Sun, 11 Oct 20264:12 PM
Sun, Oct 11, 2026Updated 4:12 PM IST
होम › मध्य प्रदेश

जबलपुर: क्राइम ब्रांच और तिलवारा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 5 किलो गांजे के साथ दो युवक गिरफ्तार, ओडिशा से लाई गई थी ढाई लाख की खेप

WhatsAppFacebookX

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में क्राइम ब्रांच और तिलवारा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन दोनों आरोपियों के पास से पांच किलो गांजा बरामद किया है। जब्त किए गए इस गांजे की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग ढाई लाख रुपये बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह खेप ओडिशा से जबलपुर लाई गई थी। इस सफल कार्रवाई से ओडिशा से मध्य प्रदेश तक फैली मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने में मदद मिली है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जबलपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच और तिलवारा थाने की पुलिस टीम क्षेत्र में नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर या अन्य माध्यमों से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति अवैध नशीले पदार्थ लेकर इलाके में आ सकते हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए रणनीति तैयार की और संदिग्धों की घेराबंदी शुरू कर दी। चेकिंग के दौरान ही पुलिस ने दोनों युवकों को घेरकर दबोच लिया। उनके पास से भारी मात्रा में गांजा बरामद होने पर उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया गया।

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी युवक हैं। पुलिस ने उनकी पहचान और पूरे विवरण की पुष्टि की है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में अभी तक इन दोनों आरोपियों के नाम और उनकी उम्र का खुलासा नहीं किया गया है। पुलिस की ओर से बताया गया है कि ये दोनों युवक ओडिशा से गांजे की यह बड़ी खेप लेकर जबलपुर पहुंचे थे। उनका उद्देश्य इस मादक पदार्थ को स्थानीय स्तर पर बेचना और अवैध तरीके से मोटी कमाई करना था। पांच किलो गांजे की बाजार कीमत करीब ढाई लाख रुपये आंकी गई है, जो यह दर्शाता है कि यह कोई छोटा मामला नहीं था, बल्कि एक संगठित तस्करी का हिस्सा हो सकता है।

जबलपुर में नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार सक्रिय है। क्राइम ब्रांच और स्थानीय थाना पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई को जिले में ड्रग्स के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। ओडिशा से मध्य प्रदेश तक गांजे की तस्करी का रास्ता लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। ऐसे में इस खेप को जब्त करने और दो तस्करों को पकड़ने से इस आपूर्ति श्रृंखला को बड़ा झटका लगा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चेकिंग के दौरान की गई इस घेराबंदी ने साबित किया है कि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की ढील नहीं बरत रही हैं। तिलवारा थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस इन दोनों युवकों से गहन पूछताछ कर रही है। पूछताछ का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि ओडिशा में इस गांजे को किसने उपलब्ध कराया था, वहां उनके संपर्क कौन-कौन लोग हैं और जबलपुर में इस खेप को किसे सौंपा जाना था।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। यदि पूछताछ में इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या ये दोनों आरोपी पहले भी इस तरह की तस्करी में शामिल रहे हैं या यह उनकी पहली खेप थी। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि भारत में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत गांजे सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री और परिवहन एक गंभीर अपराध है। पांच किलो गांजे की मात्रा को वाणिज्यिक मात्रा (कमर्शियल क्वांटिटी) की श्रेणी में रखा जाता है। एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, वाणिज्यिक मात्रा में मादक पदार्थ रखने या उसकी तस्करी करने पर दोषी पाए जाने पर आरोपियों को 10 साल से लेकर 20 साल तक की कठोर कारावास की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

जबलपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच और तिलवारा थाने की टीम द्वारा की गई इस सफल कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध नशीले पदार्थों के कारोबारियों में हड़कंप मना हुआ है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों की तस्करी या बिक्री की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी। पुलिस का मानना है कि जनता के सहयोग के बिना नशीले पदार्थों के इस अवैध कारोबार को पूरी तरह से खत्म करना संभव नहीं है।

वहीं, इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब्त किए गए पांच किलो गांजे को सुरक्षित मालखाने में रखवा दिया है और इसे साक्ष्य के रूप में न्यायालय में पेश किया जाएगा। दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे और अधिक जानकारी उगलवाने की तैयारी की जा रही है, ताकि ओडिशा से जबलपुर तक फैले इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। पुलिस की यह कार्रवाई समाज को नशे के प्रभाव से बचाने की दिशा में एक ठोस कदम है।