खंडवा: कोतवाली थाना परिसर में मीटिंग के लिए निकलते समय अचानक धू-धू कर जल उठी बाइक, टीआई प्रवीण आर्य और आरक्षक ने कूदकर बचाई जान

खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में गुरुवार को एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। जिला मुख्यालय स्थित खंडवा कोतवाली थाना परिसर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया, जब थाना प्रभारी (टीआई) प्रवीण आर्य और उनके साथ मौजूद एक आरक्षक की पुलिस बाइक अचानक धू-धू करके जलने लगी। यह घटना तब हुई जब दोनों पुलिसकर्मी किसी आधिकारिक मीटिंग में शामिल होने के लिए थाने से निकल रहे थे। आग की लपटें देखते ही टीआई प्रवीण आर्य और आरक्षक ने बिना समय गंवाए तत्काल चलती बाइक से खुद को अलग कर लिया और नीचे कूद गए। उनकी इस त्वरित सूझबूझ के कारण दोनों की जान बच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को खंडवा कोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण आर्य अपने विभाग के एक आरक्षक के साथ किसी जरूरी मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए रवाना हो रहे थे। जैसे ही वे थाना परिसर में अपनी सरकारी बाइक लेकर निकले, अचानक बाइक में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बाइक धू-धू करके जलने लगी। थाना परिसर में आग की ऊंची लपटें उठती देख वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों और लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि टीआई प्रवीण आर्य और उनके साथ सवार आरक्षक ने खतरे को भांपते हुए बिल्कुल सही समय पर बाइक से छलांग लगा दी। दोनों ने खुद को जलती हुई बाइक से सुरक्षित दूरी पर कर लिया, जिससे उन्हें कोई शारीरिक चोट नहीं आई।
यह घटना खंडवा कोतवाली थाना परिसर के भीतर ही घटी, जिसके कारण पुलिस महकमे में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। थाने के अंदर ही पुलिस वाहन में आग लगने की घटना को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों में चिंता का विषय बना हुआ है। आग लगने के बाद मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए। बाइक में लगी आग इतनी तेज थी कि वाहन को काफी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद थाना परिसर में धुएं का गुबार देखा गया और अन्य वाहनों को सुरक्षित दूरी पर किया गया ताकि आग किसी अन्य संपत्ति तक न फैल सके।
बाइक में अचानक आग कैसे लगी, इसके स्पष्ट कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत कारण सामने नहीं आया है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी, ईंधन रिसाव के कारण लगी, या इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी खराबी जिम्मेदार थी। पुलिस विभाग द्वारा इस मामले की जांच की जाएगी ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। फिलहाल, इस बात की भी जानकारी नहीं मिल पाई है कि जिस बाइक में आग लगी वह हाल ही में सर्विस हुई थी या उसमें पहले से कोई तकनीकी समस्या दर्ज थी।
थाना प्रभारी प्रवीण आर्य और आरक्षक की सूझबूझ ने एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। यदि दोनों ने तत्काल बाइक से कूदने का निर्णय नहीं लिया होता, तो आग की चपेट में आने से उन्हें गंभीर रूप से झुलसने का खतरा था। पुलिस विभाग में इस तरह की घटनाएं बेहद संवेदनशील मानी जाती हैं, क्योंकि थाना परिसर में कई अन्य वाहन, दस्तावेज और जरूरी उपकरण रखे होते हैं। ऐसे में आग का तेजी से फैलना अन्य संपत्तियों और वहां मौजूद लोगों के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता था।
खंडवा जिले में पुलिस विभाग के वाहनों की नियमित जांच और रखरखाव को लेकर यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है। हालांकि, विभाग की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि आग लगने की इस घटना के बाद टीआई प्रवीण आर्य और आरक्षक मीटिंग में किस प्रकार पहुंचे या उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था का उपयोग किया या नहीं।
मध्य प्रदेश में पिछले कुछ समय में सरकारी और निजी वाहनों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वाहनों की नियमित सर्विसिंग, वायरिंग की समय-समय पर जांच और ईंधन प्रणाली की सतर्क निगरानी से इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। खंडवा कोतवाली थाने में हुई इस घटना के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि पुलिस विभाग अपने सभी वाहनों की तकनीकी जांच को लेकर और अधिक सख्त दिशा-निर्देश जारी करेगा।
गुरुवार को हुई इस घटना ने स्थानीय स्तर पर भी लोगों का ध्यान खींचा है। थाना परिसर के अंदर दिनदहाड़े बाइक में आग लगने की खबर तेजी से क्षेत्र में फैल गई। फिलहाल, टीआई प्रवीण आर्य और संबंधित आरक्षक पूरी तरह से सुरक्षित हैं और उन्हें किसी प्रकार की कोई चोट नहीं आई है। आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है। वंदे भारत न्यूज़ इस मामले में आने वाले अपडेट्स पर लगातार नजर रखे हुए है।

