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महाराष्ट्र के यवतमाल जिले सूखाग्रस्त क्षेत्रों में महिला बचत समूहों और माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की कर्ज वसूली रोकने की मांग!

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महाराष्ट्र के यवतमाल जिले सूखाग्रस्त क्षेत्रों में महिला बचत समूहों और माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की कर्ज वसूली रोकने की मांग!

महिलाओं ने तहसीलदार मयूर राठोड को सौंपा ज्ञापन; वसूली जारी रहने पर तहसील कार्यालय पर मोर्चा निकालने की चेतावनी

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले दिग्रस, यवतमाल : महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के दिग्रस तहसील क्षेत्र में सूखे जैसी स्थिति के कारण किसान और खेतिहर मजदूर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। रोजगार की कमी के चलते लोगों को काम नहीं मिल रहा है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है। इस स्थिति को देखते हुए महिला बचत समूहों की सदस्यों ने बचत समूहों तथा माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की कर्ज वसूली अस्थायी रूप से रोकने की मांग की है। इस संबंध में महिलाओं ने तहसीलदार मयूर राठोड को ज्ञापन सौंपा।

‘कर्ज चुकाने के लिए तैयार हैं, लेकिन फिलहाल आर्थिक स्थिति ठीक नहीं’

महिलाओं का कहना है कि उन्हें बचत समूहों या माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की कर्ज की किस्तें चुकाने में कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने जो कर्ज लिया है, उसे वापस करने के लिए वे तैयार हैं। लेकिन सूखे जैसी स्थिति, रोजगार की कमी और किसानों व खेतिहर मजदूरों की खराब आर्थिक स्थिति के कारण फिलहाल किस्तें चुकाना संभव नहीं हो पा रहा है।

काम नहीं मिलने के कारण घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में महिलाओं ने मांग की है कि आर्थिक स्थिति सामान्य होने तक कर्ज की किस्तों की वसूली अस्थायी रूप से रोक दी जाए और परिस्थितियां सुधरने के बाद उन्हें कर्ज चुकाने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए।

वसूली नहीं रुकी तो तहसील कार्यालय पर निकाला जाएगा मोर्चा

महिलाओं ने मांग की है कि सूखे जैसी गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए बचत समूहों और माइक्रोफाइनेंस कंपनियों को कर्ज की किस्तों की वसूली अस्थायी रूप से रोकनी चाहिए।

महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और वसूली जारी रही, तो दिग्रस तहसील कार्यालय पर मोर्चा निकाला जाएगा।

आर्थिक संकट से जूझ रही महिलाओं को राहत मिले और उनकी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संबंधित प्रशासन तथा वित्तीय संस्थाएं उचित निर्णय लें, ऐसी अपेक्षा महिलाओं ने ज्ञापन के माध्यम से व्यक्त की है।