इंदौर: RE-2 रोड निर्माण के लिए फिर शुरू हुई रिमूवल कार्रवाई, 130 बाधक मकान तोड़े जा रहे; भारी पुलिस बल तैनात

इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में प्रशासन और नगर निगम ने शहर के महत्वपूर्ण सड़क प्रोजेक्ट RE-2 रोड (रिंग रोड ईस्ट-2) के अधूरे हिस्से का निर्माण पूरा कराने के लिए एक बार फिर बड़ी रिमूवल कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार सुबह से ही भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम की टीम ने सड़क निर्माण में बाधक बन रहे मकानों को हटाने का काम तेज कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत कुल 130 ऐसे मकानों को तोड़ा जा रहा है, जो प्रस्तावित सड़क मार्ग में बाधा उत्पन्न कर रहे थे। इस अभियान की निगरानी के लिए स्वयं निगम कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद हैं।
बंगाली चौराहा से पीपल्याहाना के बीच RE-2 रोड का यह हिस्सा लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ था। इस सड़क के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए प्रशासन ने पहले भी कई बार प्रयास किए थे, लेकिन विभिन्न कारणों से यह कार्य पूर्ण नहीं हो पा रहा था। अब प्रशासन और नगर निगम ने मिलकर इस अहम प्रोजेक्ट को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्णय लिया है। इसके लिए गुरुवार सुबह से ही रिमूवल कार्रवाई का दौर शुरू किया गया। निगम की टीम जेसीबी और अन्य भारी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची और बाधक मकानों को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
इस कार्रवाई को देखते हुए प्रशासन ने पूरी सावधानी बरती है। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या विरोध से निपटने के लिए भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच ही निगम की टीम अपना काम कर रही है। निगम कमिश्नर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी इस बात का संकेत देती है कि प्रशासन इस प्रोजेक्ट को लेकर कितना गंभीर है और वह बिना किसी रुकावट के इस कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाना चाहता है। अधिकारियों द्वारा लगातार स्थिति की समीक्षा की जा रही है ताकि रिमूवल का काम सुचारु रूप से चलता रहे।
RE-2 रोड यानी रिंग रोड ईस्ट-2 इंदौर शहर के यातायात ढांचे के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। बंगाली चौराहा से लेकर पीपल्याहाना तक जाने वाला यह मार्ग शहर के पूर्वी हिस्से की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने में बड़ी भूमिका निभाएगा। इस सड़क के पूरा होने से शहर के एक बड़े हिस्से को सीधा और सुगम रास्ता मिल सकेगा, जिससे वाहन चालकों के समय की बचत होगी और अन्य मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा। यही कारण है कि नगर निगम और जिला प्रशासन इस सड़क के अधूरे हिस्से को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान कुल 130 बाधक मकानों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें सड़क निर्माण के रास्ते से हटाया जाना आवश्यक था। इन मकानों को हटाने की प्रक्रिया गुरुवार सुबह से ही शुरू हो गई है। निगम की टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए इन संरचनाओं को तोड़ने का काम शुरू किया। हालांकि, प्रभावित लोगों की ओर से किसी प्रकार के विरोध की सूचना अभी तक सामने नहीं आई है, जिसका श्रेय प्रशासन द्वारा पहले से की गई तैयारियों और भारी पुलिस बल की उपस्थिति को दिया जा रहा है।
इंदौर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में बुनियादी ढांचे का विकास एक बड़ी चुनौती रहता है। अक्सर सड़क चौड़ीकरण या नई सड़कों के निर्माण में पुरानी संरचनाएं और अतिक्रमण बाधा बनते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन को कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए रिमूवल कार्रवाई करनी पड़ती है। RE-2 रोड के मामले में भी प्रशासन ने सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही यह कदम उठाया है। निगम कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर रहकर यह सुनिश्चित किया कि कार्रवाई शांतिपूर्ण और नियमानुसार हो।
बंगाली चौराहा और पीपल्याहाना दोनों ही इंदौर के प्रमुख और व्यस्त क्षेत्रों में शुमार हैं। इन दोनों स्थानों को जोड़ने वाली RE-2 रोड के पूरा होने से आसपास के क्षेत्रों में व्यापार और आवागमन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क निर्माण के दौरान उन्हें कुछ समय के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन लंबी अवधि में यह प्रोजेक्ट पूरे क्षेत्र के विकास के लिए फायदेमंद साबित होगा।
नगर निगम की टीम ने स्पष्ट किया है कि यह रिमूवल कार्रवाई केवल उन्हीं संरचनाओं के खिलाफ की जा रही है, जो सीधे तौर पर RE-2 रोड के निर्माण मार्ग में आ रही हैं। 130 मकानों को हटाने का यह अभियान एक बड़ा प्रशासनिक कदम है, जिसमें निगम और पुलिस दोनों विभागों का आपसी समन्वय देखने को मिल रहा है। भारी मशीनरी की मदद से मकानों को तोड़ने और मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस कार्रवाई में सहयोग करें, ताकि शहर के विकास का यह महत्वपूर्ण कार्य बिना किसी बाधा के पूरा हो सके। गुरुवार को शुरू हुई इस कार्रवाई के कब तक पूरे होने की संभावना है, इसे लेकर अभी कोई निश्चित समयसीमा सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं की गई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि काम को जल्द से जल्द पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। निगम कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारी जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक स्थिति पर पैनी नजर बनाए रखेंगे। इंदौर के विकास के लिए RE-2 रोड का पूरा होना एक मील का पत्थर साबित होगा, जिसकी दिशा में आज उठाया गया यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

