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Mon, Oct 12, 2026Updated 3:03 PM IST
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जालंधर: कुमाऊं विकास मंडल का वार्षिक महोत्सव 10 जनवरी को होगा आयोजित, प्रधान भुवन चंद्र जोशी ने की घोषणा

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पंजाब के जालंधर शहर में सक्रिय कुमाऊं विकास मंडल (केवीएम) की ओर से इस वर्ष का वार्षिक महोत्सव 10 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय की औपचारिक घोषणा रविवार देर शाम जालंधर के लद्देवाली इलाके में स्थित कुमाऊं भवन में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान की गई। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने शामिल होकर आगामी वार्षिक महोत्सव की तैयारियों और रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की। कुमाऊं विकास मंडल के प्रधान भुवन चंद्र जोशी ने इस अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि इस बार के वार्षिक महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विशेष आयोजन किया जाएगा, ताकि कुमाऊंनी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को जीवंत रखा जा सके।

रविवार देर शाम लद्देवाली स्थित कुमाऊं भवन में हुई इस बैठक में संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों और समाज के गणमान्य सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य 10 जनवरी को प्रस्तावित वार्षिक महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देना और कार्यक्रम की सफलता के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश तय करना था। कुमाऊं विकास मंडल के प्रधान भुवन चंद्र जोशी ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी सदस्यों से अपील की कि वे इस महोत्सव को सफल बनाने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करें। उन्होंने बताया कि यह महोत्सव न केवल मनोरंजन का माध्यम होगा, बल्कि यह जालंधर और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले कुमाऊंनी परिवारों को एक मंच पर लाने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी होगा।

प्रधान भुवन चंद्र जोशी ने बैठक में जानकारी देते हुए कहा कि वार्षिक महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार अभी तक इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विस्तृत सूची या उनमें शामिल होने वाले कलाकारों के नामों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कुमाऊं क्षेत्र की लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल होंगी, जो प्रवासी कुमाऊंनी समाज को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कुमाऊं विकास मंडल द्वारा हर वर्ष इस प्रकार के महोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसका उद्देश्य उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल से पंजाब में आकर बसे लोगों के बीच सांस्कृतिक एकता बनाए रखना है।

जालंधर के लद्देवाली क्षेत्र में स्थित कुमाऊं भवन कुमाऊं विकास मंडल की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। यहीं पर संगठन की नियमित बैठकें होती हैं और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाती है। रविवार को हुई इस बैठक में भी लद्देवाली स्थित इसी कुमाऊं भवन को चुना गया, जो संगठन के लिए हमेशा से एक महत्वपूर्ण स्थल रहा है। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने 10 जनवरी की तिथि पर सहमति व्यक्त करते हुए तैयारियों को तेज करने का संकल्प लिया। सदस्यों के बीच जिम्मेदारियों के बंटवारे और विभिन्न समितियों के गठन पर भी चर्चा हुई, ताकि महोत्सव के दिन किसी प्रकार की व्यवस्थागत कमी न रहे।

कुमाऊं विकास मंडल (केवीएम) जालंधर में कुमाऊंनी समाज का एक प्रतिष्ठित और सक्रिय संगठन है। पंजाब जैसे राज्य में, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से लोग आकर बसे हैं, ऐसे क्षेत्रीय संगठन अपनी विशिष्ट पहचान और संस्कृति को संरक्षित रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कुमाऊं विकास मंडल समय-समय पर सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है। वार्षिक महोत्सव इन सभी गतिविधियों में सबसे प्रमुख होता है, जिसकी तैयारियां कई सप्ताह पहले से शुरू कर दी जाती हैं। इस वर्ष 10 जनवरी को होने वाले इस महोत्सव को लेकर भी समाज के लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है।

बैठक के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी महोत्सव में बड़ी संख्या में कुमाऊंनी परिवारों के शामिल होने की उम्मीद है। प्रधान भुवन चंद्र जोशी ने सभी सदस्यों से अनुरोध किया कि वे अपने परिचितों, मित्रों और परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस कार्यक्रम में आमंत्रित करें, ताकि महोत्सव का दायरा और अधिक व्यापक हो सके। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी मातृभूमि कुमाऊं की संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराना संगठन की प्राथमिकता है।

उपलब्ध स्रोत जानकारी के अनुसार, फिलहाल 10 जनवरी को होने वाले इस वार्षिक महोत्सव की तिथि, स्थल (लद्देवाली स्थित कुमाऊं भवन) और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की पुष्टि हो चुकी है। बैठक में लिए गए फैसलों को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। आने वाले दिनों में कुमाऊं विकास मंडल की ओर से कार्यक्रम के समय, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के विवरण और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में अधिक जानकारी साझा किए जाने की संभावना है। जालंधर के कुमाऊंनी समाज के लिए यह वार्षिक महोत्सव एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक माना जाता है, और 10 जनवरी का यह दिन समाज के लिए विशेष महत्व रखता है।