इंदौर में वीरांगना झलकारी बाई के सम्मान में बड़ा कदम, 30 साल पुरानी मांग पूरी होने पर महापौर का अभिनंदन


इंदौर में 1857 की क्रांति की वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा स्थापना और चौराहे के नामकरण को लेकर कोली-कोरी समाज की तीन दशक पुरानी मांग पूरी होने पर समाज में उत्साह का माहौल है। इस फैसले के बाद समाज के प्रतिनिधिमंडल ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात कर उनका शॉल, श्रीफल और स्मृति चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया तथा आभार व्यक्त किया।
महावर नगर में प्रतिमा स्थापना के प्रस्ताव पर चर्चा
मुलाकात के दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने महावर नगर स्थित शिव मंदिर उद्यान में समाज के सहयोग से वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव पर सहमति जताई। इसके लिए उपयुक्त स्थल के चयन को लेकर भी सकारात्मक रुख सामने आया।
समाज के प्रतिनिधियों ने प्रतिमा स्थापना और चौराहे के नामकरण की पहल को वीरांगना झलकारी बाई के योगदान को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
सामाजिक प्रतिनिधियों ने जताया आभार
इस अवसर पर अखिल भारतीय वीरांगना झलकारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश महावर कोली, समाज महापंचायत के अध्यक्ष दिनेश वर्मा दानिश और विचार मंच के अध्यक्ष नंदराम मेहर सहित मालवा और बुंदेलखंड क्षेत्र के कई सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
समाजजनों ने कहा कि वीरांगना झलकारी बाई का साहस और स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके सम्मान में प्रतिमा स्थापना और चौराहे का नामकरण होने से आने वाली पीढ़ियों को उनके ऐतिहासिक योगदान के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।
कोली-कोरी समाज ने इस पहल के लिए महापौर के प्रति आभार जताया। अब प्रस्तावित प्रतिमा के लिए उपयुक्त स्थान के चयन और स्थापना से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

