इंदौर: पति छोड़कर कनाडा भागा, सास-ससुर ने दो बेटियों सहित घर से निकाला; पीड़िता ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक महिला के साथ घरेलू हिंसा और उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि शादी के कुछ समय बाद ही उसके पति ने उसे छोड़ दिया और वह कनाडा चला गया। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने भी महिला को उसकी दो बेटियों के साथ घर से बाहर निकाल दिया। बेसहारा हुई महिला ने अब पुलिस का दरवाजा खटखटाया है और न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला इंदौर शहर का है, जहां एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित महिला ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया है कि उसकी शादी के कुछ समय बाद से ही उसके पति का व्यवहार बदल गया था। महिला का आरोप है कि उसका पति शादी के कुछ समय बाद ही उसके साथ रहना नहीं चाहता था। पति ने न केवल अपनी पत्नी से दूरी बना ली, बल्कि बिना कोई ठोस कारण बताए या परिवार की जिम्मेदारी निभाए वह विदेश चला गया। पीड़िता के मुताबिक, उसका पति उसे और उनकी दो बेटियों को अकेला छोड़कर कनाडा भाग गया है। पति के कनाडा चले जाने के बाद महिला पूरी तरह से असहाय हो गई है और उसे भारी मानसिक व सामाजिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
महिला ने अपने ससुराल पक्ष पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि जब उसका पति उसे छोड़कर कनाडा चला गया, तो ससुराल वालों ने उसे किसी प्रकार का सहयोग देने के बजाय प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। महिला ने आरोप लगाया कि उसके सास-ससुर ने उसे और उसकी दो मासूम बेटियों को घर से बाहर निकाल दिया। दो बच्चियों के साथ सड़क पर आने के बाद महिला के पास न रहने के लिए कोई सुरक्षित स्थान बचा और न ही जीवन यापन का कोई स्पष्ट सहारा। ऐसे में अपनी और अपनी बेटियों की सुरक्षा तथा न्याय के लिए महिला ने इंदौर पुलिस से संपर्क किया और पूरी आपबीती सुनाते हुए मदद की गुहार लगाई।
इस मामले में पुलिस ने पीड़ित महिला की शिकायत को गंभीरता से लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। चूंकि आरोपी पति फिलहाल कनाडा में बताया जा रहा है, इसलिए पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि वह वास्तव में कब देश छोड़कर गया था और क्या उसने विदेश जाने से पहले अपनी पत्नी या बच्चों के भरण-पोषण की कोई व्यवस्था की थी या नहीं। इसके अलावा, ससुराल पक्ष के उन सदस्यों की भी पहचान की जा रही है, जिन्होंने महिला को घर से बाहर निकालने में भूमिका निभाई है।
घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न के ऐसे मामले भारतीय समाज में चिंता का विषय बने हुए हैं। खासकर तब जब पति विदेश चला जाए और महिला को उसके ससुराल वाले भी अपनाने से इनकार कर दें, तो महिलाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय हो जाती है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में महिलाओं को घरेलू हिंसा अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (या संबंधित धाराओं) के तहत कानूनी सुरक्षा प्राप्त है। यदि पति विदेश में है, तो भी कानूनी प्रक्रिया के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है और इंटरपोल या अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से उसे भारत लाया जा सकता है, हालांकि यह प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है।
पीड़ित महिला की दो बेटियों का भविष्य भी इस विवाद के कारण खतरे में है। बच्चियों के भरण-पोषण और उनकी शिक्षा का दायित्व किस पर होगा, यह भी एक बड़ा सवाल है। महिला ने पुलिस से अनुरोध किया है कि उसे और उसकी बच्चियों को तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाए और उसके पति व ससुराल वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
इंदौर पुलिस ने आम जनता और विशेषकर महिलाओं से अपील की है कि यदि वे घरेलू हिंसा या उत्पीड़न का शिकार हैं, तो वे चुप न रहें और तुरंत पुलिस या महिला हेल्पलाइन से संपर्क करें। पुलिस का कहना है कि महिलाओं की शिकायतों को पूरी संवेदनशीलता और गोपनीयता के साथ सुना जाता है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
फिलहाल, इंदौर पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस टीम ससुराल पक्ष के सदस्यों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है ताकि घटनाक्रम की सटीक जानकारी जुटाई जा सके। वहीं, पति के कनाडा में होने की पुष्टि के बाद आगे की कानूनी रणनीति तय की जाएगी। यह मामला इंदौर शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग पीड़ित महिला को न्याय मिलने की उम्मीद जता रहे हैं।

