Fri, 06 Nov 202610:30 PM
Fri, Nov 6, 2026Updated 10:30 PM IST
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कुचेना-कुसमुंडा टीपर मार्ग पर हुआ दर्दनाक हादसा, बुधवार सुबह करीब 8:00 बजे की घटना।

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जिले के कुसमुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुचेना बाईपास टीपर मार्ग पर बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में युवक और युवती की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, क्योंकि यह हादसा प्रशासनिक अनदेखी और अधूरे इंतजामों का सीधा परिणाम है।

​कैसे हुआ हादसा?

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8:00 बजे इस व्यस्त टीपर मार्ग पर एक स्कूटी और बाइक के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार अनियंत्रित होकर सड़क पर गुजर रहे भारी ट्रेलर के पहियों के नीचे आ गया, वहीं स्कूटी सवार युवती भी गंभीर रूप से जख्मी होकर सड़क पर जा गिरी। दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही कुसमुंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर शिनाख्त की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

​कुचेना बाईपास और अंडरब्रिज मरम्मत कार्य: जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही और कमियां

​इस दर्दनाक हादसे ने क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों और प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। कुछ दिनों पहले ही गेवरा-कुसमुंडा को जोड़ने वाले मुख्य रेलवे अंडरब्रिज को मरम्मत कार्य के लिए अचानक बंद कर दिया गया था। इसके बाद से यातायात का पूरा दबाव कुचेना बाईपास और टीपर मार्ग पर आ गया है।

​इस वैकल्पिक और भारी वाहनों (कोल ट्रांसपोर्टिंग और हेवी ट्रेलर्स) वाले मार्ग पर सुरक्षा के भारी अभाव के कारण लगातार खतरे की स्थिति बनी हुई है, जिसकी प्रमुख कमियां निम्नलिखित हैं:

​लक्ष्मण पुल के पास ब्रेकर की सख्त जरूरत: कुचेना बाईपास मार्ग पर लक्ष्मण पुल के पास और नाले के समीप वाहनों की गति बेकाबू रहती है। यहां लंबे समय से एक स्पीड ब्रेकर की अत्यंत आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि तेज रफ्तार वाहन नियंत्रित रह सकें। ब्रेकर न होने के कारण वाहन चालक बेखौफ होकर अपनी गाड़ियां दौड़ाते हैं, जो इस बड़े हादसे का एक मुख्य कारण बना।

​भारी वाहनों का बेकाबू दबाव और डायवर्जन की अव्यवस्था: बिना किसी गति सीमा (Speed Limit) या सुचारू ट्रैफिक नियंत्रण के भारी वाहनों और आम दोपहिया चालकों को एक ही संकरे मार्ग से गुजरना पड़ रहा है।
​संकेतकों (Signage) और पुलिस बल की कमी: बाईपास और डायवर्जन वाले रास्तों पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही ट्रैफिक पुलिस के जवान तैनात हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

​अधूरे व सुस्त निर्माण कार्य: अंडरब्रिज का मरम्मत कार्य किस गति से चल रहा है और कब तक पूरा होगा, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी जनता को नहीं दी जा रही है।
​जनता का फूटा गुस्सा, उठ रही हैं सख्त मांगें
​स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और राहगीरों का कहना है कि प्रशासन और प्रबंधन को इस बात का अंदेशा था कि अंडरब्रिज बंद होने से कुचेना टीपर मार्ग पर भारी दबाव बढ़ेगा, इसके बावजूद सुरक्षा के कोई ठोस उपाय नहीं किए गए।