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Sat, Oct 10, 2026Updated 12:01 PM IST
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इंदौर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग और फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी पर नगर निगम सख्त, 1 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला

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इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर शहर में नगर निगम ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग और फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन को लेकर अपनी कार्रवाई को और अधिक तेज कर दिया है। निगम की अलग-अलग जोन की टीमों द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया, जिसमें नियमों का पालन नहीं करने वाले भवनों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। इस विशेष अभियान के तहत निगम ने अब तक एक लाख रुपये से अधिक की चालानी कार्रवाई करते हुए भारी जुर्माना वसूला है। यह कार्रवाई रेस्टोरेंट से लेकर औद्योगिक इकाइयों (इंडस्ट्री) और बड़े शोरूम तक में की गई है, जिससे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।

नगर निगम इंदौर द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष निरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर में जल संरक्षण और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, निगम की अलग-अलग जोन की टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। इन टीमों ने उन सभी भवनों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की बारीकी से जांच की, जहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम या तो स्थापित ही नहीं किया गया था, या फिर फायर सेफ्टी के मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही थी। निगम ने ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सीधी कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है।

शहर में बढ़ते निर्माण कार्य और व्यावसायिक गतिविधियों के बीच रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाना पर्यावरण और जल संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक माना जाता है। बारिश के पानी को संरक्षित कर भूजल स्तर को बनाए रखने के लिए नगर निगम समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी करता रहा है। इसके साथ ही, भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक परिसरों, रेस्टोरेंट और शोरूम में आग से बचाव के लिए फायर सेफ्टी उपकरणों का होना और उनका सुचारू रूप से काम करना कानूनन अनिवार्य है। हालांकि, निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कई प्रतिष्ठानों ने इन महत्वपूर्ण नियमों की अनदेखी की है, जिसके चलते निगम को सख्त रुख अपनाना पड़ा।

निगम की टीमों ने अपने निरीक्षण के दौरान पाया कि कई रेस्टोरेंट, औद्योगिक इकाइयां और बड़े शोरूम ऐसे हैं जिन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था नहीं की है। वहीं, कई जगहों पर फायर सेफ्टी के उपकरण या तो मौजूद नहीं थे, या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। ऐसे सभी प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई की गई है। निगम ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल जुर्माना वसूलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों और व्यापारियों को नियमों के प्रति जागरूक करना और भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचना है।

इंदौर नगर निगम की ओर से की जा रही इस सख्त कार्रवाई से शहर के व्यापारिक वर्ग में खासी चर्चा है। निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग और फायर सेफ्टी नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा। जो भी भवन स्वामी या व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालक इन नियमों की अवहेलना करेंगे, उनके खिलाफ आगे भी इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। निगम ने सभी संबंधित लोगों से अपील की है कि वे तत्काल प्रभाव से अपने प्रतिष्ठानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच करवा लें और यदि कोई कमी हो तो उसे शीघ्र दूर करें, ताकि उन्हें भविष्य में जुर्माने या अन्य कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।

गौरतलब है कि इंदौर जैसे विकसित होते शहर में जहां एक तरफ ऊंची इमारतें और बड़े व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तेजी से बन रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम न केवल भूजल को रिचार्ज करने में मदद करता है, बल्कि शहर में जल संकट की समस्या से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी प्रकार, फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन न होने पर आग लगने की स्थिति में जान-माल का भारी नुकसान होने का खतरा हमेशा बना रहता है। यही कारण है कि नगर निगम ने इन दोनों पहलुओं पर एक साथ ध्यान केंद्रित करते हुए अलग-अलग जोन की टीमों को मैदान में उतारा है।

निगम की टीमों द्वारा किए गए इस संयुक्त निरीक्षण अभियान ने यह साबित कर दिया है कि प्रशासन अब नियमों के उल्लंघन को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। एक लाख रुपये से अधिक के जुर्माने की यह कार्रवाई उन सभी प्रतिष्ठानों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो अब तक नियमों को हल्के में ले रहे थे। आने वाले दिनों में निगम द्वारा इस अभियान को और भी व्यापक स्तर पर चलाए जाने की संभावना है, ताकि पूरे इंदौर शहर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग और फायर सेफ्टी के मानकों को सौ प्रतिशत लागू किया जा सके।