जहानाबाद में निर्माण मजदूर संघ का प्रदर्शन: 15 सूत्री मांगों को लेकर श्रम अधीक्षक कार्यालय के बाहर नारेबाजी, दलालों पर लगाए गंभीर आरोप

जहानाबाद। बिहार के जहानाबाद जिले में निर्माण क्षेत्र में कार्य करने वाले मजदूरों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर गुरुवार को एक बड़ा प्रदर्शन किया। जहानाबाद निर्माण मजदूर संघ के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में जुटे मजदूरों ने श्रम अधीक्षक कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करते हुए श्रम विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। मजदूरों ने अपने अधिकारों की रक्षा और 15 सूत्री मांगों के तत्काल समाधान की मांग को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मजदूरों ने श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए दलालों पर भी सीधे तौर पर आरोप लगाए हैं।
गुरुवार को आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में निर्माण मजदूर संघ से जुड़े बड़ी संख्या में महिला और पुरुष मजदूर शामिल हुए। सुबह से ही मजदूर श्रम अधीक्षक कार्यालय के परिसर में जुटना शुरू हो गए थे। कुछ ही देर में कार्यालय के बाहर मजदूरों की भारी भीड़ जमा हो गई। सभी मजदूरों के हाथों में अपनी मांगों से संबंधित बैनर और तख्तियां थीं, जिन पर उनके अधिकारों और समस्याओं को स्पष्ट रूप से लिखा गया था। मजदूरों ने श्रम विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पूरे माहौल को गुंजायमान कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। जब शांतिपूर्ण तरीके से मांग रखने पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, तो उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
निर्माण मजदूर संघ की ओर से कुल 15 सूत्री मांगें रखी गई हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन सभी 15 मांगों की विस्तृत सूची अभी पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि ये मांगें निर्माण मजदूरों के कल्याण, उनके पंजीकरण, सरकारी योजनाओं का लाभ और उनके रोजमर्रा के अधिकारों से सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं। मजदूरों ने मांग की है कि श्रम विभाग द्वारा संचालित सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन्हें बिना किसी भेदभाव और बिना किसी अनावश्यक देरी के मिलना चाहिए। उनका आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था में मजदूरों को उनकी जायज सुविधाएं प्राप्त करने में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इस प्रदर्शन के दौरान सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि मजदूरों ने श्रम विभाग के कार्यालय और उसकी प्रक्रियाओं में सक्रिय दलालों पर खुलेआम आरोप लगाए। मजदूरों का कहना था कि उनके वैध कामों को पूरा कराने के नाम पर दलालों द्वारा उनसे अवैध वसूली की जाती है। गरीब और असहाय मजदूरों को उनके ही अधिकार दिलाने के बदले में उनसे पैसे मांगे जाते हैं, जिसके कारण वे पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे मजदूर और अधिक परेशान हो जाते हैं। मजदूरों ने प्रशासन और श्रम विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इन दलालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और कार्यालय परिसर में दलालों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए, ताकि मजदूरों को सीधे अधिकारियों से मिलकर अपना काम कराने में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
श्रम अधीक्षक कार्यालय के समक्ष हुए इस प्रदर्शन से कुछ समय के लिए प्रशासनिक कामकाज भी प्रभावित हुआ। नारेबाजी और धरने के कारण कार्यालय आने-जाने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। निर्माण मजदूर संघ के नेताओं ने इस दौरान स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण है और उनका उद्देश्य केवल अपनी जायज मांगों की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी 15 सूत्री मांगों पर जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई और दलालों के आतंक पर लगाम नहीं लगाई गई, तो संघ को आगे और भी बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी श्रम विभाग और जिला प्रशासन की होगी।
बता दें कि बिहार सहित देश के अन्य हिस्सों में निर्माण मजदूर सबसे कमजोर और असंगठित वर्गों में से एक माने जाते हैं। इन मजदूरों को सरकार की ओर से कई कल्याणकारी योजनाएं चलती हैं, जिनमें दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य सुविधाएं, बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति और अन्य आर्थिक सहायता शामिल होती है। लेकिन जमीनी स्तर पर इन योजनाओं का लाभ अक्सर वास्तविक जरूरतमंद मजदूरों तक नहीं पहुंच पाता है। जहानाबाद में गुरुवार को हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर इस बात को रेखांकित किया है कि मजदूरों को उनके अधिकारों के लिए आज भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
वहीं, श्रम अधीक्षक कार्यालय की ओर से प्रदर्शन के दौरान मजदूरों की मांगों पर क्या रुख अपनाया गया या अधिकारियों ने उन्हें क्या आश्वासन दिया, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी अनिश्चित है कि विभाग ने दलालों पर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए कोई कदम उठाया है या नहीं। वंदे भारत न्यूज इस मामले में श्रम विभाग के अधिकारियों का पक्ष जानने का प्रयास कर रहा है। फिलहाल, निर्माण मजदूर संघ ने अपनी मांगों को लेकर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा है और प्रशासन से जल्द से जल्द समाधान निकालने की अपील की है। जहानाबाद के इस प्रदर्शन ने जिले में मजदूरों की दयनीय स्थिति और प्रशासनिक चुनौतियों को एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर ला खड़ा किया है।

