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Fri, Oct 9, 2026Updated 1:38 PM IST
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किशनगंज: बहादुरगंज में तेज रफ्तार टाटा नेक्सन कार पलटी, ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने 5 लाख रुपये का विदेशी शराब किया बरामद

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बिहार के किशनगंज जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पूर्ण शराबबंदी वाले राज्य में तस्करी के लिए लाई जा रही भारी मात्रा में विदेशी शराब को पुलिस ने जब्त किया है। यह घटना बहादुरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत एलआरपी चौक स्थित बस स्टैंड के पास हुई, जहां एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस दुर्घटनाग्रस्त वाहन से पुलिस ने लगभग पांच लाख रुपये मूल्य की विदेशी शराब बरामद की है। स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता और समय रहते पुलिस को दी गई सूचना के कारण यह बड़ी कार्रवाई संभव हो सकी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला बहादुरगंज थाना क्षेत्र के एलआरपी चौक का है। एलआरपी चौक स्थित बस स्टैंड के समीप एक टाटा नेक्सन कार तेज गति से गुजर रही थी। बताया जा रहा है कि वाहन चालक ने गाड़ी पर से अपना नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद यह कार सड़क किनारे ही पलट गई। दुर्घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोगों को कुछ समझ नहीं आया। हालांकि, कार के पलटते ही वहां स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जुटने लगी।

जब ग्रामीणों ने दुर्घटनाग्रस्त कार के पास पहुंचकर देखा तो उनके होश उड़ गए। कार के अंदर भारी मात्रा में विदेशी शराब की बोतलें रखी हुई थीं। दुर्घटना के कारण शराब की कई बोतलें टूट गई थीं और गाड़ी के अंदर तथा आसपास शराब फैल चुकी थी। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के कारण किसी भी प्रकार की शराब का निर्माण, परिवहन, भंडारण और सेवन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी शराब का मिलना अपने आप में एक गंभीर अपराध की ओर इशारा करता है।

इस संदिग्ध स्थिति को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने बिना कोई देरी किए तुरंत इसकी सूचना बहादुरगंज थाना पुलिस को दी। ग्रामीणों की सूचना मिलते ही बहादुरगंज थाने की पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सबसे पहले कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई। पुलिस के प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, जब्त की गई इस विदेशी शराब की कीमत लगभग पांच लाख रुपये बताई जा रही है।

पुलिस ने घटनास्थल से दुर्घटनाग्रस्त टाटा नेक्सन कार को भी अपने कब्जे में ले लिया है। कार को जब्त कर उसे थाने लाया गया ताकि उसकी जांच की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि यह वाहन किसके नाम पर पंजीकृत है। बिहार में शराब तस्कर अक्सर निजी वाहनों या अन्य राज्यों से आने वाली गाड़ियों का इस्तेमाल अवैध शराब की ढुलाई के लिए करते हैं। ऐसे में पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह कार किसी शराब तस्कर गिरोह से जुड़ी है या इसे किराए पर लेकर शराब की तस्करी की जा रही थी।

इस घटना में कार सवार लोगों का क्या हुआ, इस बारे में अभी तक स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। स्रोत में यह पुष्टि नहीं हो सकी है कि दुर्घटना के समय कार में कितने लोग सवार थे, या वे मौके से फरार होने में कामयाब रहे या उन्हें हिरासत में लिया गया है। पुलिस द्वारा इस पहलू पर भी जांच की जा रही है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन से इतनी बड़ी मात्रा में शराब मिलने के बाद पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार ने वर्ष 2016 से राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू कर रखी है। इसके बावजूद सीमावर्ती जिलों में शराब की तस्करी के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। किशनगंज जिला पश्चिम बंगाल और नेपाल की सीमा से लगा हुआ है, जिसके कारण यहां अवैध शराब की तस्करी करना तस्करों के लिए एक चुनौतीपूर्ण लेकिन आम बात बन गई है। पुलिस और उत्पाद विभाग की टीमें समय-समय पर छापेमारी करती हैं और शराब जब्त करती हैं, लेकिन तस्कर नए-नए तरीकों से शराब की खेप को राज्य के अंदर लाने का प्रयास करते रहते हैं।

इस ताजा मामले में ग्रामीणों की सतर्कता ने पुलिस की मदद की। यदि ग्रामीणों ने समय रहते पुलिस को सूचना नहीं दी होती, तो संभवतः यह शराब की खेप किसी अन्य मार्ग से निकल जाती या दुर्घटना के बाद तस्कर मौके से फरार होकर सबूत मिटाने का प्रयास करते। बहादुरगंज थाना पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह पांच लाख रुपये की विदेशी शराब कहां से लाई जा रही थी और इसकी अंतिम मंजिल कहां थी। साथ ही, इस तस्करी के पीछे कौन से लोग या नेटवर्क शामिल हैं, इसका भी पता लगाया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाओं से शराब तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलती है। कार की नंबर प्लेट, वाहन के दस्तावेज और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल, पुलिस ने कार और शराब को जब्त कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। यह घटना एक बार फिर किशनगंज जिले में शराब तस्करी के सक्रिय नेटवर्क की ओर ध्यान आकर्षित करती है और प्रशासन के लिए इसे रोकने की चुनौती को रेखांकित करती है।