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Sat, Oct 10, 2026Updated 10:38 AM IST
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मैहर: तीन दिन से लापता 86 वर्षीय वृद्धा का शव टमस नदी में मिला, घर से नाराज होकर निकली थीं महिला

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मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। जिले के तिलौरा गांव से पिछले तीन दिनों से लापता 86 वर्षीय वृद्धा लीला कुशवाहा का शव शुक्रवार शाम को टमस नदी में बरामद किया गया है। वृद्धा सात अक्टूबर को अपने घर से नाराज होकर निकली थीं, जिसके बाद से वे वापस नहीं लौटी थीं। परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों द्वारा लगातार तीन दिनों तक उनकी तलाश की गई, लेकिन इस खोज का अंत एक दुखद परिणाम के साथ हुआ। इस घटना से पूरे तिलौरा गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैहर जिले के तिलौरा गांव की रहने वाली 86 वर्षीय लीला कुशवाहा बुधवार, सात अक्टूबर को अपने घर से निकली थीं। बताया जा रहा है कि वे किसी बात से नाराज होकर घर छोड़कर गई थीं। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी वे वापस नहीं लौटीं, तो उनके परिजनों को चिंता होने लगी। शाम ढलने पर जब उनका कहीं कोई पता नहीं चला, तो परिवार के सदस्यों ने आसपास के इलाकों में उनकी तलाश शुरू कर दी। रात भर चली खोजबीन के बाद भी जब वृद्धा का कोई सुराग नहीं लगा, तो परिजनों की घबराहट और बढ़ गई।

अगले दिन गुरुवार को परिजनों ने स्थानीय लोगों की मदद से तिलौरा गांव और उसके आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान चलाया। गांव वालों ने खेतों, खलिहानों, जंगलों और संभावित सभी रास्तों पर जाकर लीला कुशवाहा को खोजने का प्रयास किया। हालांकि, दूसरे दिन भी उन्हें कोई सफलता हाथ नहीं लगी। 86 वर्ष की उम्र को देखते हुए परिजन इस बात को लेकर अत्यधिक चिंतित थे कि बुजुर्ग महिला इतनी दूर कैसे जा सकती हैं और क्या वे सुरक्षित हैं। तीसरे दिन शुक्रवार को भी तलाशी अभियान जारी रखा गया, जिसमें आसपास के कई गांवों के लोगों ने भी सहयोग किया।

तीन दिनों की थका देने वाली और निराशाजनक खोज के बाद, शुक्रवार शाम को एक दुखद सूचना मिली। तिलौरा गांव के पास से बहने वाली टमस नदी में एक शव देखा गया। यह जानकारी मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। जब परिजनों और ग्रामीणों ने नदी में जाकर देखा, तो उन्होंने पुष्टि की कि यह शव तीन दिन से लापता लीला कुशवाहा का ही है। शव मिलने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। जो लोग पिछले तीन दिनों से वृद्धा के सकुशल वापस आने की उम्मीद लगाए बैठे थे, उनके लिए यह खबर किसी बड़े आघात से कम नहीं थी।

टमस नदी मैहर जिले की एक प्रमुख नदी है, जो इस क्षेत्र से होकर बहती है। बारिश के मौसम या पानी के बहाव के दौरान इस नदी का जलस्तर बदलता रहता है। वृद्धा का शव इसी नदी में पाया गया है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि लीला कुशवाहा नदी में कैसे गिरीं या क्या उन्होंने खुद नदी में छलांग लगाई। चूंकि वे घर से नाराज होकर निकली थीं, इसलिए इस पहलू पर भी विचार किया जा रहा है, लेकिन पुलिस और प्रशासन की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि मृत्यु का सटीक कारण क्या है। शव को नदी से बाहर निकालने के बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया।

इस पूरे मामले में सबसे अधिक ध्यान देने योग्य बात यह है कि 86 वर्ष की आयु में वृद्धा का घर से नाराज होकर निकलना और फिर तीन दिन तक लापता रहना, ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों की देखभाल और उनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कई सवाल खड़े करता है। अक्सर देखा जाता है कि बुजुर्गों को परिवार में उपेक्षा का सामना करना पड़ता है या छोटी-छोटी बातों पर वे मानसिक रूप से आहत हो जाते हैं, जिसके परिणाम कभी-कभी ऐसे दुखद रूप ले लेते हैं। लीला कुशवाहा किस बात से नाराज थीं और उनके घर से निकलने का मुख्य कारण क्या था, इसकी पूरी जानकारी अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।

मैहर जिले के तिलौरा गांव में इस घटना के बाद से मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि लीला कुशवाहा एक शांत स्वभाव की महिला थीं। उनके अचानक इस तरह लापता होना और फिर नदी में शव मिलना पूरे गांव के लिए सदमे की बात है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में बुजुर्गों की तलाश के लिए और अधिक तेजी से कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

शुक्रवार शाम को शव मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा आदि की औपचारिक कार्रवाई पूरी की। वृद्धा के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि वे पिछले तीन दिनों से बिना खाए-पिए अपनी बुजुर्ग मां को खोज रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। इस घटना ने एक बार फिर समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बुजुर्गों के प्रति हमारी जिम्मेदारियां क्या हैं और उनके भावनात्मक तथा मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना कितना आवश्यक है। मैहर जिले की यह घटना स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है और लोगों में गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है।