Sat, 10 Oct 20268:26 AM
Sat, Oct 10, 2026Updated 8:26 AM IST
होम › बिज़नस

जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO: ₹1,065 से ₹1,119 हो सकता है प्राइस बैंड, ₹30,200 करोड़ जुटाने की तैयारी, ₹10.3 लाख करोड़ मार्केट वैल्यूएशन का टारगेट

WhatsAppFacebookX

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की प्रमुख टेलीकॉम और डिजिटल सेवा कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड देश के शेयर बाजार के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 1,065 रुपये से लेकर 1,119 रुपये प्रति शेयर के बीच निर्धारित किया जा सकता है। इस आईपीओ के माध्यम से कंपनी लगभग 30,200 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जुटाने की योजना बना रही है। इसके साथ ही, रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए 10.3 लाख करोड़ रुपये तक के मार्केट वैल्यूएशन (बाजार पूंजीकरण) का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक ऐतिहासिक घटनाक्रम साबित हो सकता है। यदि यह आईपीओ निर्धारित योजनाओं के अनुसार सफल होता है, तो यह न केवल रिलायंस समूह बल्कि समस्त भारतीय दूरसंचार और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कंपनी द्वारा 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि ये आंकड़े वर्तमान में सामने आई रिपोर्ट्स पर आधारित हैं और कंपनी या भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा अंतिम मूल्य बैंड की औपचारिक घोषणा अभी शेष है।

जियो प्लेटफॉर्म्स द्वारा 30,200 करोड़ रुपये जुटाने की योजना को बाजार विश्लेषकों द्वारा एक बहुत बड़ी कवायद के रूप में देखा जा रहा है। इस विशाल फंड रेजिंग का सीधा उद्देश्य कंपनी की भविष्य की रणनीतिक जरूरतों को पूरा करना और उसके डिजिटल तथा टेलीकॉम नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ बनाना माना जा रहा है। कंपनी द्वारा जुटाई जाने वाली इस राशि का उपयोग उसके मौजूदा बुनियादी ढांचे के विस्तार, नई तकनीकों के विकास और बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करने में किया जा सकता है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा जियो प्लेटफॉर्म्स के लिए 10.3 लाख करोड़ रुपये के मार्केट वैल्यूएशन का जो लक्ष्य रखा गया है, वह कंपनी के प्रति निवेशकों और बाजार की अपेक्षाओं को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। यह वैल्यूएशन टारगेट जियो को न केवल भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक बनाता है, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर भी एक प्रमुख डिजिटल और टेलीकॉम दिग्गज के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड रिलायंस इंडस्ट्रीज की वह इकाई है जो देश में दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है। वर्ष 2016 में व्यावसायिक रूप से अपनी सेवाएं शुरू करने के बाद से, जियो ने भारतीय टेलीकॉम बाजार में अभूतपूर्व बदलाव लाए हैं। कंपनी ने अपनी सस्ती डेटा सेवाओं और विस्तृत नेटवर्क पहुंच के बल पर बहुत कम समय में करोड़ों ग्राहकों का विशाल आधार तैयार किया है। आज जियो केवल एक मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ब्रॉडबैंड, डिजिटल एंटरटेनमेंट, क्लाउड सेवाओं, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस और अन्य कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को समाहित करने वाला एक व्यापक तकनीकी इकोसिस्टम बन चुका है।

इस संभावित आईपीओ को लेकर बाजार में काफी समय से चर्चाएं चल रही थीं। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भी पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न अवसरों पर जियो प्लेटफॉर्म्स को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने की कंपनी की मंशा का संकेत दिया था। अब सामने आ रही ताजा रिपोर्ट्स इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरणों की तरफ बढ़ रही है।

यदि जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ 30,200 करोड़ रुपये के आकार के साथ बाजार में आता है, तो यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम होगा। इससे पहले देश में आए बड़े आईपीओ के रिकॉर्ड्स को यह आंकड़ा पीछे छोड़ देगा। इतने बड़े आकार का आईपीओ बाजार में मौजूद संस्थागत और खुदरा दोनों प्रकार के निवेशकों के लिए एक बड़ा आकर्षण केंद्र बनने की क्षमता रखता है।

हालांकि, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि आईपीओ से जुड़ी अंतिम तिथियां, लॉट साइज, और सटीक प्राइस बैंड सहित सभी औपचारिक विवरण कंपनी द्वारा नियामक प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही जारी किए जाएंगे। वर्तमान में उपलब्ध जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है और निवेशकों को किसी भी प्रकार का निर्णय लेने से पहले कंपनी द्वारा जारी किए जाने वाले आधिकारिक रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) और अन्य वैधानिक दस्तावेजों का इंतजार करना चाहिए।

जियो प्लेटफॉर्म्स के इस संभावित आईपीओ को भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था के परिदृश्य में एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। 10.3 लाख करोड़ रुपये के मार्केट वैल्यूएशन का लक्ष्य यह दर्शाता है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने डिजिटल कारोबार की भविष्य की वृद्धि और क्षमताओं को लेकर कितनी आश्वस्त है। आने वाले समय में जब इस आईपीओ की औपचारिक घोषणा होगी, तो यह भारतीय पूंजी बाजार और टेलीकॉम सेक्टर दोनों के लिए एक नया अध्याय खोलने का काम करेगा।