Tue, 13 Oct 20269:36 AM
Tue, Oct 13, 2026Updated 9:36 AM IST
होम › विदेश

इंडोनेशियाई पायलट के कारण इथियोपियन एयरलाइंस का कार्गो विमान इजराइल में नहीं उतर सका, बीच रास्ते से लौटी फ्लाइट

WhatsAppFacebookX

वांदे भारत न्यूज़ डेस्क। अंतरराष्ट्रीय उड्डयन क्षेत्र में एक बड़ी घटना सामने आई है, जिसमें इथियोपियन एयरलाइंस के एक कार्गो विमान को इजराइल में उतरने की अनुमति नहीं दी गई। यह विमान इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा से उड़ान भरकर इजराइल जा रहा था, लेकिन विमान में मौजूद क्रू सदस्यों में एक पायलट की राष्ट्रीयता को लेकर आपत्ति जताई गई। इस पायलट की नागरिकता इंडोनेशिया की थी, जिसके चलते इजराइली अधिकारियों ने विमान को अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने और उतरने की मंजूरी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद इस कार्गो विमान को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इथियोपियन एयरलाइंस का यह कार्गो विमान नियमित उड़ान पर अदीस अबाबा से इजराइल के लिए रवाना हुआ था। जब विमान अपनी निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ रहा था, तभी इजराइली प्रशासन की ओर से सूचना दी गई कि विमान के क्रू में शामिल एक पायलट इंडोनेशियाई नागरिक है। इजराइल और इंडोनेशिया के बीच कूटनीतिक संबंध नहीं हैं, और इंडोनेशिया उन देशों में शामिल है जिन्हें इजराइल दुश्मन देशों की श्रेणी में मानता है। इसी कारणवश इजराइल ने किसी भी इंडोनेशियाई नागरिक को अपने हवाई क्षेत्र या भूमि पर प्रवेश की अनुमति देने से साफ मना कर दिया।

इजराइली अधिकारियों की इस सख्त कार्रवाई के बाद इथियोपियन एयरलाइंस के पास कोई विकल्प नहीं बचा और विमान को बिना गंतव्य पर पहुंचे वापस लौटना पड़ा। हालांकि, बाद में इस मामले में समाधान निकाला गया। विमान को वापस लौटने के बाद इथियोपियन एयरलाइंस ने उस इंडोनेशियाई पायलट को बदलने का फैसला किया। जब पायलट को बदलने की बात इजराइली अधिकारियों को बताई गई, तब जाकर उन्हें विमान को इजराइल में उतरने की मंजूरी मिली। पायलट बदले जाने के बाद कार्गो विमान फिर से अपनी यात्रा पूरी करने के लिए रवाना हो सका।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में फ्लाईदुबई के विमान पर हमले की खबरें सामने आई थीं। इस हमले के बाद इजराइल ने अपने सुरक्षा नियमों को और अधिक कड़ा कर लिया है। विशेष रूप से, इजराइल ने उन देशों के क्रू सदस्यों पर प्रतिबंध लगा दिया है जिन्हें वह अपना दुश्मन मानता है। फ्लाईदुबई हमले के बाद इजराइली सुरक्षा एजेंसियों ने सभी एयरलाइंस को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि दुश्मन देशों के नागरिकों को क्रू के रूप में इजराइल आने वाले विमानों में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। इथियोपियन एयरलाइंस के कार्गो विमान के साथ हुई यह घटना इन्हीं नए और सख्त सुरक्षा दिशानिर्देशों का सीधा परिणाम मानी जा रही है।

इंडोनेशिया और इजराइल के बीच दशकों से कोई औपचारिक कूटनीतिक संबंध नहीं रहे हैं। इंडोनेशिया, जो दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश है, फिलिस्तीन का समर्थक रहा है और उसने कभी इजराइल को एक स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता नहीं दी है। इसी वजह से इंडोनेशियाई पासपोर्ट धारकों को इजराइल में प्रवेश की अनुमति नहीं होती, और इजराइली नागरिकों को भी इंडोनेशिया जाने पर प्रतिबंध है। दोनों देशों के बीच इस ऐतिहासिक तनाव का असर अब सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय उड्डयन और व्यापारिक उड़ानों पर भी पड़ने लगा है।

अंतरराष्ट्रीय उड्डयन नियमों के तहत, किसी भी देश को अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाले विमानों और उनके क्रू सदस्यों की जांच करने का पूरा अधिकार होता है। यदि कोई देश किसी विशेष राष्ट्रीयता के व्यक्तियों को अपने यहां आने से रोकना चाहता है, तो वह एयरलाइंस को पहले से सूचित कर सकता है। इस मामले में इजराइल ने अपनी सुरक्षा नीतियों के तहत इंडोनेशियाई पायलट के प्रवेश पर रोक लगाई, जिससे इथियोपियन एयरलाइंस की उड़ान प्रभावित हुई।

इस घटना ने वैश्विक स्तर पर एयरलाइंस कंपनियों के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब एयरलाइंस को इजराइल जाने वाली अपनी उड़ानों के लिए क्रू सदस्यों का चयन करते समय उनकी राष्ट्रीयता का विशेष ध्यान रखना होगा। यदि किसी क्रू सदस्य की नागरिकता ऐसे देश की है जिसके साथ इजराइल के संबंध तनावपूर्ण हैं, तो विमान को उतरने की अनुमति नहीं मिलेगी। इससे न केवल उड़ानों में देरी होगी, बल्कि एयरलाइंस को भारी आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ सकता है।

इथियोपियन एयरलाइंस अफ्रीका की सबसे बड़ी और प्रमुख एयरलाइंस में से एक है, जो दुनिया भर के कई देशों में कार्गो और यात्री उड़ानें संचालित करती है। इजराइल और अफ्रीकी देशों के बीच व्यापारिक संबंधों के कारण कार्गो उड़ानों का संचालन नियमित रूप से होता रहता है। लेकिन इस तरह की घटनाओं से एयरलाइंस के संचालन में बाधा उत्पन्न होती है। अभी तक इथियोपियन एयरलाइंस की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, और यह स्पष्ट नहीं है कि भविष्य में कंपनी अपने क्रू चयन की प्रक्रिया में क्या बदलाव करेगी।

फ्लाईदुबई हमले के बाद मध्य पूर्व क्षेत्र में उड्डयन सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता काफी बढ़ गई है। इजराइल ने अपनी सीमाओं और हवाई क्षेत्र की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। दुश्मन देशों के नागरिकों पर लगाई गई यह रोक इजराइल की व्यापक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि भू-राजनीतिक तनाव का असर अब सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय विमानन सेवाओं पर पड़ रहा है, और आने वाले समय में एयरलाइंस को ऐसे नियमों का और अधिक सख्ती से पालन करना होगा।