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Mon, Oct 12, 2026Updated 7:20 AM IST
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खगड़िया: मानसी थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म का गंभीर आरोप, DSP रमेश कुमार ने घटना की पुष्टि की

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खगड़िया। बिहार के खगड़िया जिले के मानसी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म का अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला प्रकाश में आया है। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर सनसनी फैला दी है और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता जब अपने खेत की ओर जा रही थी, तभी कथित तौर पर उसके साथ यह अपराध किया गया। डीएसपी रमेश कुमार ने स्वयं इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई कर रही है।

मानसी थाना क्षेत्र के जिस गांव में यह घटना हुई है, वहां इस खबर के सामने आने के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल व्याप्त है। पीड़ित किशोरी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह अपने नियमित काम के लिए खेत की तरफ गई थी। इसी दौरान कथित रूप से उसके साथ दुष्कर्म की यह घटना घटित हुई। नाबालिग होने के कारण पीड़िता के बयान को बेहद संवेदनशीलता के साथ दर्ज किया जा रहा है। बाल यौन अपराध संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में पीड़िता के बयान दर्ज करने की एक विशेष और सुरक्षित प्रक्रिया होती है, जिसे पुलिस द्वारा अपनाए जाने की उम्मीद है।

इस पूरे मामले में पीड़िता के परिजनों का बयान भी सामने आया है, जो घटना की भयावहता को स्पष्ट करता है। परिजनों ने बताया कि जब किशोरी खेत से लौटकर घर आई, तो उसकी हालत देखकर वे सकते में आ गए। परिजनों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ‘कपड़ों पर खून के निशान’ थे, जिससे उन्हें तुरंत अंदेशा हो गया कि उनके बच्चे के साथ कोई बहुत बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया है। कपड़ों पर मिले ये निशान इस मामले में एक महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में देखे जा रहे हैं। फॉरेंसिक विज्ञान के दृष्टिकोण से, पीड़िता के कपड़े और अन्य भौतिक साक्ष्य जांच के लिए बेहद अहम होते हैं। पुलिस को इन साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए वैज्ञानिक जांच के लिए भेजना होगा ताकि आरोपितों तक पहुंचने में मदद मिल सके।

खगड़िया के डीएसपी रमेश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए इस घटना की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि किशोरी खेत जाने के दौरान इस कथित घटना का शिकार हुई। डीएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि मानसी थाना क्षेत्र में इस मामले की जांच तेजी से चल रही है। पुलिस अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर छानबीन कर रही है। हालांकि, अभी तक किसी संदिग्ध या आरोपित की गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार, जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई किए जाने का दावा किया जा रहा है।

बिहार में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा हमेशा से एक गंभीर मुद्दा रहा है। खगड़िया जैसे जिलों में ग्रामीण इलाकों में अकेले खेतों की ओर जाने वाली महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा को लेकर कई बार सवाल उठते रहे हैं। यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने की आवश्यकता है। पुलिस प्रशासन के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण मामला है, क्योंकि पीड़िता नाबालिग है और घटना खेत जैसे एकांत स्थान पर हुई है, जहां प्रत्यक्षदर्शियों का मिलना कठिन होता है। ऐसे में पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र पर निर्भर रहना पड़ता है।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और POCSO अधिनियम के तहत बेहद सख्त प्रावधान लागू होते हैं। ऐसे मामलों में दोष सिद्ध होने पर आरोपित को लंबी अवधि की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा, पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी इस जांच का एक अनिवार्य हिस्सा है। मेडिकल रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, वे पुलिस की चार्जशीट और अदालत में चलने वाले मुकदमे की आधारशिला होंगे।

मानसी थाना पुलिस वर्तमान में इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों की टीम गांव में डेरा डाले हुए है और संभावित गवाहों तथा स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि क्या इससे पहले भी गांव में ऐसी कोई घटना हुई है या कोई संदिग्ध व्यक्ति ग्रामीणों की नजर में था। पुलिस हर उस बिंदु पर काम कर रही है जो उसे आरोपित तक पहुंचाने में सहायक हो सकता है।

वहीं, इस घटना के बाद पीड़ित परिवार सदमे में है। परिजनों ने पुलिस से त्वरित और कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि आरोपितों को सजा मिल सके और भविष्य में गांव की किसी अन्य बेटी के साथ ऐसी घटना न हो। समाजसेवी संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी यह अपेक्षा की जा रही है कि वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में सहयोग करें और उन्हें मानसिक रूप से संबल प्रदान करें।

कुल मिलाकर, खगड़िया के मानसी थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी के साथ हुई यह कथित घटना बेहद निंदनीय है। डीएसपी रमेश कुमार द्वारा घटना की पुष्टि और परिजनों द्वारा कपड़ों पर खून के निशान मिलने का खुलासा इस बात की तस्दीक करता है कि मामला अत्यंत गंभीर है। अब सबकी निगाहें मानसी पुलिस की जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। वंदे भारत न्यूज़ इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे-जैसे जांच में नए तथ्य सामने आएंगे, उनसे पाठकों को अवगत कराया जाएगा।