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Tue, Oct 13, 2026Updated 9:38 AM IST
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जमुई में दर्दनाक सड़क हादसा: नेतुला मंदिर से पूजा कर लौट रही दो लड़कियों को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचला, मौके पर ही दोनों की मौत; चालक फरार

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बिहार के जमुई जिले में मंगलवार की अहले सुबह एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। इस भयानक दुर्घटना में तेज रफ्तार ट्रक ने दो लड़कियों को बुरी तरह से कुचल दिया, जिससे दोनों की घटनास्थल पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। यह हादसा जमुई-सिकंदरा रोड पर हुआ। जानकारी के मुताबिक, दोनों मृतक लड़कियां नेतुला मंदिर से पूजा-अर्चना करके अपने घर लौट रही थीं। हादसे को अंजाम देने के बाद ट्रक का चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। इस घटना ने इलाके में मातम पसार दिया है और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

मंगलवार की सुबह जब अंधेरा छंट भी नहीं पाया था, तभी यह खौफनाक हादसा हो गया। जमुई-सिकंदरा मार्ग पर दिनचर्या की शुरुआत के लिए निकलीं दोनों लड़कियां सड़क किनारे चल रही थीं। बताया जा रहा है कि वे नेतुला मंदिर में सुबह की पूजा करने गई थीं और वहां से दर्शन करके वापस अपने घर की ओर लौट रही थीं। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। ट्रक की रफ्तार इतनी अधिक थी कि दोनों लड़कियां संभल भी नहीं पाईं और सीधे उसके पहियों के नीचे आ गईं। टक्कर इतनी जोरदार और भयानक थी कि दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

इस दुर्घटना के तुरंत बाद ट्रक चालक ने गाड़ी नहीं रोकी। वह मौके पर रुकने या मदद करने के बजाय ट्रक लेकर तेजी से फरार हो गया। चालक की इस कायराना हरकत से स्थानीय लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। जैसे ही आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों को इस हादसे की जानकारी मिली, वे तुरंत घटनास्थल की तरफ दौड़े। वहां का मंजर देखकर लोगों के होश उड़ गए। दोनों लड़कियों के शव सड़क पर क्षत-विक्षत अवस्था में पड़े हुए थे। यह नजारा देखकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और कई लोग चीख पड़े।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की। इसके साथ ही फरार हुए ट्रक और उसके चालक की तलाश के लिए पुलिस ने नाकेबंदी कर दी है। जमुई-सिकंदरा रोड पर वाहनों की जांच की जा रही है ताकि आरोपी चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक चालक या ट्रक का कोई सुराग नहीं लग पाया था।

दोनों लड़कियों की पहचान और उनके परिवारों की पूरी जानकारी अभी विस्तार से सामने आनी बाकी है। लेकिन, यह तय है कि नेतुला मंदिर से पूजा कर लौटने के दौरान उनके साथ यह अनहोनी हुई। मंदिर से घर लौटने का यह सफर उनके परिजनों के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा सदमा बन गया। जैसे ही दोनों लड़कियों की मौत की खबर उनके घर वालों तक पहुंची, कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया है। जिन घरों में सुबह की शुरुआत पूजा-पाठ से होती थी, वहां अब सिर्फ चीख-पुकार और मातम है।

स्थानीय लोगों ने इस हादसे के बाद जमुई-सिकंदरा मार्ग पर वाहनों की बेतहाशा रफ्तार पर गहरी चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क पर अक्सर भारी वाहन बहुत तेज गति से दौड़ते हैं, जिससे पैदल चलने वाले लोगों की जान हमेशा खतरे में रहती है। सुबह के अंधेरे में जब लोग पूजा या अन्य कामों के लिए निकलते हैं, तो तेज रफ्तार वाहनों से बचना और भी मुश्किल हो जाता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर वाहनों की गति पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।

बिहार में सड़क हादसों का सिलसिला लगातार जारी है और जमुई का यह मामला उसी कड़ी का एक और दर्दनाक हिस्सा है। तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण आए दिन निर्दोष लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। पुलिस प्रशासन अब इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगा। फरार ट्रक चालक की गिरफ्तारी इस मामले में सबसे बड़ी चुनौती है। परिजन और स्थानीय लोग अब पुलिस से यही उम्मीद लगाए बैठे हैं कि आरोपी चालक को जल्द पकड़कर उसे सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए, ताकि किसी और परिवार को ऐसा दुख न सहना पड़े। यह हादसा पूरे जमुई जिले के लिए एक गहरा सदमा है और लोगों के जेहन में लंबे समय तक बना रहेगा।