कोरबा: निर्माणाधीन मकान से 3 लाख की चोरी का खुलासा, 3 सगे भाइयों समेत 6 गिरफ्तार

वन्दे भारत न्यूज़, कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में चोरी की बढ़ती वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोतवाली पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक निर्माणाधीन मकान से इलेक्ट्रॉनिक और प्लंबिंग का सामान चोरी करने वाले तीन सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। इन तीनों आरोपियों के साथ ही पुलिस ने चोरी का माल खरीदने वाले तीन दुकानदारों को भी हिरासत में लिया है। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने लगभग तीन लाख रुपये मूल्य का चोरी का सामान बरामद किया है। यह घटनाक्रम कोरबा जिले में चोरी की वारदातों और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क पर एक बड़ी चोट माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोरबा जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक निर्माणाधीन मकान से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और प्लंबिंग के सामान की चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पीड़ित ने बताया कि उनके बन रहे मकान में लगाया गया महंगा इलेक्ट्रॉनिक और प्लंबिंग सामान अचानक गायब हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने कोतवाली पुलिस को त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने अपनी टीम बनाकर घटनास्थल का मुआयना किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की।
पुलिस की तकनीकी जांच और मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर संदेह के दायरे में आए तीन युवकों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान तीनों युवकों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि ये तीनों आरोपी सगे भाई हैं, जो मिलकर चोरी की इस वारदात को अंजाम देते थे। इन तीनों भाइयों ने पुलिस को बताया कि वे रात के अंधेरे का फायदा उठाकर निर्माणाधीन मकानों और ऐसी जगहों को निशाना बनाते थे, जहां सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होती थी या कोई चौकीदार नहीं होता था।
आरोपियों ने चोरी किए गए सामान को ठिकाने लगाने के लिए एक सुनियोजित तरीका अपनाया हुआ था। उन्होंने चोरी के इलेक्ट्रॉनिक और प्लंबिंग सामान को बाजार में औने-पौने दामों पर बेच दिया था। पुलिस ने जब आरोपियों से यह जानकारी हासिल की, तो उन्होंने चोरी का माल खरीदने वालों की तलाश तेज कर दी। जांच के क्रम में पुलिस ने उन तीन दुकानदारों की पहचान कर ली, जिन्होंने आरोपी भाइयों से चोरी का सामान खरीदा था। पुलिस ने तीनों दुकानदारों को भी गिरफ्तार कर लिया है। इन दुकानदारों पर चोरी का माल जानबूझकर खरीदने और अपराधियों की मदद करने का मामला दर्ज किया गया है।
कोतवाली पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई के दौरान तीनों आरोपी भाइयों और तीन दुकानदारों के पास से कुल मिलाकर लगभग तीन लाख रुपये मूल्य का चोरी का सामान बरामद किया है। बरामद किए गए सामान में विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, तार, स्विच और प्लंबिंग से जुड़े महंगे फिटिंग्स शामिल हैं। पुलिस ने बरामद सामान को जब्त कर लिया है और उसे पीड़ित को वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस सफल कार्रवाई के संबंध में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन में जिले भर में चोरों और चोरी का माल खरीदने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कोतवाली पुलिस की इस सफलता से अन्य थानों की पुलिस टीमों का भी मनोबल बढ़ा है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने निर्माणाधीन मकानों और दुकानों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।
इसके साथ ही पुलिस ने व्यापारियों और दुकानदारों को भी चेतावनी दी है कि वे बिना बिल और संदिग्ध परिस्थितियों में किसी भी व्यक्ति से सस्ता सामान न खरीदें। यदि कोई व्यक्ति चोरी का सामान खरीदता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी भारतीय न्याय संहिता के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चोरी का माल खरीदना भी एक संगीन अपराध है और ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
गिरफ्तार किए गए सभी छह आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इन तीनों सगे भाइयों ने जिले में पहले भी कोई अन्य चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। इस मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस द्वारा अन्य संभावित कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है। कोरबा पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई से जिले में सक्रिय चोरों और चोरी का माल खरीदने वाले फेंस (Fence) नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।

