कटिहार: चलती अवध-असम एक्सप्रेस में गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ी, मिसकैरेज की आशंका के बीच RPF की ‘मेरी सहेली’ टीम ने बचाई जान

बिहार के कटिहार जिले से एक मानवीय संवेदना और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की तत्परता का बेहतरीन उदाहरण सामने आया है। कटिहार रेलवे स्टेशन पर तैनात RPF की विशेष ‘मेरी सहेली’ टीम ने समय रहते कार्रवाई करते हुए एक गर्भवती महिला की जान बचा ली। यह घटना अवध-असम एक्सप्रेस ट्रेन में उस वक्त हुई, जब यात्रा के दौरान अचानक महिला की तबीयत बिगड़ गई और उसे ब्लीडिंग शुरू हो गई। स्थिति इतनी गंभीर थी कि मिसकैरेज (गर्भपात) की आशंका उत्पन्न हो गई थी। सूचना मिलते ही RPF की महिला कर्मियों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और पीड़िता को सुरक्षित ट्रेन से उतारकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल महिला का इलाज कटिहार सदर अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अवध-असम एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग पर दौड़ रही थी। इसी दौरान ट्रेन में सफर कर रही एक गर्भवती महिला की अचानक तबीयत खराब होने लगी। शुरुआत में महिला को पेट में तेज दर्द हुआ, जिसके कुछ ही देर बाद उसे ब्लीडिंग शुरू हो गई। चलती ट्रेन में किसी गर्भवती महिला के साथ ऐसी चिकित्सीय आपात स्थिति पैदा होना बेहद चिंताजनक था। सहयात्रियों ने जब महिला की गंभीर हालत देखी, तो वे भी घबरा गए। ब्लीडिंग लगातार बढ़ रही थी और हर गुजरते मिनट के साथ मिसकैरेज का खतरा गहराता जा रहा था। ऐसे नाजुक मौके पर तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक था, अन्यथा मां और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
इस आपातकालीन स्थिति की जानकारी जैसे ही ट्रेन के माध्यम से कटिहार रेलवे स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों को दी गई, वहां तैनात RPF की ‘मेरी सहेली’ टीम तुरंत सक्रिय हो गई। भारतीय रेलवे द्वारा महिला यात्रियों की सुरक्षा और सहायता के लिए शुरू की गई ‘मेरी सहेली’ पहल का मुख्य उद्देश्य ही ट्रेनों और स्टेशनों पर महिलाओं को हर संभव मदद मुहैया कराना है। कटिहार स्टेशन पर इस टीम ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए पूरी तैयारी के साथ अवध-असम एक्सप्रेस के आगमन का इंतजार किया। जैसे ही ट्रेन कटिहार स्टेशन पर रुकी, RPF की महिला कर्मियों ने बिना किसी देरी के संबंधित कोच में पहुंचकर गर्भवती महिला का हाल जाना।
RPF की ‘मेरी सहेली’ टीम ने अत्यंत संवेदनशीलता और पेशेवर तरीके से काम लिया। उन्होंने सबसे पहले घबराई हुई महिला को सांत्वना दी और उसे हिम्मत बंधाई। इसके बाद टीम ने त्वरित गति से एंबुलेंस और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की। महिला को स्ट्रेचर या कुर्सियों की मदद से सुरक्षित तरीके से ट्रेन से नीचे उतारा गया। स्टेशन पर मौजूद अन्य रेलवे कर्मचारियों ने भी इस राहत कार्य में पूरा सहयोग दिया। RPF जवानों ने यह सुनिश्चित किया कि महिला को प्लेटफॉर्म से बाहर निकालकर सीधे वाहन तक पहुंचाने में कोई अनावश्यक देरी न हो। समय की पाबंदी और सही दिशा में किए गए प्रयासों ने इस मामले में अहम भूमिका निभाई।
स्टेशन से निकाले जाने के तुरंत बाद गर्भवती महिला को कटिहार सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर वहां मौजूद डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों ने महिला की प्राथमिक जांच की और तुरंत इलाज शुरू किया। बताया जा रहा है कि मिसकैरेज की आशंका को देखते हुए चिकित्सकों ने विशेष सावधानी बरती है। वर्तमान में महिला का इलाज कटिहार सदर अस्पताल में जारी है। अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक महिला की सटीक चिकित्सीय स्थिति या गर्भ में पल रहे बच्चे की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तृत आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है, लेकिन यह पुष्टि हुई है कि उसे समय पर अस्पताल पहुंचा दिया गया था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
रेलवे सुरक्षा बल की ‘मेरी सहेली’ टीम के इस सराहनीय कार्य की हर तरफ प्रशंसा हो रही है। भारतीय रेलवे ने महिला यात्रियों को सुरक्षित और निर्भय महसूस कराने के लिए देश भर के प्रमुख स्टेशनों और ट्रेनों में ‘मेरी सहेली’ अभियान चला रखा है। इस अभियान के तहत महिला RPF कर्मी ट्रेनों में गश्त करती हैं, अकेले सफर कर रही महिलाओं से बातचीत करती हैं और उन्हें हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देती हैं। कटिहार स्टेशन पर हुई यह घटना इस बात का प्रमाण है कि यह योजना जमीनी स्तर पर कितनी कारगर साबित हो रही है। यदि ‘मेरी सहेली’ टीम समय पर सक्रिय नहीं होती, तो चलती ट्रेन में ब्लीडिंग से पीड़ित उस गर्भवती महिला की जान को भारी खतरा हो सकता था।
कटिहार रेलवे स्टेशन एक व्यस्त जंक्शन है, जहां से पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें गुजरती हैं। अवध-असम एक्सप्रेस भी इसी मार्ग की एक प्रमुख ट्रेन है, जिसमें प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में ट्रेनों के दौरान चिकित्सीय आपात स्थितियां उत्पन्न होना असामान्य नहीं है, लेकिन RPF और रेलवे प्रशासन की तत्परता ही यात्रियों की जान बचाने में सबसे बड़ा हथियार साबित होती है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि रेलवे सुरक्षा बल के जवान केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि मानवीय सेवा में भी हमेशा अग्रणी रहते हैं। फिलहाल, कटिहार सदर अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिला के स्वास्थ्य लाभ की कामना की जा रही है और चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।

