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Tue, Oct 13, 2026Updated 7:54 AM IST
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जहानाबाद में JNU प्रोफेसर यौन उत्पीड़न मामले को लेकर भाजपा का उग्र प्रदर्शन, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का पुतला फूंका

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बिहार के जहानाबाद जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का पुतला फूंककर तीखा विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के एक प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम पर एक छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगने के बाद आयोजित किया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से सवाल किए हैं और स्पष्ट जवाब मांगा है कि वे ऐसे आरोपों पर अपनी क्या स्थिति रखते हैं।

जहानाबाद में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि कांग्रेस पार्टी लगातार महिला अधिकारों और महिला सुरक्षा की बात करती रही है, लेकिन जब उसकी अपनी पार्टी के एक सांसद और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पर ही छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगता है, तो पार्टी का चुप्पी साधना या बचाव की मुद्रा में आना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। भाजपा नेताओं ने इस घटना को कांग्रेस की दोहरी नीति का परिणाम बताया और कहा कि पार्टी को इस संवेदनशील मुद्दे पर देश की जनता के सामने अपना पक्ष रखना चाहिए।

यह पूरा विवाद जेएनयू के प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को लेकर सामने आया है, जो वर्तमान में कांग्रेस पार्टी के सांसद भी हैं। उन पर विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। देश के सबसे प्रतिष्ठित माने जाने वाले शिक्षण संस्थानों में शुमार जेएनयू में इस तरह की घटना सामने आने से न केवल शैक्षणिक जगत में हड़कंप मचा है, बल्कि यह मामला अब राजनीतिक रूप भी ले चुका है। छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए भाजपा ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाते हुए कांग्रेस नेतृत्व को कटघरे में खड़ा करने की रणनीति बनाई है।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान यह मांग भी उठाई कि अंगोमचा बिमोल अकोइजाम पर लगे आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उनका तर्क था कि यदि कोई व्यक्ति एक तरफ संसद में देश के कानून बनाने की भूमिका में है और दूसरी तरफ एक विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं को शिक्षित करने का जिम्मा संभालता है, तो उस पर लगने वाले यौन उत्पीड़न जैसे संगीन आरोपों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। भाजपा ने यह सवाल भी उठाया कि क्या कांग्रेस पार्टी अपने सांसद के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी या फिर राजनीतिक संरक्षण देने का प्रयास किया जाएगा।

जहानाबाद में हुए इस पुतला दहन कार्यक्रम में भाजपा के स्थानीय नेताओं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे, जिन पर कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व के खिलाफ नारे लिखे हुए थे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिलाओं के मुद्दों पर केवल राजनीतिक बयानबाजी करती आई है, लेकिन जब उसके अपने लोगों पर ऐसे आरोप लगते हैं तो वह मौन धारण कर लेती है।

गौरतलब है कि जेएनयू जैसे संस्थानों में पहले भी समय-समय पर छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और उत्पीड़न से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं, जिसके बाद वहां की आंतरिक शिकायत समितियों और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, इस बार मामला इसलिए अधिक सुर्खियों में है क्योंकि आरोप लगाने वाली पीड़िता एक छात्रा है और आरोपी व्यक्ति न केवल विश्वविद्यालय का प्रोफेसर है, बल्कि वह सत्तारूढ़ या विपक्षी दल का नहीं बल्कि कांग्रेस पार्टी का एक सक्रिय सांसद भी है। इसी कारण यह मामला सीधे तौर पर राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है।

भाजपा ने इस मुद्दे को बिहार सहित अन्य राज्यों में भी उठाकर कांग्रेस को घेरने की तैयारी दिखाई है। जहानाबाद के इस प्रदर्शन को इसी कड़ी का एक हिस्सा माना जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले में दोषी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती और कांग्रेस नेतृत्व इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं करता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने राहुल गांधी से सीधे तौर पर जवाब मांगते हुए कहा कि उन्हें बताना चाहिए कि उनकी पार्टी ऐसे आरोपों को लेकर क्या रुख अपनाती है।

फिलहाल, इस पूरे मामले में कांग्रेस पार्टी या स्वयं आरोपी सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम की ओर से जहानाबाद में हुए प्रदर्शन के संदर्भ में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि जेएनयू प्रशासन या संबंधित कानूनी प्राधिकरणों ने इस यौन उत्पीड़न के आरोप पर अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं। जांच एजेंसियों या विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति द्वारा की जा रही कार्रवाई की वर्तमान स्थिति के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक तूल पकड़ सकता है, क्योंकि विपक्षी दल भाजपा इसे लेकर कांग्रेस पर लगातार दबाव बनाए हुए है।