-कहीं से कट गया है।
पंचायत पुनर्गठन के तहत जालोर पंचायत समिति में बनी नई ग्राम पंचायत पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी हैं। राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर की डबल बेच में अब 12 अगस्त को फिर सुनवाई होगी।
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ग्रामीण लालसिंह ने बताया- 13 फरवरी 2025 को ग्रामीण विकास व पंचायत राज विभाग ने निर्देश जारी कर बताया कि अलग-अलग पंचायत समितियों का गठन नहीं किया जा सकता। इसके बाद भी प्रशासन ने मोंक और कलापुरा को मिलाकर नई ग्राम पंचायत के गठन का प्रस्ताव बना दिया। इसके बाद इसे जालोर पंचायत समिति से सायला पंचायत समिति में शामिल कर दिया गया।
इस पर 23 अप्रैल 2025 को मोंक के ग्रामीणों ने कलेक्टर के समक्ष आपत्तियां दर्ज करवाई। इसमें बताया कि मोंक और कलापुरा के बीच को राजस्व रास्ता भी नहीं है। वहीं इन दोनों गांवों के बीच कलापुरा बांध का भराव क्षेत्र है। जहां बारिश के बाद भी कई महीनों को दलदल बना रहता है।
अब रास्ता भी पानी से बंद हो गया है। ऐसे में दोनों ही गांवों के बीच किसी तरह का लिंक ही नहीं है। इसके बाद भी इनका गठन कर दिया गया। इस पर पूर्व सरपंच लालसिंह राजपुरोहित व ग्रामीण ने उच्च न्यायालय की शरण ली और 7 जुलाई को राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने इस पर रोक लगाई है।
इसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट राजस्थान पंचायती राज पुनर्गठन 12 अगस्त तक टला गया था। अब मामला जोधपुर हाईकोर्ट से जयपुर हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया जहाँ अन्य इसी तरह के मामले विचाराधीन है जिसकी अब राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर की डबल बेच में अब 12 अगस्त को होगी फिर सुनवाई होगी।













