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Fri, Oct 9, 2026Updated 7:44 AM IST
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कटिहार रेलवे स्टेशन पर RPF महिला सब-इंस्पेक्टर की तत्परता से बची यात्री की जान, हार्ट अटैक के बाद दिया CPR

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बिहार के कटिहार जिले में स्थित कटिहार रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को एक बेहद संवेदनशील और राहत भरी घटना सामने आई है। यहाँ तैनात रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की एक महिला सब-इंस्पेक्टर ने अपनी असाधारण तत्परता, सूझबूझ और चिकित्सीय जानकारी का परिचय देते हुए एक यात्री की जान बचा ली। यह यात्री चितपुर एक्सप्रेस ट्रेन से सफर कर रहा था और जोगबनी जा रहा था। स्टेशन पर अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे हार्ट अटैक आ गया, जिसके बाद वह प्लेटफॉर्म पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। इस दौरान RPF महिला सब-इंस्पेक्टर ने बिना समय गँवाए यात्री को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिसेसिटेशन) तकनीक दी, जिससे उसकी जान बच सकी।

घटना की विस्तृत जानकारी के अनुसार, पीड़ित यात्री का नाम तेजन मंडल बताया गया है। तेजन मंडल चितपुर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर जोगबनी की ओर जा रहे थे। सफर के दौरान जब ट्रेन कटिहार रेलवे स्टेशन पर रुकी, तो इसी बीच अचानक तेजन मंडल की तबीयत बहुत खराब हो गई। उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया और वह ट्रेन से उतरकर स्टेशन परिसर में ही बेहोश होकर गिर पड़े। किसी भी व्यक्ति के लिए हार्ट अटैक की स्थिति अत्यंत गंभीर होती है और ऐसे में यदि कुछ ही मिनटों के भीतर सही प्राथमिक उपचार न मिले, तो जान जाने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है।

जैसे ही तेजन मंडल के बेहोश होकर गिरने की सूचना कटिहार रेलवे स्टेशन पर मौजूद रेलवे सुरक्षा बल के कर्मियों को मिली, वहां तैनात RPF की महिला सब-इंस्पेक्टर तुरंत मौके पर पहुँचीं। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बिल्कुल भी देरी नहीं की। महिला सब-इंस्पेक्टर ने तत्काल प्रभाव से यात्री तेजन मंडल को सीपीआर (CPR) देना शुरू किया। सीपीआर एक ऐसी आपातकालीन जीवनरक्षक तकनीक है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति की साँसें या दिल की धड़कन अचानक रुक जाती है। सही तरीके और सही समय पर दिए गए सीपीआर ने तेजन मंडल की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभाई। महिला सब-इंस्पेक्टर की इस फुर्ती और तत्परता की वजह से ही यात्री की हालत में सुधार आ सका और उनकी जान बच पाई।

रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी जान की हिफाजत करना भी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की जिम्मेदारियों में शामिल होता है। हालांकि, हर बार इस तरह की चिकित्सीय आपात स्थिति से निपटना आसान नहीं होता। कटिहार रेलवे स्टेशन पर हुई इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि RPF कर्मियों को दी जाने वाली प्राथमिक उपचार और आपातकालीन प्रबंधन की ट्रेनिंग कितनी महत्वपूर्ण है। महिला सब-इंस्पेक्टर द्वारा दिखाई गई तत्परता न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का प्रमाण है, बल्कि यह रेलवे सुरक्षा बल की कार्यप्रणाली और उनके कर्मियों की क्षमता को भी दर्शाता है।

स्रोत के मुताबिक, तेजन मंडल चितपुर एक्सप्रेस से जोगबनी जा रहे थे। जोगबनी भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित एक महत्वपूर्ण शहर है और इस मार्ग पर नियमित रूप से भारी संख्या में यात्री सफर करते हैं। कटिहार रेलवे स्टेशन उत्तर-पूर्वी रेलवे का एक प्रमुख जंक्शन है, जहाँ से कई राज्यों के लिए ट्रेनें गुजरती हैं। इतने व्यस्त और बड़े स्टेशन पर इस प्रकार की चिकित्सीय आपात स्थिति में RPF कर्मियों की त्वरित कार्रवाई वास्तव में सराहनीय है।

रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को अक्सर विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लंबी दूरी की यात्रा, थकान, पहले से मौजूद बीमारियां या फिर यात्रा के दौरान होने वाला तनाव कई बार हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थितियों को जन्म दे सकता है। ऐसे में रेलवे स्टेशनों पर तैनात सुरक्षा कर्मियों का प्राथमिक उपचार के प्रति सजग और प्रशिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है। कटिहार की इस घटना में महिला सब-इंस्पेक्टर ने ठीक वैसा ही व्यवहार किया, जैसी अपेक्षा एक जिम्मेदार सुरक्षाकर्मी से की जाती है।

इस पूरी घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि हार्ट अटैक आने और यात्री के बेहोश होने के बाद जो ‘गोल्डन आवर्स’ या स्वर्णिम मिनट होते हैं, उनका सदुपयोग किया गया। यदि महिला सब-इंस्पेक्टर ने सीपीआर देने में थोड़ी भी देरी की होती, तो परिणाम कुछ और भी हो सकते थे। लेकिन उनकी फुर्ती और सही तकनीक के इस्तेमाल ने एक परिवार को बड़ा नुकसान होने से बचा लिया।

यह घटना गुरुवार को सामने आई और इसके बाद से कटिहार रेलवे स्टेशन पर RPF महिला सब-इंस्पेक्टर की काफी प्रशंसा हो रही है। यात्रियों और रेलवे अधिकारियों ने उनकी इस तत्परता को एक अनुकरणीय उदाहरण बताया है। हालांकि, स्रोत में यात्री तेजन मंडल की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति या उन्हें बाद में किस अस्पताल में भर्ती कराया गया, इस बारे में कोई अतिरिक्त विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इतना तय है कि प्राथमिक स्तर पर दी गई मदद ने उनकी जान बचाने में सबसे बड़ा योगदान दिया।

रेलवे सुरक्षा बल लगातार अपने कर्मियों को यात्रियों की मदद के लिए प्रशिक्षित करता है। कटिहार रेलवे स्टेशन पर RPF महिला सब-इंस्पेक्टर द्वारा तेजन मंडल को सीपीआर देकर बचाए जाने की यह घटना इस बात का जीवंत प्रमाण है कि सही प्रशिक्षण और तत्परता से किसी भी आपात स्थिति में जीवन रक्षा संभव है।