कोरबा में गरमाया कोयला घोटाला व प्रदूषण का मुद्दा: ACB ग्रुप के खिलाफ भारतीय जनाधिकार पार्टी का बड़ा प्रदर्शन

ACB ग्रुप, उससे जुड़ी कोलवाशरियों, रिजेक्ट कोल आधारित पावर प्लांटों, कोयला लिंकेज और पर्यावरण प्रदूषण समेत SECL से जुड़ी गंभीर शिकायतों पर ठोस कार्रवाई न होने के विरोध में 30 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनाधिकार पार्टी (छत्तीसगढ़) ने कोरबा कलेक्टर कार्यालय के समक्ष जोरदार और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के अंत में पार्टी पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच, CBI जांच और संयुक्त विशेष जांच दल (SIT) के गठन की प्रमुख मांग की गई।
जांच और पारदर्शी रिकॉर्ड की मांग
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पार्टी के अध्यक्ष एवं संयोजक दीपक दुबे ने कहा:
”ACB ग्रुप और उसके कोलवाशरों व पावर प्लांटों को लेकर लंबे समय से केंद्रीय व राज्य स्तरीय नियामक संस्थाओं में शिकायतें की जा रही हैं। स्वीकृत क्षमता, कोयला लिंकेज से प्राप्त कोयले का वास्तविक उपयोग, रिजेक्ट कोल व मिडलिंग्स का हिसाब और Material Balance का ऑडिट होना बेहद जरूरी है। जिस कोलवाशरी से रिजेक्ट कोल निकलता है और जिस पावर प्लांट में उसके उपयोग का दावा किया जाता है, उनके रिकॉर्ड्स का आमने-सामने मिलान आखिर क्यों नहीं कराया जा रहा?”
किसान श्रमिक नेता कमल साव ने कहा कि बार-बार अभ्यावेदन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। केवल पत्राचार के बजाय वास्तविक जांच और उसके निष्कर्ष सार्वजनिक होने चाहिए।
प्रमुख नेताओं के वक्तव्य व जांच के बिंदु
युवा मोर्चा प्रदेश संयोजक संजय रत्नाकर एवं महामंत्री शैलेन्द्र गोपाल ने कहा कि जांच में मुख्य रूप से कोलवाशरियों की स्वीकृत क्षमता बनाम वास्तविक उत्पादन, उच्च गुणवत्ता वाले लिंकेज कोयले की खपत, रिजेक्ट कोल के उपयोग, पावर प्लांटों के ईंधन मिश्रण और ग्रिड इंजेक्शन का मिलान शामिल होना चाहिए। साथ ही, जल व वायु प्रदूषण, फ्लाई ऐश और स्लरी प्रबंधन की वैज्ञानिक जांच की जाए।
जिला संयोजक दिनेश यादव एवं जिलाध्यक्ष सूरजभान दास बैरागी ने मांग की कि Coal Controller Organisation (CCO), SECL, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, खान एवं भूविज्ञान विभाग तथा जिला प्रशासन की संयुक्त टीम बनाकर भौतिक सत्यापन और स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिट कराया जाए।
प्रदेश उपाध्यक्ष विन्देश सिंह राठौर एवं प्रदेश सचिव मुकेश भारतीय ने बताया कि पूर्व में 23 सितंबर को बिलासपुर आंदोलन में की गई घोषणा के तहत, यदि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती तो केंद्रीय मंत्रियों का विरोध किया जाएगा। इसी कड़ी में 3 नवंबर 2026 को राज्य स्थापना दिवस के समापन अवसर पर रायपुर आ रहे केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का काले झंडे दिखाकर लोकतांत्रिक विरोध किया जाएगा।
प्रवक्ता कृष्णा टंडन ने कहा कि जिस परिसर में भारी मात्रा में अवैध कोयला जब्त हुआ था, वहां सरकार की मेहरबानी समझ से परे है। उन्होंने MCCPL, रतिजा कोलवाशरी और बंधाखार 1×300 MW पावर प्लांट के अभिलेखों का संपूर्ण फोरेंसिक ऑडिट तथा दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
अनुसूचित जाति प्रदेश संयोजक हेमंत पैगवार ने कहा कि कोरबा देश का प्रमुख कोयला व ऊर्जा क्षेत्र है; यहां संसाधनों और पर्यावरण से जुड़े हर मामले में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है।
उपस्थिति
धरना-प्रदर्शन में प्रभु कश्यप, पुष्पेंद्र यादव, गंगा प्रसाद, संतोष कुमार, बजरंग रत्नाकर, शिव कुमार, छतराम यादव, सुनील कुमार, खिलेश्वर कश्यप, भीम यादव, संतोष यादव, अजय सूर्यवंशी, संतोष बेरेट, सूरज दास महंत, सुनील कंवर, प्रमोद मरकाम, तरुण कश्यप, किरण कवर, सरोज सारथी, रजत पैग्वर, सतीश कुमार, आशीष पैगवार, गीतेश कुमार और अनुराग पैगवार सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

