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Sun, Oct 11, 2026Updated 11:51 AM IST
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जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की दोबारा होगी जांच, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने दर्ज की नई FIR

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर इलाके में 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा के मामले में एक महत्वपूर्ण और बड़ा विकास सामने आया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस पूरे घटनाक्रम की दोबारा जांच करने के लिए एक नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। सूत्रों का दावा है कि क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही इस नई और ताजा जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि जंतर-मंतर पर हुई हिंसा के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी। इस नई एफआईआर के दर्ज होने के बाद अब इस मामले की जांच एक नए सिरे से शुरू हो गई है और माना जा रहा है कि क्राइम ब्रांच की टीम उन सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल करेगी जो पहले की जांच में सामने नहीं आ सके थे।

गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद इस हिंसा से जुड़ी कुल 17 प्राथमिकियों (FIR) को रद्द कर दिया गया था। सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप और उसके बाद जारी निर्देशों के परिणामस्वरूप इन सभी एफआईआर को निरस्त किया गया था, जिसके बाद इस मामले की जांच अस्थायी रूप से रुक गई थी। हालांकि, अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पूरी घटना की फिर से जांच करने का फैसला किया है और इसके लिए एक नई एफआईआर दर्ज करके औपचारिक कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। 17 एफआईआर रद्द होने के बावजूद क्राइम ब्रांच द्वारा नई एफआईआर दर्ज करना यह दर्शाता है कि पुलिस प्रशासन इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है और हिंसा के मूल कारणों तक पहुंचना चाहता है।

बता दें कि 20 जुलाई को राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस प्रदर्शन के दौरान ही हालात बिगड़ गए थे और वहां हिंसा भड़क उठी थी। जंतर-मंतर हमेशा से लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों और धरनों का केंद्र रहा है, लेकिन 20 जुलाई को हुई इस घटना ने राष्ट्रीय राजधानी की कानून व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए थे। प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई अलग-अलग धाराओं के तहत कुल 17 एफआईआर दर्ज की थीं। इन प्राथमिकियों में हिंसा, उपद्रव और अन्य संबंधित आरोपों को शामिल किया गया था। लेकिन बाद में जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में आया, तो शीर्ष अदालत के निर्देशों के अनुपालन में इन सभी 17 एफआईआर को रद्द कर दिया गया था।

अब समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए सूत्रों ने बताया कि क्राइम ब्रांच की जांच का दायरा काफी व्यापक होगा। सूत्रों का दावा है कि जांचकर्ताओं की टीम विशेष रूप से इस बात की पड़ताल करेगी कि क्या जंतर-मंतर पर हुई इस हिंसा के पीछे कोई पूर्व नियोजित या बड़ी साजिश थी। क्राइम ब्रांच यह जानने का प्रयास करेगी कि क्या प्रदर्शन को जानबूझकर हिंसक मोड़ देने के लिए किसी संगठित तरीके से काम किया गया था। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी और क्राइम ब्रांच किन लोगों या संगठनों से पूछताछ करेगी। सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर ही फिलहाल यह कहा जा सकता है कि साजिश के एंगल पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को आम तौर पर जटिल, संवेदनशील और उच्च स्तर के आपराधिक मामलों की जांच सौंपी जाती है। ऐसे में जंतर-मंतर हिंसा मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने और नई एफआईआर दर्ज किए जाने से यह संकेत मिलता है कि पुलिस प्रशासन इस घटनाक्रम को एक सामान्य उपद्रव के रूप में नहीं, बल्कि एक गंभीर मामले के तौर पर देख रहा है। क्राइम ब्रांच के पास तकनीकी और खुफिया जानकारी जुटाने की बेहतर क्षमता होती है, जिसका उपयोग अब इस हिंसा के पीछे के असली कारणों और संभावित साजिशकर्ताओं तक पहुंचने के लिए किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 17 एफआईआर रद्द किए जाने का फैसला इस मामले में एक बड़ा कानूनी मोड़ था। शीर्ष अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस ने वे सभी प्राथमिकियां वापस ले ली थीं। लेकिन नई एफआईआर दर्ज होने के साथ ही जांच का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्राइम ब्रांच अपनी इस नई जांच में क्या तथ्य सामने लाती है और क्या वह हिंसा के पीछे किसी बड़ी साजिश के सबूत जुटा पाती है या नहीं।

वन्दे भारत न्यूज़ की इस रिपोर्ट में स्पष्ट किया जाता है कि जांच से जुड़ी ये सभी जानकारी समाचार एजेंसी पीटीआई द्वारा सूत्रों के हवाले से दी गई है। चूंकि यह मामला अभी जांच के शुरुआती चरण में है, इसलिए जांच की सटीक दिशा, समयसीमा और भविष्य की कार्रवाइयों के बारे में अभी कुछ भी निश्चित रूप से कहना जल्दबाजी होगी। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच अब इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए अपनी जांच प्रक्रिया को तेज करेगी और जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुई हिंसा की हर बारीकी को खंगालने का प्रयास करेगी।