Fri, 09 Oct 202611:42 AM
Fri, Oct 9, 2026Updated 11:42 AM IST
होम › मध्य प्रदेश

मंदसौर में सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन स्थगित: नगर पालिका अध्यक्ष की समझाइश के बाद 11 मांगों पर बनी सहमति, कर्मचारी लौटे काम पर

WhatsAppFacebookX

मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पिछले कई दिनों से चल रहा सफाई कर्मचारियों का आंदोलन अंततः गुरुवार रात को स्थगित हो गया। नगर पालिका अध्यक्ष और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की गई लगातार समझाइश के बाद सफाई कर्मचारियों ने अपना प्रदर्शन वापस लेने का निर्णय लिया है। इस दौरान कर्मचारियों की कुल 11 मांगों पर सहमति बनने के बाद उन्होंने पुनः अपने कार्य पर लौटने की घोषणा की। यह आंदोलन 19 सितंबर से शहर के गांधी चौराहे पर चल रहा था, जिसके कारण नगर निगम क्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई थी।

जानकारी के अनुसार, मंदसौर शहर के प्रमुख गांधी चौराहे पर 19 सितंबर से सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। इन कर्मचारियों ने अपनी सेवा शर्तों, वेतन और अन्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ था। लगातार कई दिनों तक चले इस प्रदर्शन के कारण शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा था, जिससे आम नागरिकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सड़कों पर कचरे के ढेर लगने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका भी बढ़ गई थी, जिसे देखते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हस्तक्षेप किया।

आंदोलन को समाप्त कराने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत वार्ता की। गुरुवार को देर रात तक चली इस बैठक में दोनों पक्षों के बीच गहन चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, नगर पालिका की ओर से कर्मचारियों की 11 प्रमुख मांगों पर सहमति बनाई गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन 11 मांगों का विस्तृत ब्यौरा या उनकी विशिष्ट प्रकृति स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है, लेकिन यह माना जा रहा है कि ये मांगें कर्मचारियों के कार्यस्थल की स्थिति, उनके नियमित भुगतान और अन्य सेवा शर्तों से संबंधित थीं। नगर पालिका अध्यक्ष की ओर से दिए गए आश्वासनों और लिखित सहमति के आधार पर कर्मचारियों ने अपना आंदोलन स्थगित करने का फैसला लिया।

सहमति बनने के तुरंत बाद, गुरुवार रात को ही सफाई कर्मचारियों ने गांधी चौराहे से अपना धरना समाप्त कर दिया और शुक्रवार से अपने नियमित कार्यों पर लौटने की बात कही। कर्मचारियों के काम पर लौटने के निर्णय से नगर पालिका प्रशासन ने राहत की सांस ली है। अब उम्मीद की जा रही है कि शहर में साफ-सफाई का कार्य फिर से सामान्य रूप से शुरू हो जाएगा और जल्द ही सड़कों व मोहल्लों में जमा कचरे को हटाकर स्वच्छता बहाल कर दी जाएगी।

बता दें कि सफाई कर्मचारियों का यह आंदोलन 19 सितंबर को शुरू हुआ था और गुरुवार रात तक चला। इस अवधि के दौरान नगर पालिका अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। प्रशासन की ओर से बार-बार अपील की जा रही थी कि कर्मचारी वार्ता के माध्यम से अपने मुद्दों का समाधान निकालें और शहर की सफाई व्यवस्था को बाधित न करें। अंततः नगर पालिका अध्यक्ष के व्यक्तिगत हस्तक्षेप और समझाइश का सकारात्मक परिणाम निकला, जिससे गतिरोध टूट सका।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर नगर निकायों में सफाई कर्मचारियों की कार्यस्थितियों और उनकी मांगों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। शहर की स्वच्छता बनाए रखने में सफाई कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, और जब वे अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरते हैं तो उसका सीधा प्रभाव आम जनजीवन पर पड़ता है। मंदसौर में 19 सितंबर से शुरू हुए इस आंदोलन ने भी यही संदेश दिया कि कर्मचारियों की समस्याओं का समय रहते समाधान न होने पर शहर की बुनियादी सेवाएं कैसे प्रभावित हो सकती हैं।

वहीं, नगर पालिका प्रशासन की ओर से जो 11 मांगों पर सहमति बनी है, उसके क्रियान्वयन पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं। कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि नगर पालिका द्वारा किए गए वादों और बनी सहमति का समयबद्ध तरीके से पालन नहीं किया गया, तो उन्हें पुनः आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ सकता है। फिलहाल, गुरुवार रात को आंदोलन स्थगित होने के बाद मंदसौर शहर में शांति का माहौल है और प्रशासन सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुट गया है। यह देखना होगा कि नगर पालिका अध्यक्ष और अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासनों का जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से और किस तरह से पालन होता है। वंदे भारत न्यूज़ इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।